भारत बनेगा वर्ल्ड बैंक का रणनीतिक पार्टनर, वित्त मंत्री ने अजय बंगा से की अहम बैठक
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एशविले में विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा से मिलकर दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की

Published : September 2, 2026 at 11:43 AM IST
वाशिंगटन: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमेरिका के एशविले में आयोजित जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (FMCBG) की बैठक के दौरान विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा से मुलाकात की. इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत और विश्व बैंक के बीच रिश्तों को एक नई दिशा देने पर सहमति बनी. दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अब भारत और विश्व बैंक का रिश्ता केवल 'कर्ज लेने और देने' तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक रणनीतिक साझेदारी में बदलेगा, जहां दोनों मिलकर तकनीकी नवाचार और निजी निवेश को बढ़ावा देंगे.
बैठक की बड़ी बातें और मुख्य फैसले
स्थानीय बाजारों और शहरों का विकास: बैठक में भारत के कॉर्पोरेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और म्यूनिसिपल (नगर निगम) बॉन्ड बाजारों को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई. 'बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी' (MIGA) की मदद से अब शहरों के विकास के लिए निजी पूंजी जुटाना आसान होगा.
Union Minister for Finance & Corporate Affairs Smt. @nsitharaman met Mr. Ajay Banga, President @WorldBankGroup, on the sidelines of the G20 Finance Ministers and Central Bank Governors (FMCBG) Meeting, in Asheville, today.
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) September 1, 2026
The Union Finance Minister appreciated the World Bank… pic.twitter.com/zDJmNb62nG
छोटे उद्योगों (MSME) को राहत: वित्त मंत्री ने 'भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक' (SIDBI) के जरिए छोटे और मझोले उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) द्वारा रिकॉर्ड समय में दी गई आर्थिक मदद की सराहना की. इससे छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है.
1.5 अरब डॉलर की मदद: भारत सरकार ने विश्व बैंक द्वारा 1.5 अरब डॉलर के विकास नीति वित्तपोषण (DPF) को तेजी से मंजूरी देने के लिए आभार व्यक्त किया, जिससे देश के विकास कार्यों को गति मिलेगी.
ग्लोबल डीपीआई नॉलेज हब: भारत और विश्व बैंक मिलकर देश में एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) नॉलेज हब बनाने पर काम कर रहे हैं. इसका मुख्य उद्देश्य खेती और अन्य क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक व डिजिटल सिस्टम का फायदा आम लोगों तक पहुंचाना है.
विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल: नए समझौते के तहत भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन केंद्र विकसित किए जाएंगे. इसमें विश्व बैंक की संस्थाएं इंफ्रास्ट्रक्चर, लोन और निवेश के जरिए मदद करेंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
साझेदारी का नया दौर
विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने भारत के बुनियादी ढांचे और डिजिटल क्षेत्र में आए बड़े बदलावों की खुलकर तारीफ की. उन्होंने भरोसा दिया कि विश्व बैंक भारतीय कंपनियों को विदेशों में निवेश करने के लिए सुरक्षा और राजनीतिक जोखिम बीमा भी प्रदान करेगा. इस बैठक से साफ है कि भारत अब वैश्विक मंच पर सिर्फ एक कर्जदार देश नहीं, बल्कि दुनिया के सामने नए आइडिया और तकनीक पेश करने वाला एक मजबूत साझीदार बनकर उभरा है.
यह भी पढ़ें- Gold Silver Rate: सोने और चांदी के दामों में आई तगड़ी गिरावट, जानें आज खरीदने पर कितना होगा फायदा

