भारत में जल्द आएंगे प्लास्टिक के नोट, RBI गवर्नर ने बताया पूरा प्लान
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में प्लास्टिक यानी पॉलीमर के नए नोट जारी करने की तैयारी कर रहा है.

Published : August 5, 2026 at 5:16 PM IST
|Updated : August 5, 2026 at 5:33 PM IST
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एक बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि केंद्रीय बैंक वित्तीय वर्ष 2028 तक देश में पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोट चलाने की तैयारी कर रहा है. अभी इन नोटों का अलग-अलग शहरों में टेस्ट (फील्ड ट्रायल) चल रहा है. गवर्नर ने साफ किया कि जब तक इन नोटों की मजबूती पूरी तरह साबित नहीं हो जाती, तब तक इन्हें बड़े पैमाने पर बाजार में नहीं उतारा जाएगा.
शुरुआत में आएंगे ₹10 और ₹20 के नोट
हाल ही में सरकार ने संसद में बताया कि वित्त मंत्रालय ने इस टेस्ट के लिए आरबीआई को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत शुरुआती दौर में केवल 10 रुपये और 20 रुपये के नोट ही प्लास्टिक के बनाए जाएंगे. केंद्रीय बैंक इस ट्रायल के दौरान 10 रुपये के 1 अरब नोट और 20 रुपये के 1 अरब नोट यानी कुल 2 अरब प्लास्टिक के नोट बाजार में उतारेगा.
क्यों पड़ी प्लास्टिक नोटों की जरूरत?
भारत में अभी जो कागज के नोट चलते हैं, वे कपास और कपड़े के मिश्रण से बनते हैं. 10 और 20 रुपये के नोटों का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है, इसलिए वे जल्दी फट जाते हैं, गल जाते हैं या गंदे हो जाते हैं.
प्लास्टिक नोटों के सबसे बड़े फायदे इस प्रकार हैं:
- लंबी उम्र: ये नोट सामान्य कागजी नोटों के मुकाबले 2 से 4 गुना ज्यादा चलते हैं.
- खराब नहीं होते: ये नोट पूरी तरह वॉटरप्रूफ होते हैं. पानी, पसीने या मिट्टी से ये खराब नहीं होते.
- कम लागत: शुरुआत में इन्हें छापने में खर्च ज्यादा आता है, लेकिन लंबे समय में नोट बदलने का खर्च बच जाता है.
नकली नोटों पर लगेगी लगाम
प्लास्टिक के नोटों की नकल करना लगभग नामुमकिन होता है. इन नोटों में एक पारदर्शी खिड़की जैसी खास सुरक्षा तकनीक होती है. इसके अलावा इसमें कुछ ऐसे सुरक्षा फीचर्स जोड़े जा सकते हैं जिन्हें आम प्रिंटर से नहीं छापा जा सकता. इससे देश में नकली नोटों के धंधे पर पूरी तरह रोक लग जाएगी.
क्या पुराने कागजी नोट बंद हो जाएंगे?
सरकार और आरबीआई ने साफ किया है कि कागजी नोटों को बंद करने का कोई विचार नहीं है. ये नए प्लास्टिक नोट बाजार में पुराने कागजी नोटों के साथ-साथ ही चलेंगे. देश के अलग-अलग मौसम (जैसे तेज गर्मी, सर्दी और भारी बारिश) में यह नोट कितने टिक पाते हैं, इसका सफल डेटा मिलने के बाद ही आरबीआई आगे का फैसला लेगा.
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