विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अमेरिका में रक्षा और तकनीक सहयोग पर की उच्च स्तरीय चर्चा
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों संग रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की,जिससे भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती मिली.

Published : April 9, 2026 at 12:42 PM IST
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से विदेश सचिव विक्रम मिस्री इस समय अमेरिका की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं. उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश पिछले कुछ समय से व्यापारिक शुल्कों और कूटनीतिक बयानों के कारण उपजे तनाव को पीछे छोड़कर भविष्य की ओर देख रहे हैं.
रक्षा और औद्योगिक तालमेल पर जोर
विदेश सचिव मिस्री ने पेंटागन में अमेरिकी रक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, विशेष रूप से अधिग्रहण और स्थिरता के अवर सचिव माइकल डफी से मुलाकात की. इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु केवल रक्षा उपकरणों की खरीद-बिक्री तक सीमित नहीं था, बल्कि दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को गहराई से जोड़ना था.
Foreign Secretary Shri Vikram Misri had a fruitful interaction with the Under Secretary of War for Acquisition & Sustainment Mike Duffey @USDASDuffey at the Pentagon. The two principals discussed ways to further deepen the defence industrial, technology and supply chain linkages… pic.twitter.com/RIU4Qc9ZT6
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Embassy के अनुसार, दोनों नेताओं ने रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और 'प्रमुख रक्षा साझेदारी' के तहत तय किए गए महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने पर चर्चा की. इसका सीधा अर्थ यह है कि भविष्य में भारत और अमेरिका मिलकर आधुनिक सैन्य तकनीक का विकास और उत्पादन कर सकते हैं, जिससे दोनों देशों की एक-दूसरे पर निर्भरता और विश्वास बढ़ेगा.
व्यापार और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग
रक्षा के साथ-साथ आर्थिक मोर्चे पर भी महत्वपूर्ण प्रगति देखी गई. मिस्री ने वाणिज्य विभाग के अवर सचिवों—जेफरी केसलर (ब्यूरो ऑफ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी) और विलियम किमिट (इंटरनेशनल ट्रेड एडमिनिस्ट्रेशन)—के साथ विस्तृत चर्चा की.
Foreign Secretary Shri Vikram Misri met Under Secretaries Jeffrey Kessler @BISgov and William Kimmitt @TradeGov to expand cooperation in commercial and critical technologies - key to transforming the 🇮🇳-🇺🇸 partnership for the 21st century. They also discussed building resilient… pic.twitter.com/Tvvlzrbru4
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क्रिटिकल टेक्नोलॉजी: सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.
ट्रेड फैसिलिटेशन पोर्टल: यात्रा के दौरान एक नए 'इंडिया-यूएस ट्रेड फैसिलिटेशन पोर्टल' की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई, जिसका लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर के आंकड़े तक पहुंचाना है.
सप्लाई चेन: वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए, दोनों पक्षों ने 'विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला' बनाने पर जोर दिया ताकि भविष्य में किसी भी वैश्विक संकट के दौरान व्यापार बाधित न हो.
Sustaining the momentum of 🇮🇳-🇺🇸 defence exchanges, Foreign Secretary Shri Vikram Misri had another wide ranging conversation with Under Secretary of War for Policy Elbridge Colby @USWPColby at the Pentagon, covering the ongoing developments in the Indo-Pacific region and West… pic.twitter.com/V0zxrVcadg
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क्षेत्रीय सुरक्षा और भू-राजनीति
द्विपक्षीय संबंधों के अलावा, पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी संकट और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा पर भी गंभीर मंथन हुआ. भारत और अमेरिका दोनों ही इस क्षेत्र में स्थिरता और ऊर्जा आपूर्ति (विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से) की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध दिखे.
पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर लगाए गए व्यापारिक शुल्कों और कुछ विवादास्पद बयानों के बाद संबंधों में जो 'ठहराव' आया था, विदेश सचिव की यह यात्रा उसे तोड़ने का काम कर रही है. यह यात्रा स्पष्ट करती है कि 21वीं सदी की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और अमेरिका एक-दूसरे के लिए अपरिहार्य साझेदार हैं.'
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