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नहीं खरीदा रूसी तेल... रिलायंस की सफाई के बाद 5% गिरे शेयर, 1 लाख करोड़ का नुकसान

रिलायंस ने ब्लूमबर्ग की रूसी तेल के इंपोर्ट वाली खबर के दावे को पूरी तरह झूठा बताया. वहीं, मंगलवार को रिलायंस के शेयर 5% गिरे.

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मुकेश अंबानी (Photo- file)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 6, 2026 at 3:03 PM IST

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Updated : January 6, 2026 at 3:24 PM IST

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नई दिल्ली: देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के शेयरों में मंगलवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली. बीएसई पर कंपनी का शेयर 5% से ज्यादा टूटकर 1,497.05 रुपये तक आ गया. पिछले कारोबारी सत्र में यह शेयर 1,577.45 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि आज बाजार खुलते ही 1,575.55 रुपये पर ट्रेड शुरू हुआ. दिनभर बिकवाली का दबाव बना रहा और ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी तेज उछाल दर्ज किया गया. इस गिरावट के चलते रिलायंस का मार्केट कैप करीब 1 लाख करोड़ रुपये घट गया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई.

ब्लूमबर्ग रिपोर्ट पर रिलायंस का खंडन
मंगलवार को एक्स पर जारी एक बयान में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कहा कि, उसने लगभग तीन सप्ताह से कोई रूसी क्रूड तेल प्राप्त नहीं किया है और जनवरी में भी कोई डिलीवरी आने की उम्मीद नहीं है. कंपनी ने ब्लूमबर्ग की उस रिपोर्ट को गलत बताया जिसमें दावा किया गया था कि रूसी कच्चा तेल ले जा रहे तीन जहाज उसकी जामनगर रिफाइनरी जा रहे हैं. कंपनी ने रिपोर्ट को पूरी तरह से झूठ बताया.

SEZ रिफाइनरी में रूसी क्रूड बंद
रिलायंस ने 20 नवंबर 2025 को घोषणा की थी कि उसने अपने केवल-निर्यात (SEZ) रिफाइनरी में रूसी क्रूड का उपयोग रोक दिया है, ताकि यूरोपीय संघ के ऊर्जा प्रतिबंधों का पालन किया जा सके. इससे पहले Reliance भारत में रूसी तेल की सबसे बड़ी खरीदार थी, जिसे जामनगर के विशाल तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स में पेट्रोल और डीज़ल जैसे ईंधन में बदला जाता था.

जामनगर कॉम्प्लेक्स में दो रिफाइनरी हैं— एक SEZ यूनिट जो यूरोपीय संघ, अमेरिका और अन्य विदेशी बाजारों के लिए ईंधन निर्यात करती है, और एक पुरानी यूनिट जो मुख्यतः घरेलू बाजार को सप्लाई करती है .

यूरोपीय प्रतिबंधों के कारण कदम
यूरोपीय संघ ने रूस के ऊर्जा राजस्व को प्रभावित करने वाले व्यापक प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें रूसी क्रूड से बने ईंधन के आयात और बिक्री पर रोक शामिल है. इन प्रतिबंधों के पालन के लिए Reliance ने SEZ रिफाइनरी में रूसी क्रूड का उपयोग रोक दिया .

कंपनी ने Bloomberg रिपोर्ट का खंडन किया जिसमें कहा गया था कि "जामनगर रिफाइनरी के लिए तीन टैंकर रूसी तेल ले जा रहे हैं" . Reliance ने स्पष्ट किया कि पिछले तीन सप्ताह में कोई रूसी तेल नहीं आया और जनवरी में कोई डिलीवरी अपेक्षित नहीं है

भारत और रूस के तेल व्यापार का परिप्रेक्ष्य
Reliance इससे पहले भारत में शिप किए जाने वाले डिस्काउंटेड रूसी क्रूड का लगभग आधा हिस्सा खरीदती थी. यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूस का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बन गया था. पश्चिमी देशों ने आलोचना की थी कि तेल राजस्व रूस के युद्ध प्रयासों को वित्त पोषण करता है. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर भारत रूस से तेल की खरीद कम नहीं करता है, तो अमेरिका आयात शुल्क बढ़ा सकता है.

शेयर का प्रदर्शन
रिलायंस का शेयर मंगलवार को निफ्टी 50 इंडेक्स पर सबसे बड़ा ड्रैगर साबित हुआ. इंडेक्स की कुल 91 अंकों की गिरावट में से 72.5 अंकों की गिरावट अकेले रिलायंस के कारण आई. इसके बाद HDFC बैंक और ट्रेंट के शेयरों में कमजोरी देखी गई.

लंबी अवधि में स्थिति अब भी मजबूत
हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी ने 11.45% का मुनाफा दर्ज किया है और पिछले एक साल में शेयर 25.8% तक चढ़ा है. तकनीकी रूप से शेयर मिड से लॉन्ग टर्म एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के ऊपर बना हुआ है. Trendlyne के अनुसार, रिलायंस का RSI 59.8 है, जो न्यूट्रल जोन को दर्शाता है.

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Last Updated : January 6, 2026 at 3:24 PM IST