अमेरिकी टैरिफ की नई आशंकाओं से शेयर बाजार दबाव में, सेंसेक्स-निफ्टी में शुरुआती गिरावट
सेंसेक्स 0.13 प्रतिशत गिरकर 84,073 के स्तर पर आ गया . वहीं, निफ्टी 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,850 पर कारोबार करता दिखा.

Published : January 9, 2026 at 9:47 AM IST
|Updated : January 9, 2026 at 9:56 AM IST
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान हल्की कमजोरी देखने को मिली. रूस प्रतिबंध अधिनियम के तहत भारतीय उत्पादों पर अमेरिका द्वारा 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की नई धमकियों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया. इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में कारोबार करते नजर आए.
सुबह 9:29 बजे तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 107 अंक या 0.13 प्रतिशत गिरकर 84,073 के स्तर पर आ गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 26 अंक या 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,850 पर कारोबार करता दिखा.
बेंचमार्क सूचकांकों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा दबाव रहा. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.29 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.84 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई . इससे साफ है कि छोटे और मझोले शेयरों में बिकवाली का दबाव अधिक रहा.
सेक्टोरल फ्रंट पर लगभग सभी सूचकांक लाल निशान में रहे. रियल्टी और मीडिया सेक्टर सबसे ज्यादा नुकसान में रहे. निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 2.14 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 1.34 प्रतिशत टूट गया. हालांकि आईटी और पीएसयू बैंक सेक्टर में अपेक्षाकृत मजबूती देखने को मिली और ये ही दो सेक्टर ऐसे रहे जो गिरावट से बचे रहे.
निफ्टी के प्रमुख शेयरों में ओएनजीसी और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) टॉप गेनर्स में शामिल रहे. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 25,700–25,750 के दायरे में है, जबकि 26,150–26,200 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है.
गौरतलब है कि गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस प्रतिबंध अधिनियम के तहत भारत पर लगभग 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने की संभावना जताए जाने के बाद बाजार में तेज गिरावट आई थी. निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरा और 263 अंकों की कमजोरी के साथ 25,876 पर बंद हुआ था. अब निवेशकों की नजर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर टिकी है, जिसमें ट्रंप टैरिफ की वैधता पर फैसला आने की उम्मीद है.
एशियाई बाजारों की बात करें तो सुबह के सत्र में मिलाजुला रुख देखने को मिला. चीन की महंगाई दर दिसंबर में लगभग तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशक सतर्क नजर आए. शंघाई इंडेक्स 0.3 प्रतिशत और शेनझेन 0.57 प्रतिशत चढ़ा, जापान का निक्केई 1.14 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.07 प्रतिशत फिसल गया. दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.69 प्रतिशत ऊपर रहा.
अमेरिकी बाजारों में गुरुवार रात मिला-जुला कारोबार देखने को मिला. नैस्डैक 0.44 प्रतिशत फिसला, जबकि एसएंडपी 500 में 0.01 प्रतिशत और डाओ जोंस में 0.55 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. एफआईआई-डीआईआई के आंकड़ों के मुताबिक, 8 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,367 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,701 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की.
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