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Budget 2026: बिजली संकट से जूझ रहे पावरलूम बुनकर, केंद्रीय 50% सोलर सब्सिडी की मांग

तमिलनाडु के पावरलूम बुनकरों ने केंद्रीय बजट 2026 में सोलर पैनल स्थापना पर 50 प्रतिशत सब्सिडी की मांग की है ताकि बिजली खर्च कम हो.

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सांकेतिक फोटो (ani)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 21, 2026 at 1:24 PM IST

3 Min Read
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कोयंबटूर (तमिलनाडु): केंद्रीय बजट 2026 से पहले तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में पावरलूम उद्योग से जुड़े श्रमिकों की चिंताएं सामने आई हैं. कोयंबटूर के एक पावरलूम बुनकर भोजूपति ने कहा है कि लगातार बढ़ती लागत और कम आय के कारण पावरलूम क्षेत्र गंभीर संकट से गुजर रहा है. उन्होंने केंद्र सरकार से आगामी बजट में इस उद्योग को बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.

भोजूपति के अनुसार, तमिलनाडु में पांच लाख से अधिक पावरलूम संचालित हो रहे हैं, जबकि पूरे देश में इनकी संख्या 25 लाख से ज्यादा है. उन्होंने बताया कि तिरुप्पुर और कोयंबटूर जिलों में करीब दो लाख पावरलूम मजदूरी आधारित प्रणाली पर चलते हैं. बीते कुछ वर्षों से पर्याप्त आय न होने के कारण बड़ी संख्या में बुनकर अपनी पारंपरिक आजीविका छोड़कर अन्य कामों की ओर मजबूर हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि वेतन में लंबे समय से संशोधन नहीं हुआ है, वहीं बिजली दरों में बार-बार बढ़ोतरी और कच्चे माल की कीमतों में इजाफा हुआ है. इन सभी कारणों से पावरलूम क्षेत्र में काम करने वालों को या तो बहुत कम मुनाफा हो रहा है या फिर घाटा उठाना पड़ रहा है.

भोजूपति ने बताया कि पावरलूम संघों ने आगामी केंद्रीय बजट में सौर ऊर्जा को लेकर विशेष प्रावधान की मांग की है. उनकी मांग है कि पावरलूम इकाइयों में सोलर पैनल लगाने के लिए कम से कम 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाए. उन्होंने कहा कि एक पावरलूम शेड में लगभग 12 किलोवाट तक बिजली की खपत होती है और इतनी क्षमता के सोलर पैनल लगाने में पांच लाख रुपये से अधिक का खर्च आता है, जिसे छोटे बुनकर स्वयं वहन नहीं कर सकते.

उनका मानना है कि अगर केंद्र सरकार 50 प्रतिशत सब्सिडी देकर सोलर पैनल लगाने में मदद करे, तो पावरलूम उद्योग को अगले 15 वर्षों तक स्थिर रखा जा सकता है. उन्होंने बताया कि यह मांग पिछले महीने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंपे गए ज्ञापन में भी रखी जा चुकी है.

वर्तमान में तमिलनाडु सरकार साधारण पावरलूम को दो महीने में 1,000 यूनिट मुफ्त बिजली देती है. अब पावरलूम क्षेत्र को उम्मीद है कि केंद्रीय बजट 2026 में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किया जाएगा.

उधर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र 2026 को मंजूरी दे दी है. यह सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा. पावरलूम उद्योग से जुड़े लाखों श्रमिकों की निगाहें अब इस बजट पर टिकी हुई हैं. फायदा होगा.

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