बजट 2026 : प्रमुख बिंदुओं पर एक नजर, आंकड़ों में लेखा-जोखा
वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 के सारांश. संक्षेप में पढ़ें बजट के मुख्य बिंदु.
बजट के प्रमुख बिंदु (ETV Bharat)

Published : February 1, 2026 at 2:58 PM IST
नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 पेश किया. वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार के वित्तीय प्रस्तावों को प्रभावी करने के लिए वित्त विधेयक 2026 पेश किया.
इससे पहले उन्होंने आगामी वित्त वर्ष के लिए सरकार की अनुमानित प्राप्तियों और व्यय का विवरण पेश करते हुए बजट भाषण दिया और केंद्रीय बजट सदन में प्रस्तुत किया. सीतारमण का बजट भाषण करीब एक घंटा 25 मिनट चला. इस बजट भाषण के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं.




- आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं.
- वायदा एवं विकल्प (एफ एंड ओ) सौदों पर लगने वाले प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) को बढ़ाकर क्रमशः 0.05 प्रतिशत और 0.15 प्रतिशत किया गया.
- विदेशी पर्यटन पैकेज की बिक्री पर ‘स्रोत पर कर संग्रह’ (टीसीएस) की दर को दो प्रतिशत किया गया.
- उदारीकृत धनप्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत विदेश में शिक्षा और चिकित्सा खर्च पर टीसीएस को भी दो प्रतिशत किया गया.
- नया आयकर अधिनियम, 2025 इस साल एक अप्रैल से लागू होगा, नियम और फॉर्म जल्द जारी होंगे.
- बिना ऑडिट वाले व्यवसायों के लिए आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की तारीख अगस्त 31 तक बढ़ाई गई.
- विदेशी कंपनियों को भारत के डेटा सेंटर से वैश्विक सेवाएं प्रदान करने पर 2047 तक मिलेगा ‘कर अवकाश.’
- वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य, जो वित्त वर्ष 2025-26 के 4.4 प्रतिशत से कम है.
- जीडीपी में ऋण का अनुपात 56.1 प्रतिशत से घटाकर 55.6 प्रतिशत किया गया.
- वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल बजट का आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये.
- सरकारी पूंजीगत व्यय को 11.11 लाख करोड़ से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया.
- राज्यों को कर हिस्सेदारी के रूप में 1.4 लाख करोड़ रुपये आवंटित.
- शुद्ध कर संग्रह 28.7 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान.
- सकल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान.
- सुधारों के ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के तहत 350 से अधिक सुधार लागू.
- एसएमई के लिए 10,000 करोड़ रुपये का वृद्धि कोष बनाने का प्रस्ताव, भविष्य के चैंपियन बनाने का लक्ष्य.
- सीमाशुल्क के लिए विश्वास-आधारित प्रणाली, पूर्व-निर्धारित कर निर्णय (एडवांस रुलिंग) की वैधता अवधि पांच वर्ष तक बढ़ाई गई.
- सेवा क्षेत्र का योगदान वर्ष 2047 तक बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने के लिए उच्चस्तरीय के गठन का प्रस्ताव.
- युवा शक्ति संचालित बजट गरीब, शोषित व वंचित समुदायों पर विशेष ध्यान के सरकार के संकल्प पर जोर देता है
- कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट, जो तीन कर्तव्यों से प्रेरित है. बजट का ‘तीन कर्तव्य’ पर ध्यान, वृद्धि की रफ्तार तेज करना, आकांक्षाओं को पूरा करना, और सबका साथ, सबका विकास.
- पहला कर्तव्य है आर्थिक वृद्धि को तेज करना व बनाए रखना.
- दूसरा कर्तव्य है लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना.
- तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के विजन से जुड़ा है.
- नया आयकर अधिनियम, 2025; अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा, सरलीकृत आयकर नियम और फॉर्म जल्द ही अधिसूचित किए जाएगे.
- जुर्माना और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाने के लिए प्रक्रियाओं की गुणत्मकता को कम करना जरूरी.
- कुछ प्राथमिक सहकारी समितियों को प्राप्त रियायत को पशु खाद्य और कपास बीच तक विस्तारित किया जाएगा.
- 15.5 प्रतिशत साझा सेफ हार्बर मार्जिन के साथ सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं की एकल श्रेणी.
- आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर सुविधा हेतु 300 करोड़ रुपये की सीमा को बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये किया गया.
- विदेशी क्लाउड सेवा प्रदात्ता को 2047 तक टैक्स हॉलीडे दिया जाएगा.
- अनुमान आधार पर टैक्स देने वाले सभी अप्रवासियों को न्यूनतम वैकल्पिक टैक्स से छूट.
- कर निर्धारण वर्ष 2027-28 से आईसीडीएस पर आधारित पृथक लेखा जरूरत को समाप्त करने के लिए मंत्रालय इंडएएस को संशोधित करने हेतु संयुक्त समिति का गठन करेगा.
- वायदा सौदों पर एसटीटी को वर्तमान के 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया जाएगा.
- बैटरी के लिथियम आयन सेल के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले पूंजीगत वस्तओं को प्राप्त मूल सीमा शुल्क छूट को विस्तार दिया जाएगा.
- महत्वपूर्ण खनिज के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तु के आयात के सीमा शुल्क पर छूट दी जाएगी.
- व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात की जाने वाली वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा.
- 17 औषधियों या दवाओं पर मूल सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी.
- बायोफॉर्मा शक्ति, जिसका कुल परिव्यय 10,000 करोड़ रुपये है बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए इको-सिस्टम का निर्माण करेगी.
- भविष्य के चैम्पियन के रूप में एमएसएमई बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई विकास निधि का प्रस्ताव.
- सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बीई-2025-26 के 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया.
- पर्यावरण की दृष्टि से सतत यात्री प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए शहरों के बीच सात उच्च गति रेल गलियारे ‘वृद्धि परिवहन सम्पर्क’ के रूप में विकसित किए जाएंगे.
- भारतीय रचना प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई 15,000 उच्च माध्यमिक विद्यालयों तथा 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेट निर्माण लैब की स्थापना करेगा
- उच्च शिक्षा और एसटीईएम संस्थानों में छात्राओं की चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा.
- सरकार ने घोषणा करते हुए कहा कि आईआईएम की साझेदारी में, हाईब्रिड मोड में एक मानक, उच्च गुणवत्ता वाले 12-सप्ताह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के माध्यम से 20 पर्यटन स्थलों में 10,000 गाइड के कौशल का उन्नयन किया जाएगा.
- खेलो इंडिया मिशन अगले दशक में खेल क्षेत्र को परिवर्तित कर देगा.
- एक बहु-भाषी एआई उपकरण के रूप में भारत-विस्तार कृषि पोर्टलों और कृषि तौर-तरीकों पर आईसीएआर पैकेज को एआई प्रणालियों के साथ एकीकृत करेगा.
- विदेशी यात्रा पैकेज पर वर्तमान के 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है.
- सीमा शुल्क भंडार गृह रूपरेखा का बदलाव भंडार गृह संचालक केन्द्रित प्रणाली के किया जाएगा, जिसमें स्व-घोषणा, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और जोखिम आधारित लेखा की व्यवस्था होगी.
- वित्त वर्ष के अंत तक विभिन्न सरकारी एजेंसियों से कार्गो निकासी मंजूरियों को एकल और आपस में जुड़े डिजिटल विंडो के जरिए निर्बाध रूप से प्रसंस्कृत किया जाएगा.
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