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300 अरब बैरल तेल, 40 लाख टन सोना... खनिजों से मालामाल वेनेजुएला, फिर भी क्यों है गरीब?

तेल, सोना और खनिजों के विशाल भंडार के बावजूद वेनेजुएला आर्थिक बदहाली, कम उत्पादन, राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय दबावों से जूझ रहा है.

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सांकेतिक फोटो (ians)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 6, 2026 at 5:29 PM IST

3 Min Read
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हैदराबाद: दक्षिण अमेरिका का देश वेनेजुएला प्राकृतिक संसाधनों के लिहाज से दुनिया के सबसे समृद्ध देशों में शामिल है. खास तौर पर कच्चे तेल के भंडार के मामले में वेनेजुएला शीर्ष पर माना जाता है. विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में 300 अरब बैरल से अधिक कच्चे तेल का भंडार हो सकता है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा अनुमानित भंडार है.

भारी कच्चा तेल बना चुनौती
हालांकि तेल का भंडार विशाल है, लेकिन वेनेजुएला में तेल निकालना आसान नहीं है. यहां पाया जाने वाला कच्चा तेल काफी भारी और गाढ़ा है, जिसे निकालने और रिफाइन करने में ज्यादा लागत और आधुनिक तकनीक की जरूरत पड़ती है. इसी वजह से उत्पादन क्षमता सीमित बनी हुई है.

अमेरिकी एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (EIA) के आंकड़ों के अनुसार, साल 2023 में वैश्विक कच्चे तेल उत्पादन में वेनेजुएला की हिस्सेदारी करीब 0.8 प्रतिशत रही. फिलहाल देश रोजाना लगभग 9 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात करता है.

सोना और धातुओं का बड़ा भंडार
तेल के अलावा वेनेजुएला खनिज संसाधनों से भी समृद्ध है. काराकास में भारतीय दूतावास ने वेनेज़ुएला में माइनिंग सेक्टर से जुड़े एक सर्वे को शेयर किया है, जो साल 2016 का है. सर्वे के मुताबिक, देश में सोना, तांबा, निकेल, जिंक, मैंगनीज और एल्यूमीनियम जैसे खनिज बड़ी मात्रा में मौजूद हैं.

अनुमान है कि वेनेजुएला में करीब 40 लाख टन सोने के खनिज हो सकते हैं. इसके साथ ही 12 हजार मिलियन टन लौह अयस्क का भंडार भी बताया गया है, जो औद्योगिक विकास की बड़ी संभावना दिखाता है .

कोयला और बॉक्साइट की भी प्रचुरता
वेनेजुएला में 60 मिलियन टन बॉक्साइट (एल्यूमीनियम अयस्क) होने का अनुमान है. वहीं नॉन-मेटालिक खनिजों में करीब 10 अरब मीट्रिक टन कोयले के भंडार की संभावना जताई जाती है . ये संसाधन ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए अहम माने जाते हैं.

संसाधनों के बावजूद संकट क्यों?
इतनी प्राकृतिक संपदा के बावजूद वेनेजुएला लंबे समय से आर्थिक गिरावट, महंगाई, राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों जैसी समस्याओं से जूझ रहा है . हाल के दिनों में देश की राजनीतिक स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हुई हैं, जिससे अनिश्चितता और बढ़ी है.

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक राजनीतिक स्थिरता, निवेश और आधुनिक तकनीक नहीं आती, तब तक वेनेजुएला अपनी प्राकृतिक संपदा का पूरा लाभ नहीं उठा पाएगा.

अमेरिका ने वेनेजुएला पर क्यों किया हमला
अमेरिका ने मुख्य रूप से ड्रग्स तस्करी का बहाना बनाकर वेनेजुएला पर हमला किया. अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ पकड़ा है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का प्रमुख उद्देश्य वेनेजुएला के तेल और सोने पर नियंत्रण, साथ ही चीनी और रूसी प्रभाव का मुकाबला करना है.

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