भारत-मेक्सिको व्यापार वार्ता, एकतरफा टैरिफ बढ़ोतरी पर भारत सख्त
मेक्सिको ने बिना FTA वाले देशों, जिनमें भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया शामिल हैं, पर नए आयात शुल्क लगाए हैं.

Published : December 13, 2025 at 5:26 PM IST
नई दिल्ली: भारत और मेक्सिको के बीच व्यापार को लेकर गंभीर स्थिति बन गई है. मेक्सिको ने उन देशों के खिलाफ आयात शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है, जिनके साथ उसके मुक्त व्यापार समझौते नहीं हैं. इस सूची में भारत, चीन, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया शामिल हैं. अधिकारियों के अनुसार, मेक्सिको ने लगभग 1,463 उत्पादों पर 5 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाने का निर्णय लिया है, जो 1 जनवरी, 2026 से लागू होगा.
भारत का मानना है कि बिना पूर्व परामर्श के MFN (Most Favoured Nation) टैरिफ में एकतरफा वृद्धि बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली और सहयोगी आर्थिक संबंधों के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है. भारत इस मामले में मेक्सिको के साथ संवाद कर रहा है और दोनों देशों के बीच समाधान तलाशने की प्रक्रिया जारी है.
भारत के मेक्सिको स्थित दूतावास ने 30 सितंबर, 2025 को अर्थव्यवस्था मंत्रालय से संपर्क कर विशेष छूट की मांग की थी, ताकि भारतीय निर्यातकों को नए टैरिफ से बचाया जा सके. वाणिज्य मंत्रालय और मेक्सिको के अर्थव्यवस्था मंत्रालय के बीच उच्च स्तरीय वार्ता पहले ही हो चुकी है. इसके अलावा, तकनीकी स्तर की बैठकें भी जल्द आयोजित होने की संभावना है.
एक अधिकारी ने कहा कि भारत अपने निर्यातकों के हितों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कंपनियों पर वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि उनके उत्पाद मेक्सिको में कितने महत्वपूर्ण हैं और कंपनियों को छूट मिलने या टैरिफ लागत को स्थानीय उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की क्षमता कितनी है.
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) के निदेशक जनरल अजय साहाई ने कहा कि ऑटोमोबाइल, ऑटो पार्ट्स, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्सटाइल्स और प्लास्टिक्स क्षेत्रों के लिए यह कदम चिंता का विषय है. उनका कहना है कि इतनी भारी दरें भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को कमजोर कर सकती हैं और वर्षों में विकसित सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत और मेक्सिको के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर जल्दी वार्ता शुरू करना दोनों देशों के हित में होगा. यह समझौता भारतीय कंपनियों को इन नए टैरिफ से बचाने में मदद करेगा और व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत बनाएगा. भारत और मेक्सिको दोनों ही स्थिर और संतुलित व्यापारिक माहौल के लिए सहयोग करने के लिए तैयार हैं.
2024-25 में भारत का मेक्सिको के साथ निर्यात 5.75 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जबकि आयात 2.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा. अब दोनों देशों के बीच फोकस व्यापार समझौते और टैरिफ विवाद का समाधान ढूंढने पर है.
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