मार्केट क्लोजिंग: लाल निशान में बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 931 पॉइंट लुढ़का
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भू-राजनीतिक तनाव के चलते सेंसेक्स 931 अंक टूटकर बंद हुआ, जिससे पांच दिनों की तेजी थम गई.

Published : April 9, 2026 at 4:16 PM IST
|Updated : April 9, 2026 at 4:26 PM IST
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच दिनों से जारी बढ़त का सिलसिला गुरुवार को थम गया. कच्चे तेल की कीमतों में आई अचानक तेजी और अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों के उत्साह पर पानी फेर दिया. इस भारी बिकवाली के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भारी गिरावट के साथ बंद हुए.
बाजार का लेखा-जोखा
कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 931.25 अंक (1.20%) की बड़ी गिरावट के साथ 76,631.65 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 50 भी 222.25 अंक (0.93%) फिसलकर 23,775.10 पर आ गया. बाजार में इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 1.50 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है.

सेक्टर का हाल
आज के कारोबार में बैंकिंग शेयरों ने बाजार को सबसे ज्यादा नीचे खींचा. निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी बैंक इंडेक्स में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई. दिग्गज शेयरों में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) टॉप लूजर्स में शामिल रहे. हालांकि, बाजार की इस गिरावट के बावजूद मेटल और पावर सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखी गई, जिससे इंडेक्स को थोड़ा सहारा मिला.
रुपये में भी गिरावट
शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय रुपये की पांच दिनों की तेजी भी आज थम गई. एशियाई बाजारों में कमजोरी और विदेशी फंडों की निकासी के डर से रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर बंद हुआ. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में USD-INR 92.50 से 93.40 के दायरे में कारोबार कर सकता है.

गिरावट के मुख्य कारण
बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण रहे:
कच्चे तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर से $100 प्रति बैरल की ओर बढ़ने लगी हैं, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए मुद्रास्फीति का खतरा बढ़ गया है.
भू-राजनीतिक तनाव: ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ द्वारा अमेरिका और इजरायल के खिलाफ दिए गए कड़े बयानों ने युद्ध विराम की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है.

मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले पांच दिनों की लगातार तेजी के बाद, विशेषकर कल की 4% की रिकॉर्ड बढ़त के बाद, निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर बिकवाली कर मुनाफा कमाना बेहतर समझा.
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए अब 23,600 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट का काम करेगा. यदि निफ्टी इस स्तर से नीचे गिरता है, तो बाजार में और बड़ी गिरावट आ सकती है. वहीं, बाजार में फिर से तेजी लौटने के लिए निफ्टी का 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर टिकना अनिवार्य है.
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