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बिहार में अब कोई छात्र नहीं कहलाएगा 'फेल', सम्राट सरकार ने मार्कशीट के लिए चुना नया नाम
बिहार में बच्चों की मार्कशीट पर अब 'फेल' नहीं लिखा जाएगा. शिक्षा मंत्री ने शब्द को बदलने का निर्देश दिया. पटना से कृष्णनंदन की रिपोर्ट.

Published : August 28, 2026 at 12:57 PM IST
पटना: बिहार में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा में अपेक्षित अंक हासिल नहीं कर पाने वाले विद्यार्थियों की मार्कशीट पर अब 'फेल' शब्द नहीं लिखा जाएगा. शिक्षा विभाग इसके लिए मौजूदा नियमों में बदलाव करने की तैयारी कर रहा है. शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि 'फेल' की जगह प्रमाण पत्र पर 'कौशल के लिए पात्र' शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा.
क्यों बदला गया 'फेल' शब्द: इसके लिए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को जल्द ही आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे. शिक्षा मंत्री ने कहा कि परीक्षा में कम अंक आने का मतलब यह नहीं है कि विद्यार्थी की प्रतिभा समाप्त हो गई है. बच्चों के मनोबल को बनाए रखना जरूरी है, इसलिए प्रमाण पत्र पर ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, जिससे उनके आत्मविश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़े.
बच्चों की क्षमताओं और कौशल को भी महत्व: शिक्षा मंत्री ने गुरुवार रात विकास भवन स्थित मदन मोहन सभागार में विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के प्रदर्शन को केवल परीक्षा के परिणाम के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए.
"बच्चों की क्षमताओं और कौशल को भी महत्व देने की जरूरत है. इसी सोच के तहत प्रमाण पत्र में 'फेल' शब्द के स्थान पर सकारात्मक शब्दावली अपनाने का निर्णय लिया जा रहा है."-मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री
विशेष कक्षाएं होंगी संचालित: शिक्षा मंत्री ने बैठक में मैट्रिक की पूरक परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए. ऐसे विद्यार्थियों के लिए एक महीने तक विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी, ताकि उन्हें परीक्षा की बेहतर तैयारी का अवसर मिल सके और वह दोबारा परीक्षा में सफलता हासिल कर सकें.
'शिक्षक सहयोग पोर्टल' की शुरुआत: बैठक में आगामी 5 सितंबर को श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित होने वाले शिक्षक दिवस समारोह की तैयारियों की भी समीक्षा की गई. समारोह का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे. इस दौरान दोनों उप मुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री 'शिक्षक सहयोग पोर्टल' की शुरुआत करेंगे. इसके माध्यम से शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं और जरूरतों के समाधान की दिशा में काम किया जाएगा. शिक्षक दिवस समारोह में बिहार के प्रत्येक जिले से चयनित एक-एक शिक्षक को राजकीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा.
समारोह में विद्यार्थी आमंत्रित: समारोह में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में चयनित पटना के 10 मॉडल स्कूलों के विद्यार्थियों को भी आमंत्रित किया जाएगा. इसके अलावा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान यानी डायट, एससीईआरटी और विभिन्न शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों से जुड़े शिक्षकों को भी कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा.
विभागीय कार्यों में तेजी लाने का निर्देश: समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री ने बिहार शिक्षा परियोजना परिषद समेत विभाग के विभिन्न संस्थानों और इकाइयों के आय-व्यय की भी जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और विभागीय कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए.
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