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शेयर बाजार की धमाकेदार शुरुआत; कच्चे तेल में उबाल के बावजूद सेंसेक्स 600 अंक उछला

वैश्विक तनाव और महंगे कच्चे तेल के बावजूद, आईटी शेयरों में आई बंपर खरीदारी से सेंसेक्स 600 अंक उछलकर 75,367 के पार पहुंच गया.

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सांकेतिक फोटो (getty image)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : June 1, 2026 at 10:02 AM IST

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मुंबई: दुनिया भर में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बाद भी आज भारतीय शेयर बाजार ने हफ्ते और नए महीने की शुरुआत बेहद शानदार ढंग से की है. सोमवार को बाजार खुलते ही निवेशकों ने जमकर खरीदारी की, जिससे दोनों मुख्य सूचकांक—सेंसेक्स और निफ्टी—लगभग 1 प्रतिशत तक मजबूत हो गए.

बाजार में आज सुबह से ही रौनक रही. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 600 अंकों की बड़ी छलांग लगाकर 75,367 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 185 अंक चढ़कर 23,733 पर कारोबार करता दिखा. अच्छी बात यह रही कि बाजार में उतार-चढ़ाव दिखाने वाला इंडेक्स 'इंडिया विक्स' (India VIX) 1% से ज्यादा नीचे आ गया. इसका मतलब है कि निवेशकों के मन से मंदी का डर अब कम हो रहा है.

आईटी कंपनियों ने बाजार को संभाला
आज की इस बड़ी तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ आईटी (IT) सेक्टर की कंपनियों का रहा. 'निफ्टी आईटी' इंडेक्स आज लगभग 2% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा. इसके अलावा मीडिया, मेटल और केमिकल क्षेत्र के शेयरों में भी अच्छी बढ़त देखी गई.

दूसरी तरफ, रोज़मर्रा का सामान बनाने वाली कंपनियों (FMCG) के शेयरों पर आज दबाव दिखा, जिससे यह इंडेक्स आधा प्रतिशत से ज्यादा टूट गया. दिग्गजों में हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) का शेयर 1.35% गिरा, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) का शेयर भी लगभग 1% नीचे आ गया. एनटीपीसी और टाटा कंज्यूमर के शेयरों में भी मामूली गिरावट रही.

अमेरिका-ईरान विवाद और महंगा होता तेल
यह तेजी ऐसे समय में आई है जब दुनिया में युद्ध का खतरा मंडरा रहा है. वीकेंड पर अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार और ड्रोन ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं. इस तनाव की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं. ब्रेंट क्रूड 2.63% बढ़कर $93.52 प्रति बैरल पर पहुंच गया है.

आमतौर पर भारत के लिए महंगा तेल नुकसानदेह माना जाता है क्योंकि हम बाहर से तेल खरीदते हैं. लेकिन आज भारतीय बाजार ने इस चिंता को पीछे छोड़ दिया. इसका मुख्य कारण एशिया के दूसरे बड़े बाजारों (जैसे जापान और हांगकांग) में आई 4% तक की भारी तेजी रही, जिसका सीधा फायदा भारतीय निवेशकों को भी मिला.

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