यूएस-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से झूमा बाजार, सेंसेक्स 200 अंक ऊपर खुला
शांति समझौते की उम्मीद और मजबूत घरेलू नतीजों से भारतीय शेयर बाजार बढ़ा; सेंसेक्स 200 अंक उछलकर 78,782 पर खुला.

Published : August 6, 2026 at 10:14 AM IST
मुंबई: हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई. दुनिया भर के बाजारों में सकारात्मक माहौल और अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते की खबरों से घरेलू निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. इसके साथ ही कंपनियों के तिमाही नतीजों (Q1 Results) के बेहतर प्रदर्शन ने भी बाजार को सहारा दिया है.
बाजार की शुरुआत और मुख्य आंकड़े
बीएसई (BSE) सेंसेक्स आज सुबह 200 अंक यानी 0.25% की बढ़त के साथ 78,782.43 के स्तर पर खुला. एनएसई (NSE) निफ्टी भी 8 अंकों की मामूली तेजी के साथ 24,632.65 के स्तर पर खुला.
कौन से सेक्टर चमके और कहां रही गिरावट?
बाजार खुलते ही आईटी (IT), फार्मा (दवा), केमिकल्स और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली. इन सेक्टर के इंडेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 0.50% तक ऊपर चढ़ गए.
दूसरी तरफ, कुछ सेक्टरों में मुनाफावसूली भी देखी गई. सीमेंट, मेटल (धातु), ऑटोमोबाइल और रियल्टी (जमीन-जायदाद) से जुड़े शेयरों में 0.52% तक की गिरावट दर्ज की गई. निफ्टी की बड़ी कंपनियों में ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), एनटीपीसी (NTPC), पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस और टाटा स्टील के शेयरों में गिरावट रही.
तेजी की तीन बड़ी वजहें
अमेरिका-ईरान के बीच शांति की उम्मीद: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौता हो सकता है. इसके तहत ईरान को 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण मिल सकता है. इस खबर से दुनिया भर के बाजारों ने राहत की सांस ली है.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट: शांति की उम्मीदों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम घट गए हैं. ब्रेंट क्रूड 0.51% गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है. भारत के लिए कच्चे तेल का सस्ता होना बड़ी राहत की बात है, क्योंकि इससे देश का आयात खर्च घटता है.
घरेलू निवेशकों का मजबूत सहारा: बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बाजार से ₹943 करोड़ के शेयर बेचे थे. लेकिन भारतीय घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹2,883 करोड़ की भारी खरीदारी करके बाजार को गिरावट से बचा लिया.
विशेषज्ञों की राय
बाजार जानकारों का कहना है कि रिजर्व बैंक (RBI) की हालिया मौद्रिक नीति का बाजार पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है. ब्याज दरों में बदलाव न होने के बावजूद बैंकिंग और ऑटो सेक्टर अपनी मजबूत मांग के कारण अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. फार्मा और टेलीकॉम सेक्टर की कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजे शानदार रहे हैं, जिससे आगे भी बाजार में मजबूती बने रहने की उम्मीद है.
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