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IIT मद्रास की बड़ी उपलब्धि, देश की पहली सिंगल सेल ओमिक्स ट्रांसलेशनल रिसर्च लैब बनाई

IIT मद्रास ने भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) के साथ 'सिंगल सेल ओमिक्स ट्रांसलेशनल रिसर्च लेबोरेटरी' स्थापित के लिए साझेदारी की है.

Translational Research Lab
सिंगल सेल ओमिक्स ट्रांसलेशनल रिसर्च लैब की स्थापना (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : November 17, 2025 at 7:36 PM IST

4 Min Read
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चेन्नई: इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) मद्रास ने सोमवार को देश की पहली 'सिंगल सेल ओमिक्स ट्रांसलेशनल (SCOT) रिसर्च लेबोरेटरी' स्थापित की. इसके लिए IIT मद्रास ने भारतीय रेलवे वित्त निगम (IRFC) के साथ साझेदारी की है.

परिसर में सोमवार को उद्घाटन की गई यह रिसर्च लेबोरेटरी भारत के सटीक हेल्थ सर्विस इको सिस्टम आगे बढ़ाने की दिशा में एक अग्रणी कदम है. इस पहल का उद्देश्य पब्लिक हेल्थ उन्नति के लिए इंजीनियरिंग और चिकित्सा को जोड़ना है.

अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित, SCOT लैब कैंसर, हार्ट रोग, इंफेक्शन, सूजन, मेटाबॉलिक और अन्य नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज सहित विभिन्न रोगों में शीघ्र निदान, रोग निदान, बायोमार्कर डिस्कवरी और ड्रग स्क्रीनिंग की सुविधा प्रदान करेगी.

Translational Research Lab
सिंगल सेल ओमिक्स ट्रांसलेशनल रिसर्च लैब की स्थापना (ETV Bharat)

10 करोड़ से अधिक की सहायता
IRFC इस प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 10.83 करोड़ रुपये का कॉर्पोरेट सोशल रेस्पांसिबलिटी (CSR) ग्रांट दे रहा है. यह प्रयोगशाला आईआईटी मद्रास के मेडिकल साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग (DMST) में स्थित होगी. इस सुविधा का उद्देश्य सिंगल-सेल बायोलॉजी, ड्रग डिस्कवरी, बायोमार्कर पहचान और ट्रांसलेशनल हेल्थ सर्विस इनोवेशन में रिसर्च को गति प्रदान करना है.

इस अत्याधुनिक सुविधा का शुभारंभ IIT मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी कामकोटि, रेल मंत्रालय की सदस्य उषा वेणुगोपाल, IRFC के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दुबे, आईआईटी मद्रास के डीन (पूर्व छात्र एवं कॉर्पोरेट संबंध) प्रो. अश्विन महालिंगम, आईआईटी मद्रास के डीएमएसटी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर बॉबी जॉर्ज, आईआईटी मद्रास के डीएमएसटी विभाग के प्रो कृष्ण कुमार, डीएमएसटी विभाग की ओर से इस परियोजना को कोर्डिनेट कर रहे प्रोफेसर अनुपमा राजन और अन्य हितधारकों की उपस्थिति में किया गया.

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सिंगल सेल ओमिक्स ट्रांसलेशनल रिसर्च लैब की स्थापना (ETV Bharat)

'मेक इन इंडिया' को गति देने पर जोर
हेल्थ सर्विस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 'मेक इन इंडिया' को गति देने और ऐसी सुविधाओं की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए आईआईटी मद्रास के निदेशक, प्रोफेसर वी कामकोटि ने कहा, "IRFC के साथ हमारा सहयोग औषधि खोज और सटीक चिकित्सा के क्षेत्र में भारत की यात्रा को गति देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. आईआईटी मद्रास इंजीनियरिंग और चिकित्सा विज्ञान के इंटिग्रेशन में अग्रणी रहा है और यह अत्याधुनिक SCOT अनुसंधान प्रयोगशाला प्रारंभिक निदान, लक्षित चिकित्सा और अगली पीढ़ी के हेल्थ सर्विस इनोवेशन में भारत की क्षमताओं के लिए समाधान विकसित करने की हमारी क्षमता को बहुत बढ़ाएगी."

बेहतर स्वास्थ्य परिणामों में योगदान
प्रयोगशाला से उच्च-प्रभावी परिणामों की आशा करते हुए रेल मंत्रालय की सदस्य उषा वेणुगोपाल ने कहा, "एससीओटी अनुसंधान प्रयोगशाला का उद्घाटन चिकित्सा अनुसंधान में मज़बूत क्षमताओं के निर्माण की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है. आईआरएफसी के सीएसआर वित्तपोषण के माध्यम से प्रदान की गई सहायता उन अध्ययनों में सहायक होगी, जिनमें शीघ्र निदान में सुधार और बेहतर उपचार विकसित करने की क्षमता है. यह सहयोग दर्शाता है कि कैसे संस्थान बड़े राष्ट्रीय लक्ष्यों के लिए मिलकर काम कर सकते हैं. मुझे आशा है कि यह सुविधा आने वाले वर्षों में ज्ञान, इनोवेशन और बेहतर स्वास्थ्य परिणामों में योगदान देगी."

IRFC और IIT मद्रास के बीच यह सहयोग अभूतपूर्व कोशिकीय स्तर पर रोगों को डिकोड करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है, जो व्यक्तिगत उपचार रणनीतियों और अगली पीढ़ी के उपचारों का मार्ग प्रशस्त करता है.

Translational Research Lab
सिंगल सेल ओमिक्स ट्रांसलेशनल रिसर्च लैब की स्थापना (ETV Bharat)

IRFC को उनके उदार योगदान के लिए धन्यवाद देते हुए आईआईटी मद्रास के चिकित्सा विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की प्रो अनुबामा राजन ने कहा, "भारत को ऐसे रिसर्च मंचों की आवश्यकता है जो आणविक अंतर्दृष्टि को सीधे नैदानिक ​​प्रभाव से जोड़ सकें. आईआरएफसी के साथ साझेदारी में स्थापित एससीओटी अनुसंधान प्रयोगशाला के साथ अब हमारे पास सिंगल-सेल रेजूलेशन पर रोगों का अध्ययन करने, दवा खोज में तेजी लाने और अपने रोगियों के अनुरूप शीघ्र पहचान और सटीक चिकित्सा रणनीतियां विकसित करने की क्षमता है."

उन्होंने कहा कि यह साझेदारी एक राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र भी बनाती है, जो भारत के अगली पीढ़ी के अनुवादात्मक अनुसंधान इको सिस्टम के निर्माण के लिए मेडिकल, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को एक साथ लाती है.

आईआरएफसी आईआईटी मद्रास के साथ साझेदारी करने पर गर्व
इसके अलावा आईआरएफसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मनोज कुमार दुबे ने कहा, "आईआरएफसी को SCOT की स्थापना में आईआईटी मद्रास के साथ साझेदारी करने पर गर्व है. हमारा 10 करोड़ रुपये का सीएसआर योगदान अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने और भारत के स्वास्थ्य सेवा नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए आईआरएफसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है."

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