भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 376 अंक टूटा, निफ्टी 26200 के नीचे
रिलायंस और ट्रेंट में तेज गिरावट से सेंसेक्स-निफ्टी लगातार दूसरे दिन लुढ़के, ऑयल एंड गैस सेक्टर सबसे कमजोर रहा.

Published : January 6, 2026 at 4:16 PM IST
मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज और ट्रेंट जैसे दिग्गज शेयरों में तेज बिकवाली के चलते मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ. बड़े स्टॉक्स में कमजोरी के कारण पूरे दिन बाजार का सेंटीमेंट दबाव में बना रहा.
कारोबार के अंत में निफ्टी 71.6 अंक या 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,178.70 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 376.28 अंक या 0.44 प्रतिशत फिसलकर 85,063.34 पर आ गया.

बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर टैरिफ से जुड़ी चिंताओं और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं के बीच भारतीय सूचकांक शॉर्ट-टर्म कंसोलिडेशन फेज में हैं. एक एनालिस्ट ने कहा कि निफ्टी फिलहाल 26,100–26,000 के अहम सपोर्ट ज़ोन से ऊपर बना हुआ है, जो 20-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) और एक महत्वपूर्ण साइकोलॉजिकल लेवल के करीब है.
हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर निफ्टी 26,000 के नीचे निर्णायक रूप से टूटता है, तो यह 25,900–25,800 के स्तर तक फिसल सकता है, खासकर तब जब ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट और कमजोर होता है.

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आठ महीने से अधिक समय की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट दर्ज की गई. स्टॉक दिन के दौरान 4 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया. ब्रोकरेज फर्म CLSA द्वारा रिलायंस को अपने इंडिया मॉडल पोर्टफोलियो से हटाने की रिपोर्ट के बाद शेयर पर भारी दबाव देखने को मिला.
वहीं, ट्रेंट के शेयरों में कंपनी के तीसरी तिमाही के बिज़नेस अपडेट के बाद लगभग 9 प्रतिशत की तेज गिरावट आई, जिससे निवेशकों में निराशा का माहौल बना .
रिलायंस और ट्रेंट के अलावा, कोटक महिंद्रा बैंक, ITC और HDFC बैंक भी सेंसेक्स के टॉप लूज़र्स में शामिल रहे. दूसरी ओर, ICICI बैंक, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज, हिंदुस्तान यूनिलीवर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसे शेयरों ने गिरावट को कुछ हद तक सीमित करने में मदद की.

ब्रॉडर मार्केट में भी कमजोरी दिखी . निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.19 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों की सतर्कता साफ झलकी
सेक्टोरल स्तर पर निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जो 1.75 प्रतिशत गिरा . मीडिया और केमिकल सेक्टर के शेयर भी दबाव में रहे . इसके उलट, हेल्थकेयर और फार्मा स्टॉक्स में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली और ये टॉप सेक्टोरल गेनर्स के रूप में उभरे .
इस बीच, चार दिनों की गिरावट के बाद भारतीय रुपये में मजबूती देखने को मिली, जिसे विदेशी बैंकों द्वारा डॉलर सप्लाई और विदेशी फंड्स से अस्थायी इनफ्लो का समर्थन मिला .
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