500% टैरिफ का डर... US से आने वाले बादाम, व्हिस्की और विदेशी फूड होगा 5 गुना महंगा?
ट्रंप के 500% टैरिफ धमकी से भारत-यूएस व्यापार पर संकट, बादाम, व्हिस्की और पैकेज्ड फूड महंगा हो सकता है.

Published : January 10, 2026 at 2:18 PM IST
हैदराबाद: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्तावित 500% टैरिफ ने व्यापार जगत में हलचल मचा दी है. इससे पहले भारत पर लगभग 50% टैरिफ लगाया गया था, लेकिन अब 500% की धमकी ने कारोबारी समुदाय और अर्थशास्त्रियों को गंभीर रूप से चिंतित कर दिया है. ऐसे में सवाल उठता है कि भारत अमेरिका से क्या-क्या आयात करता है और इस नए टैरिफ का क्या असर पड़ सकता है.
अमेरिका से भारत आने वाली प्रमुख वस्तुएं
ट्रेड इकोनॉमिक्स के आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत ने अमेरिका से लगभग 39 अरब डॉलर के सामान का आयात किया. इनमें रोजमर्रा की जरूरत की कई वस्तुएं शामिल हैं.
मेवे और फल
भारत अमेरिका के बादाम, अखरोट, पिस्ता और सेब का सबसे बड़ा ग्राहक है. कैलिफोर्निया के बादाम की खपत सबसे ज्यादा है. इस सेक्टर का आयात लगभग 9,700 करोड़ रुपये का है.
शराब और पेय पदार्थ
भारतीय शहरों में अमेरिकी प्रीमियम व्हिस्की जैसे Jim Beam और अमेरिकी वाइन की मांग बढ़ती जा रही है. 2024 में भारत ने अमेरिका से लगभग 3,920 करोड़ रुपये की शराब आयात की.
प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ
प्रोसेस्ड आलू, विदेशी सब्जियां, चॉकलेट, कैंडी और नाश्ते के लिए अनाज जैसे सीरियल्स और ओट्स भी अमेरिकी ब्रांड्स के माध्यम से भारतीय बाजार तक पहुंच रहे हैं.
पैकेज्ड और रेडी-टू-ईट फूड
सॉस, डिब्बाबंद फल और अन्य तैयार भोजन की चीजें भी ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केट में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं.
500% टैरिफ के संभावित असर
विशेषज्ञों के अनुसार, 500% टैरिफ भारत-यूएस व्यापार को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है.
निर्यात पर संकट
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अजय श्रीवास्तव का कहना है कि अगर यह टैरिफ लागू हुआ, तो अमेरिका में भारत का 87.4 अरब डॉलर का निर्यात लगभग ठप हो सकता है. इतनी उच्च ड्यूटी के कारण भारतीय सामान अमेरिकी बाजार में महंगा हो जाएगा और मांग घट जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह 500% टैरिफ लागू होता है, तो अमेरिका को होने वाला भारत का लगभग $120 बिलियन का वार्षिक निर्यात पूरी तरह से रुक सकता है.
रणनीतिक स्पष्टता की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपनी विदेश नीति और व्यापार नीति पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए. रूस से तेल खरीदने जैसे मामलों पर स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता बनाए रखना जरूरी होगा, ताकि अमेरिका के दबाव से आर्थिक नुकसान कम हो.
कानूनी प्रक्रिया आसान नहीं
ट्रंप द्वारा टैरिफ लगाने की घोषणा की गई है, लेकिन इसे अमेरिकी कांग्रेस और सीनेट से पास कराना आसान नहीं होगा. जानकारों का कहना है कि यह कदम केवल भारत को निशाना बनाने जैसा प्रतीत होता है.
वैकल्पिक बाजारों की तलाश
पूर्व वाणिज्य सचिव अजय दुआ ने जागरण बिजनेस को बताया कि, व्यापार को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. ऐसे में भारत के लिए यह जरूरी है कि वह अमेरिका के अलावा अन्य देशों में अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाशे.
डोनाल्ड ट्रंप के 500% टैरिफ की धमकी ने भारत-यूएस व्यापारिक संबंधों में नई अनिश्चितता पैदा कर दी है. बादाम से लेकर प्रीमियम व्हिस्की और पैकेज्ड फूड तक, अमेरिका से आयात की कई प्रमुख वस्तुएं सीधे प्रभावित हो सकती हैं. विशेषज्ञों का सुझाव है कि भारत को रणनीतिक रूप से विकल्प तलाशते हुए अपने व्यापार और निर्यात को सुरक्षित करना होगा, ताकि अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम किया जा सके.
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