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NSE IPO को जल्द मिल सकती है मंजूरी, SEBI प्रमुख ने दिया संकेत

SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने संकेत दिया है कि रेगुलेटर जनवरी के अंत तक NSE को 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' जारी कर सकता है.

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SEBI प्रमुख तुहिन कांत पांडे (ANI)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 11, 2026 at 2:42 PM IST

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चेन्नई (तमिलनाडु): भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने संकेत दिया है कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का लंबित इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) इस महीने के अंत तक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) प्राप्त कर सकता है. पांडे ने ANI से बातचीत में कहा कि बोर्ड IPO मंजूरी के बहुत ही उन्नत चरण में है, लेकिन उन्होंने कोई निश्चित तारीख का उल्लेख नहीं किया.

IPO प्रक्रिया में प्रगति
NSE ने पहली बार दिसंबर 2016 में अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था. लेकिन गवर्नेंस और को-लोकेशन विवाद के चलते प्रक्रिया लंबित रह गई. बाद में, 2019, 2020 और अगस्त 2024 में NSE ने फिर से SEBI से NOC के लिए आवेदन किया.

अक्टूबर 2024 में NSE ने ट्रेडिंग एक्सेस प्वाइंट (TAP) आर्किटेक्चर और नेटवर्क कनेक्टिविटी से जुड़े मामलों का समाधान किया और 643 करोड़ रुपये का जुर्माना अदा किया. यह कदम उच्च-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में कुछ संस्थाओं को कथित तरजीही पहुंच के आरोपों के समाधान के लिए उठाया गया था.

NSE ने इस दौरान वरिष्ठ प्रबंधन में बदलाव, बोर्ड पुनर्गठन और अनुपालन ढांचे को मजबूत करना जैसी सुधारात्मक कार्रवाई भी की.

डिजिटल प्लेटफॉर्म और निवेशक सुरक्षा पर SEBI का फोकस
SEBI ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सख्त निगरानी शुरू कर दी है. पांडे ने बताया कि अब तक 1 लाख से अधिक वीडियो हटा दिए गए हैं, जो निवेशकों को भ्रामक शेयर टिप्स दे रहे थे. इस काम में SEBI ने ‘सुदर्शन’ नामक AI टूल का उपयोग किया है, जो ऑनलाइन बाजार से जुड़े उल्लंघनों की पहचान करता है.

निवेशक सुरक्षा बढ़ाने के लिए SEBI ने SebiCheck लॉन्च किया है. यह टूल निवेशकों को 30 सेकंड में यह जांचने में सक्षम बनाता है कि कोई बैंक खाता, UPI हैंडल या QR कोड आधिकारिक रूप से SEBI द्वारा अनुमोदित है या नहीं. पांडे ने निवेशकों से आग्रह किया कि कोई भी धन हस्तांतरण करने से पहले SebiCheck का उपयोग करें.

नियामक पहल और जागरूकता अभियान
SEBI ने कहा कि फिलहाल डेरिवेटिव्स मार्केट में कोई तत्काल बदलाव नहीं किया जाएगा. सोने से जुड़े निवेश उत्पाद जैसे Gold ETFs और Electronic Gold Receipts (EGRs) पहले से ही उपलब्ध हैं, हालांकि कुछ संचालन संबंधी मुद्दों के कारण उनका व्यापक उपयोग सीमित है.

SEBI ने निवेशक जागरूकता रणनीति में बदलाव करने का निर्णय लिया है. जुलाई 2025 के सर्वेक्षण के अनुसार, निवेशकों तक प्रभावी पहुंच बहुभाषी, मल्टीमीडिया और विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से संभव है. इस रणनीति में शॉर्ट वीडियो, रील्स और डिजिटल सामग्री का इस्तेमाल करके विशेष रूप से युवा निवेशकों को जोड़ा जाएगा.

NSE का IPO लंबे समय से रुका हुआ था, लेकिन अब यह NOC मिलने के करीब है. निवेशक और बाजार इस फैसले पर निगाह बनाए हुए हैं. यदि अनुमोदन समय पर मिल जाता है, तो यह भारतीय शेयर बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासि क कदम साबित होगा.

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