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जब-जब दहकी दुनिया, तब-तब सहमा बाजार: जानें, ईरान संकट से पहले कब-कब डूबे निवेशकों के पैसे

1990 के खाड़ी युद्ध से लेकर 2026 के ईरान संकट तक, भू-राजनीतिक तनाव ने हमेशा सेंसेक्स और निफ्टी की चाल बिगाड़ी है.

Market crashes in India
सांकेतिक तस्वीर. (IANS)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : March 3, 2026 at 4:38 PM IST

4 Min Read
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हैदराबादः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध की आहट ने भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है. युद्ध शुरू होने के बाद सोमवार, 2 मार्च को निवेशकों के बीच मची अफरातफरी के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 1 प्रतिशत से अधिक टूटकर बंद हुए. बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी और विदेशी फंडों की लगातार निकासी को माना जा रहा है.

बाजार में मची चीख-पुकार

कारोबार की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही. 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2,743.46 अंक यानी 3.37 प्रतिशत तक गोता लगा गया, जिससे यह 78,543.73 के स्तर पर पहुंच गया था. हालांकि, बाद में कुछ रिकवरी हुई, लेकिन अंत में यह 1,048.34 अंक (1.29%) गिरकर 80,238.85 पर बंद हुआ.

इसी तरह, NSE निफ्टी में भी भारी बिकवाली देखी गई. इंट्रा-डे ट्रेड के दौरान निफ्टी 575.15 अंक (2.28%) टूटकर 24,603.50 तक गिर गया था. कारोबार के अंत में यह 312.95 अंक (1.24%) की गिरावट के साथ 24,865.70 के स्तर पर बंद हुआ.

शेयर बाजार में गिरावट की कहानी सिर्फ आज की नहीं है. 1990 के खाड़ी युद्ध से लेकर 2026 के ईरान संकट तक, भू-राजनीतिक तनाव ने हमेशा सेंसेक्स और निफ्टी की चाल बिगाड़ी है. आइए देखते हैं उन प्रमुख मौकों को जब बड़े वैश्विक कारणों से मार्केट ने गोता लगाया.

सेंसेक्स में आयी गिरावट

DateOpenCloseLoss%बाजार गिरने के कारण
2 जनवरी 19911027.38999.26-49.03-4.68खाड़ी युद्ध (1990–91), एक अंतरराष्ट्रीय लड़ाई थी जो 2 अगस्त, 1990 को इराक के कुवैत पर हमले से शुरू हुई थी.
20 मई 19994130.334079.45-44.13-1.07

कारगिल युद्ध (03 मई से 02 अगस्त 1999)


27 मई 19993963.763862.45-110.8-2.79
28 मई 19993805.443773.32-89.13-2.31
11 सितंबर 2001 3189.093150.4-33.23-1.04वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला
13 दिसंबर 20013412.593388.59-23.56-0.69संसद पर हमला
24 मार्च 033216.073140.36-78.37-2.43इराक पर अमेरिकी आक्रमण
22 फरवरी 201118390.7218296.16-142.15-0.77लीबियाई गृहयुद्ध
15 मार्च 201118113.7918167.64-271.84-1.47सीरियाई गृहयुद्ध
29 सितंबर 201628423.1427827.53-465.28-1.64उरी हमले (18 सितंबर, 2016) के जवाब में भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की।
24 फरवरी 202255418.4554529.91-2702.15-4.72यूक्रेन पर रूसी आक्रमण
26 अक्टूबर 202363774.1663148.15-900.91-1.41इज़राइल-हमास युद्ध
24 अप्रैल 202580058.4379801.43-315.06-0.39भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति (पहलगाम, कश्मीर में आतंकी हमले के बाद)
9 मई 202578968.3479454.47-880.34-1.10ऑपरेशन सिंदूर (भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव)


Nifty-50

DateOpenCloseLoss%Reasons
20 मई 199911811166.9-13.34-1.13

कारगिल युद्ध

27 मई 19991132.851091.45-44.05-3.88
28 मई 199910881081.5-9.95-0.91
11 सितंबर 20011033.351023.4-10-0.97वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला
13 दिसंबर 20011107.751098.75-8.9-0.8संसद पर हमला
22 फरवरी 20115504.45437.35-31.85-0.58लीबियाई गृहयुद्ध
15 मार्च 201154205449.65-81.85-1.48सीरिया गृहयुद्ध
29 सितंबर 201628423.1427827.53-465.28-1.64उरी हमला (18 सितंबर, 2016) के जवाब में भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक की.
24 मार्च 20231037.151013.9-23.25-2.24इराक पर अमेरिकी आक्रमण
26 अक्टूबर 202319027.2518857.25-264.9-1.39इज़राइल-हमास युद्ध
25 अप्रैल 20252428924039.35-207.35-0.86भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति (पहलगाम, कश्मीर में आतंकी हमले के बाद)
9 मई 202523935.7524008-265.8-1.10ऑपरेशन सिंदूर (भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव)

सेंसेक्स और निफ्टी 50 क्या है

शेयर बाजार की चाल को समझने के लिए सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) दो सबसे महत्वपूर्ण मानक हैं. सेंसेक्स, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक है, जो देश की 30 सबसे बड़ी और आर्थिक रूप से मजबूत कंपनियों के शेयरों के प्रदर्शन को दर्शाता है. वहीं, निफ्टी 50, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का सूचकांक है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की 50 प्रमुख कंपनियां शामिल होती हैं.

सरल शब्दों में कहें तो, यदि इन दोनों सूचकांकों के आंकड़े गिर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि देश की सबसे बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली हो रही है और बाजार का भरोसा डगमगाया हुआ है. युद्ध जैसे संकट के समय इन्हीं 'ब्लू-चिप' कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की जाती है.

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