'स्थितियां बदलीं तो रीबैलेंस होगा व्यापार समझौता'... भारत-US ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का बड़ा बयान
पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ और बदलती परिस्थितियों के मद्देनजर भारत-यूएस ट्रेड डील रीबैलेंस होगी ताकि किसानों और आर्थिक हितों की रक्षा हो.

Published : February 27, 2026 at 2:38 PM IST
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है. केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि यदि वैश्विक परिस्थितियां बदलती हैं, तो भारत इस व्यापार सौदे को 'पुनर्संतुलित' करने से पीछे नहीं हटेगा.
राष्ट्रीय हितों की रक्षा सर्वोपरि
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए गोयल ने कहा कि भारत अपने आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने वॉशिंगटन की ओर से मिल रहे बदलती शुल्कों (Tariffs) के संकेतों का हवाला देते हुए कहा, "यह एक विकसित होती स्थिति है. ट्रंप प्रशासन ने कुछ टिप्पणियां की हैं और उनके पास कई अन्य नीतिगत उपकरण हैं. अगले हफ्ते वे शुल्क बढ़ाकर 15% भी कर सकते हैं. हमने स्पष्ट किया है कि परिस्थितियों में बदलाव होने पर समझौते की शर्तों को फिर से तय किया जाएगा."
क्या है वर्तमान स्थिति?
फरवरी 2026 की शुरुआत में, दोनों देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार ढांचे पर सहमति बनी थी. इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर लागू कुल 50% शुल्क (जिसमें 25% पारस्परिक शुल्क और 25% दंडात्मक लेवी शामिल थी) को घटाकर 18% करने का संकेत दिया था. हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछली शुल्क संरचना पर रोक लगाए जाने के बाद ट्रंप प्रशासन ने 10% वैश्विक शुल्क का नया आदेश जारी किया है. इसी अनिश्चितता के कारण मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में होने वाली बैठकों को फिलहाल टाल दिया गया है.
किसानों और डेयरी क्षेत्र को बड़ी राहत
भारतीय किसानों और स्थानीय उद्योगों की चिंताओं को दूर करते हुए पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि संवेदनशील क्षेत्रों के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है. उन्होंने कहा
- डेयरी, मक्का, सोयाबीन और पोल्ट्री को इस व्यापार सौदे से पूरी तरह बाहर (Exempt) रखा गया है.
- भारत में किसी भी प्रकार के जीएम (जेनेटिकली मॉडिफाइड) भोजन के आयात की अनुमति नहीं दी जाएगी.
- सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिकी उत्पादों की पहुंच से भारतीय कृषि बाजार प्रभावित न हो.
निर्यात पर भरोसा
वैश्विक व्यापार में आ रही बाधाओं के बावजूद, मंत्री ने भारतीय निर्यात की भविष्य की तस्वीर को सकारात्मक बताया. उन्होंने विश्वास जताया कि इस साल भारत का निर्यात बढ़ेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार 'प्रतिस्पर्धात्मक लाभ' (Competitive Advantage) का विषय है और भारत इस सौदे के माध्यम से अपने निर्यातकों के लिए बेहतर रास्ते तलाश रहा है.
भारत फिलहाल अमेरिका द्वारा घोषित टैरिफ परिवर्तनों पर स्पष्टता का इंतजार कर रहा है. सरकार इस मामले में कानूनी राय भी ले रही है ताकि अमेरिकी अदालती फैसलों के प्रभाव को समझा जा सके. पीयूष गोयल ने अंत में कहा कि भारत 'रुको और देखो' की नीति अपना रहा है, लेकिन यह सुनिश्चित करेगा कि अंतिम समझौता केवल तभी हो जब वह देश के सर्वोत्तम हित में हो.
यह भी पढ़ें- बड़ा बदलाव! 1 मार्च से बदल जाएंगे सिम, बैंक और गैस के नियम; सीधे आपकी जेब पर होगा असर

