टाटा पावर का महाप्लान: 2030 तक ₹1 लाख करोड़ रेवेन्यू और ₹10,000 करोड़ मुनाफे का रखा लक्ष्य
टाटा पावर 2030 तक ₹1 लाख करोड़ राजस्व और ₹10,000 करोड़ मुनाफे के लक्ष्य हेतु ओडिशा में 10GW सोलर प्लांट लगाएगी.

Published : July 7, 2026 at 5:26 PM IST
हैदराबाद: भारतीय ऊर्जा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी टाटा पावर ने साल 2030 तक अपने बिजनेस को एक नए स्तर पर ले जाने का मेगा प्लान तैयार किया है. कंपनी के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने सालाना आम बैठक (AGM) में घोषणा की है कि कंपनी 2030 तक ₹1 लाख करोड़ का राजस्व और ₹10,000 करोड़ का शुद्ध लाभ हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है.
वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में टाटा पावर का समेकित राजस्व ₹63,681 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹5,212 करोड़ रहा था. इस लिहाज से कंपनी अगले चार वर्षों में अपने मुनाफे को करीब दोगुना करने की तैयारी में है.
रणनीतिक विस्तार के मुख्य स्तंभ
1. ओडिशा में 10 GW का नया सोलर प्लांट
टाटा पावर देश में सौर ऊर्जा उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है. कंपनी ओडिशा में 10 GW की एक नई सौर उपकरण निर्माण परियोजना शुरू करने जा रही है, जिसमें सोलर इनगॉट्स (ingots) और वेफर्स का निर्माण होगा. वर्तमान में कंपनी के पास तिरुनेलवेली (तमिलनाडु) और बेंगलुरु को मिलाकर 4.9 GW की सोलर सेल और मॉड्यूल क्षमता है.
2. रिन्यूएबल एनर्जी (RE) पर सबसे बड़ा दांव
कंपनी का मुख्य ध्यान 'क्लीन एंड ग्रीन' एनर्जी पर है. वर्तमान में टाटा पावर का जनरेशन पोर्टफोलियो 26 GW को पार कर चुका है, जिसमें से 66% क्षमता पहले से ही स्वच्छ ऊर्जा की है. कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपनी कुल क्षमता को 30 GW तक पहुंचाना है, जिसमें अकेले 20 GW हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी का होगा.
3. न्यूक्लियर पावर और नई तकनीक में एंट्री
भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए टाटा पावर परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में कदम रखने के लिए पूरी तरह तैयार है. कंपनी विशेष रूप से SMRs तकनीक पर काम करने की योजना बना रही है. इसके साथ ही, कंपनी चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति के लिए बड़े पैमाने पर एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस का विस्तार कर रही है.
4. बिजली वितरण का निजीकरण
टाटा पावर वर्तमान में दिल्ली, मुंबई, अजमेर और ओडिशा के 7 डिस्कॉम के माध्यम से 1.31 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवा दे रही है. कंपनी का ओडिशा मॉडल बेहद सफल रहा है, जहां पांच साल के भीतर चारों बिजली वितरण कंपनियां मुनाफे में आ गई हैं और उन्होंने डिविडेंड देना शुरू कर दिया है. टाटा पावर अब अन्य राज्यों में भी डिस्कॉम निजीकरण के टेंडर्स में आक्रामक रूप से भाग लेगी.
यह भी पढ़ें- निवेशकों के लिए खुशखबरी! 1 अगस्त से स्टॉक एक्सचेंज के जरिए दोबारा शुरू होगा शेयर बायबैक, SEBI का बड़ा ऐलान

