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Middle East Conflict: ऊर्जा की कीमतों में तेज वृद्धि, यूरोप में गैस के दाम 40% बढ़े

मिडिल-ईस्ट में युद्ध के बाद QatarEnergy ने LNG उत्पादन रोका दिया है. साथ ही होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से ग्लोबल सप्लाई पर असर पड़ा है.

Middle East Conflict Energy Prices Surge after QatarEnergy Halts LNG Production and Tanker Disruptions
प्रतीकात्मक तस्वीर (File Photo/ AP)
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By AP (Associated Press)

Published : March 3, 2026 at 11:53 AM IST

5 Min Read
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फ्रैंकफर्ट (जर्मनी): मिडिल-ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद ऊर्जा की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. ईरान ने तेल के निर्गम के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया. तेल टैंकरों के आवागमन में रुकावट और प्रोडक्शन फैसिलिटी को नुकसान होने से यह सुनिश्चित नहीं हो पाया कि ईरान पर अमेरिका और इजराइली हमलों का दुनिया की अर्थव्यवस्था में सप्लाई पर क्या असर पड़ेगा.

सबसे बड़ा झटका प्राकृतिक गैस की कीमतों को लगा. कतरएनर्जी (QatarEnergy) के अपनी फैसिलिटी पर हमले के बाद लिक्विफाइड नैचुरल गैस (LNG) का उत्पादन रोकने के कारण यूरोप में गैस की कीमतें 40% से अधिक बढ़ गईं.

क्लियरव्यू एनर्जी पार्टनर्स (Clearview Energy Partners) के मैनेजिंग डायरेक्टर केविन बुक ने कहा, "पूरे क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर खतरे में है, और यह सिर्फ जानबूझकर किए गए हमलों की वजह से ही नहीं, बल्कि अनजाने में हुए हमलों की वजह से भी खतरे में है. मिसाइल को आसमान में रोकने से निकले छर्रे और मलबा फैसिलिटी पर गिर सकते हैं और उन्हें भी नष्ट कर सकते हैं, और इसलिए इतने अधिक ऊर्जा उत्पादन वाले इलाके में इस तरह के टकराव से कई मुश्किलें आती हैं."

अमेरिकी तेल का दाम 6.3% बढ़कर $71.23 प्रति बैरल हो गया, जबकि इंटरनेशनल स्टैंडर्ड ब्रेंट सोमवार को 6.7% बढ़कर $77.74 प्रति बैरल पर बंद हुआ. तेल की कीमतों वृद्धि से अमेरिका में पेट्रोल महंगा होने की संभावना बढ़ गई है. साथ ही दूसरे सामानों की कीमतें भी बढ़ गई हैं, ऐसे समय में जब कई देशों में लोग महंगाई से परेशान हैं.

कई जहाजों पर हमलों की रिपोर्ट
फारस की खाड़ी के दक्षिणी छोर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से इसका सीधा संबंध है, जहां से दुनिया की 20% तेल सप्लाई गुजरती है. डेटा और एनालिटिक्स फर्म केप्लर (Kpler) ने एक्स पोस्ट में कहा कि सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम में रुकावट आने से टैंकर ट्रैफिक में तेजी से गिरावट आई. यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर ने खाड़ी के दोनों ओर के इलाके में कई जहाजों पर हमलों की रिपोर्ट की और उन सिस्टम में इलेक्ट्रॉनिक दखल बढ़ने की चेतावनी दी जो बताते हैं कि जहाज कहां हैं.

ओमान ने कहा कि बम से लैस एक ड्रोन बोट ने ओमान की खाड़ी में मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले एक तेल टैंकर पर हमला किया, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई.

ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को धमका रहा है और उन पर हमले करने के दावे भी किए हैं.

बुक ने कहा कि इसका नतीजा यह हुआ है कि जलडमरूमध्य 'असल में बंद' हो गया है, और जहाजों का आवागमन बहुत कम हो गया है. उन्होंने आगे कहा, "हालांकि, सच्चाई यह है कि बीमा कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं या कुछ मामलों में, पॉलिसी कैंसिल कर रही हैं और सी कैप्टन को रिस्क की चिंता है. शिप मालिकों और शिपर्स को भी यही चिंता है."

सऊदी सरकारी टेलीविजन ने बताया कि सऊदी अरब ने दम्मम के पास रास तनुरा तेल रिफाइनरी पर हमला करने वाले ईरानी ड्रोन को रोका और सावधानी के तौर पर रिफाइनरी को बंद कर दिया गया. मार्केट का ध्यान इस बात पर है कि क्या यह टकराव इस क्षेत्र के दूसरे तेल उत्पादन करने वाले देशों तक फैलेगा.

अमेरिका में गैस की कीमतें पहले से ही अधिक
कच्चे तेल की कीमत ही सबसे बड़ा फैक्टर है जिससे अमेरिका में ड्राइवर ईंधन के लिए कितना भुगतान करते हैं — यह मध्यावधि चुनाव से पहले एक बहुत बड़ा राजनीतिक मुद्दा है. तेल की बढ़ी हुई कीमतें आमतौर पर अधिक से अधिक कुछ हफ्तों में पंप पर महसूस होती हैं.

गर्मी के सीजन से पहले ही गैस की कीमतें बढ़ रही हैं, जब लोग अधिक यात्रा कर रहे हैं. मोटरिंग क्लब AAA के अनुसार, सोमवार को एक गैलन (3.7 लीटर) रेगुलर पेट्रोल की कीमत 6 सेंट बढ़कर 2.99 डॉलर ​​हो गई.

डलास के फेडरल रिजर्व बैंक की 2019 की रिसर्च के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी 20 दिनों में पंप की कीमतों में काफी हद तक दिखती है और $10 प्रति बैरल की बढ़ोतरी से आमतौर पर प्रति गैलन लगभग 25 सेंट की बढ़ोतरी होती है.

यूरोप में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर कम होता है, जहां ईंधन की कीमत का अधिकांश हिस्सा टैक्स का होता है, लेकिन ऊर्जा की अधिक लागत पूरी अर्थव्यवस्था में कीमतों पर असर डाल सकती है. बेरेनबर्ग बैंक (Berenberg bank) के मुख्य अर्थशास्त्री होल्गर श्मीडिंग के अनुसार, $15 प्रति बैरल की लगातार बढ़ोतरी से यूरोप में उपभोक्ता कीमतों में 0.5 परसेंटेज पॉइंट की बढ़ोतरी हो सकती है.

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