हवाई सफर करने वालों की खुली किस्मत! सरकार बनाने जा रही है 100 नए एयरपोर्ट, देखें क्या आपके शहर का भी आया नंबर?
विमानन मंत्री नायडू ने घोषणा की है कि सरकार उड़ान योजना के तहत अगले 10 वर्षों में ₹30,000 करोड़ से 100 नए हवाई अड्डे बनाएगी.

Published : September 2, 2026 at 9:43 AM IST
अहमदाबाद: भारत के विमानन क्षेत्र को दुनिया का सबसे बड़ा और मजबूत नेटवर्क बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ी योजना का ऐलान किया है. नागरिक विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने घोषणा की है कि अगले 10 वर्षों में देश के कोने-कोने में 100 नए हवाई अड्डे बनाए जाएंगे. इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सरकार की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना 'उड़ान' के तहत पूरा किया जाएगा, जिस पर लगभग ₹30,000 करोड़ खर्च होने का अनुमान है.
यह घोषणा केंद्रीय मंत्री ने गुजरात के अहमदाबाद हवाई अड्डे पर देश के तीसरे 'हब एंड स्पोक' परिचालन का उद्घाटन करते हुए की. इस खास मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद थे.
VIDEO | Ahmedabad: "India to build 100 more airports, 200 helipads in next 10 years under modified Udan scheme," says Aviation minister Ram Mohan Naidu.
— Press Trust of India (@PTI_News) September 1, 2026
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हर 40 दिन में तैयार हुआ एक नया टर्मिनल
विमानन मंत्री ने देश में पिछले कुछ सालों में हुए विकास के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि साल 2014 में भारत में सिर्फ 74 चालू हवाई अड्डे थे. लेकिन पिछले 12 सालों की कड़ी मेहनत के बाद आज देश के नक्शे पर हवाई अड्डों की संख्या बढ़कर 166 हो चुकी है. इसका मतलब यह है कि भारत ने पिछले 12 वर्षों के दौरान औसतन हर 40 दिन में एक नया हवाई अड्डा या एक नया टर्मिनल देश को समर्पित किया है, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है.
क्या है नया सरकारी बजट और टाइमलाइन?
इस साल मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने 'संशोधित उड़ान योजना' को मंजूरी दी थी. यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से लेकर 2035-36 तक यानी पूरे 10 सालों के लिए लागू की गई है. इस पूरी अवधि के लिए सरकार ने ₹28,840 करोड़ से लेकर ₹30,000 करोड़ तक का भारी-भरकम बजट तय किया है, जिसे पूरी तरह से केंद्रीय बजटीय सहायता से पूरा किया जाएगा.
छोटे शहरों और दूर-दराज के इलाकों पर रहेगा जोर
मंत्री नायडू ने कहा कि आज का नया भारत बदल चुका है. अब सिर्फ बड़े शहरों के लोग ही नहीं, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के लोग भी अपने इलाके में रेलवे स्टेशन के बजाय हवाई अड्डे की मांग कर रहे हैं.
इस मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार नए हवाई अड्डों को सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रखेगी. इस योजना के तहत देश के सुदूर सीमावर्ती इलाकों, पहाड़ी क्षेत्रों, हिमालय के दुर्गम रास्तों और लक्षद्वीप तथा अंडमान-निकोबार जैसे द्वीप समूहों पर हवाई पट्टियां और बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा ताकि देश का हर नागरिक आसानी से हवाई सफर का आनंद ले सके.
अहमदाबाद बना देश का तीसरा 'हब एंड स्पोक' सेंटरइस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अहमदाबाद हवाई अड्डे से शुरू हुआ 'हब एंड स्पोक' मॉडल रहा. वाराणसी और अमृतसर के सफल प्रयोग के बाद अहमदाबाद देश का तीसरा ऐसा केंद्र बन गया है.
सरल भाषा में कहें तो इस मॉडल के तहत छोटे शहरों के यात्रियों को बड़ी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से जोड़ा जाता है. वर्तमान में दिल्ली हवाई अड्डे से दुनिया के 54 देशों के लिए सीधी उड़ानें मिलती हैं. अब 'हब एंड स्पोक' मॉडल के जरिए छोटे शहरों के यात्रियों को पहले घरेलू विमानों से अहमदाबाद या दिल्ली जैसे बड़े 'हब' हवाई अड्डों पर लाया जाएगा, और फिर वहां से वे बिना किसी परेशानी के अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बैठ सकेंगे. गुजरात में बड़ी संख्या में एनआरआई रहते हैं, जो पूरी दुनिया में फैले हुए हैं. इस नई सेवा से विदेशों में रहने वाले गुजरातियों और उनके परिवारों को सबसे ज्यादा फायदा होगा.
आर्थिक तरक्की और रोजगार को मिलेगी रफ्तार
विमानन मंत्री ने जोर देकर कहा कि सिविल एविएशन सेक्टर केवल सफर को आसान नहीं बनाता, बल्कि यह देश के विकास का सबसे बड़ा इंजन है. जब भी किसी शहर में नया हवाई अड्डा बनता है, तो वहां व्यापार, पर्यटन और होटल इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलता है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होते हैं. सरकार की इस नीति से आने वाले समय में देश के छोटे शहरों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी.
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