क्या RBI ने गुपचुप बेच दिया देश का सोना? केंद्रीय बैंक ने खुद किया बड़ा खुलासा
आरबीआई ने बताया कि मौजूदा तारीख तक देश का कुल भौतिक सोने का भंडार 880.52 टन पर स्थिर बना हुआ है.

Published : June 3, 2026 at 2:27 PM IST
|Updated : June 3, 2026 at 2:55 PM IST
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक ने मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही उन तमाम खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि केंद्रीय बैंक ने देश के विदेशी मुद्रा भंडार को सहारा देने के लिए अपने सोने का एक हिस्सा बेच दिया है. आरबीआई ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि देश का भौतिक सोने का भंडार पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें कोई कमी नहीं आई है.
भ्रामक खबरों का खंडन
केंद्रीय बैंक ने 3 जून 2026 को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा, "रिजर्व बैंक के संज्ञान में आया है कि मीडिया के कुछ हिस्सों में आरबीआई द्वारा सोना बेचने की खबरें दिखाई जा रही हैं. हम यह साफ करना चाहते हैं कि ये रिपोर्ट पूरी तरह से गलत और निराधार हैं."
आरबीआई ने बताया कि मौजूदा तारीख तक देश का कुल भौतिक सोने का भंडार 880.52 टन पर स्थिर बना हुआ है. बैंक ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और देश के सोने के भंडार की सही स्थिति जानने के लिए केवल आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर हर महीने जारी होने वाले 'मंथली बुलेटिन' पर ही भरोसा करें.
A news report published by @Bloomberg states that RBI may have sold gold amounting to approximately USD 12 billion.#PIBFactCheck
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 3, 2026
❌ This claim is FAKE
✔️ According to @RBI, the share of gold in India's foreign exchange reserves rose from 13.92% at end-September 2025 to 16.70%… pic.twitter.com/eVjxPxEv1i
कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें अनुमान लगाया गया था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच आरबीआई ने रुपये को संभालने के लिए मई के आखिरी दो हफ्तों में लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य का सोना बेचा है. इसी रिपोर्ट के आधार पर देश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई थी और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार पर रुपये को 100 प्रति डॉलर के स्तर पार करने से रोकने और अपनी छवि बचाने के लिए देश का सोना बेचने के गंभीर आरोप लगाए थे.
पीआईबी फैक्ट चेक ने भी की पुष्टि
सरकार की आधिकारिक एजेंसी पीआईबी (PIB) फैक्ट चेक यूनिट ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट को पूरी तरह फर्जी बताया है. पीआईबी ने आरबीआई के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी घटने के बजाय लगातार बढ़ रही है.
आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 के अंत में कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का हिस्सा 13.92 प्रतिशत था, जो 31 मार्च 2026 को बढ़कर 16.70 प्रतिशत और 22 मई 2026 तक और बढ़कर 16.85 प्रतिशत हो गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में होने वाले साप्ताहिक उतार-चढ़ाव के कारण रिजर्व के मूल्य में बदलाव दिखता है, जिसे कुछ लोग गलत तरीके से सोने की बिक्री समझ बैठे.
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