2030 तक SBI समेत भारत के तीन बैंक दुनिया के शीर्ष 10 बैंकों में होंगे शामिल !
एसबीआई चेयरमैन ने कहा कि बैंक ने 2030 तक बाजार पूंजीकरण के हिसाब से शीर्ष 10 बैंकों में शामिल होने का लक्ष्य रखा है.

Published : November 12, 2025 at 1:33 PM IST
मुंबई: एसबीआई समेत भारत के तीन बैंक 2030 तक बाजार पूंजीकरण के हिसाब से दुनिया के शीर्ष 10 बैंकों में शामिल हो सकते हैं. भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने हाल ही में यह बात कही. हालांकि HDFC Bank पहले भी दुनिया के शीर्ष 10 बैंकों में जगह बना चुका है. भविष्य में ICICI बैंक और एसबीआई भी इस समूह में शामिल हो सकते हैं.
एसबीआई चेयरमैन शेट्टी ने कहा कि देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक और दो अन्य निजी क्षेत्र के बैंक 2030 तक बाजार पूंजीकरण के हिसाब से दुनिया के शीर्ष 10 बैंकों में शामिल होंगे. बीते दिनों मुंबई में एसबीआई द्वारा आयोजित 12वें बैंकिंग और आर्थिक सम्मेलन के समापन के बाद पत्रकारों से बात हुए शेट्टी ने कहा कि SBI का बाजार पूंजीकरण 100 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है और भारत के दो अन्य निजी बैंक भी हैं जिनका मूल्यांकन काफी अच्छा है.
शेट्टी के मुताबिक, एसबीआई ने 100 लाख करोड़ रुपये के कारोबारी आंकड़े को पार करने के बाद 2030 तक खुद को दुनिया के शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान बैंकों में शामिल होने का लक्ष्य रखा है. चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा कि बैंक का लक्ष्य इसके मूल्य को और बढ़ाना है. उन्होंने कहा, "हो सकता है कि यह सिर्फ एसबीआई ही न हो. हमारे पास निजी क्षेत्र के दो बड़े बैंक हैं, जिनका बाजार पूंजीकरण काफी महत्वपूर्ण है. इसलिए, मुझे लगता है कि वे भी हमारे साथ आगे बढ़ेंगे."
शेट्टी ने दोहराया कि एसबीआई ने शुरुआत में 2030 तक बाजार पूंजीकरण के हिसाब से शीर्ष 10 बैंकों में शामिल होने का लक्ष्य रखा था.
वैश्विक स्तर पर 43वें स्थान पर भारत
भारत में एचडीएफसी बैंक 15.11 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ सबसे मूल्यवान है, उसके बाद आईसीआईसीआई बैंक 9.59 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ दूसरे स्थान पर है. एसबीआई का मूल्यांकन 8.82 लाख करोड़ रुपये है. एसबीआई संपत्ति के आकार के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा बैंक है, और वैश्विक स्तर पर 43वें स्थान पर है.
शेट्टी ने कहा कि बैंक का अपना लक्ष्य 15% का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीएआर) और 12% का कोर इक्विटी CET1 अनुपात बनाए रखना है. हम यह कहा सकते हैं कि सितंबर 2025 के अंत तक 14.62% के सीएआर और 11.47% के सीईटी-1 अनुपात के साथ, बैंक पहले ही अपने आंतरिक लक्ष्य के करीब पहुंच चुका है. उन्होंने कहा कि पूंजी अनुपात बढ़ाने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैंक के पास पर्याप्त रूप से उच्च पूंजी बफर हो.
एसबीआई ने 6 नवंबर को बाजार पूंजीकरण में 100 अरब डॉलर को पार कर लिया और एचडीएफसी बैंक, टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और आईसीआईसीआई बैंक जैसी संस्थाओं में शामिल हो गया.
दूसरी तिमाही में एसबीआई का शुद्ध लाभ बढ़ा
एसबीआई ने सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही में उम्मीद से बेहतर 10% की साल-दर-साल वृद्धि के साथ 20,160 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो खुदरा, कृषि और एमएसएमई (आरएएम) अग्रिमों में वृद्धि और तिमाही के दौरान यस बैंक में बैंक की हिस्सेदारी की बिक्री से प्राप्त लाभ के कारण हुआ. सितंबर 2025 तक बैंक का अग्रिम 44.20 लाख करोड़ रुपये और जमा 55.92 लाख करोड़ रुपये था.
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