AI कैसे नौकरियों के भविष्य को आकार दे सकता है, WEF ने सुझाए चार परिदृश्य
WEF के एक सर्वे के मुताबिक, दुनिया भर में आधे से अधिक बिजनेस एग्जीक्यूटिव को लगता है कि AI मौजूदा नौकरियों को खत्म कर देगा.

Published : January 8, 2026 at 4:07 PM IST
हैदराबाद: दो-तिहाई से अधिक मुख्य रणनीति अधिकारियों को उम्मीद है कि AI और नई तकनीक का व्यावसायीकरण अगले पांच वर्षों में बिजनेस रणनीति को आकार देगा. एआई की प्रगति की रफ्तार और प्रक्षेप पथ (trajectory) ने बिजनेस, वर्कर और ग्लोबल इकॉनमी पर इसके प्रभाव को लेकर अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है.
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वैश्विक अर्थव्यवस्था संवाद सीरीज के परिदृश्य (scenario) के दूसरे एडिशन में यह पता लगाया गया है कि AI और टैलेंट ट्रेंड्स कैसे नौकरियों के भविष्य को आकार दे सकते हैं, जिसका कॉर्पोरेट रणनीति और निवेश फैसलों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ सकता है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और ऑटोनॉमस सिस्टम जैसी तेजी से विकसित हो रही टेक्नोलॉजी यह बदल रही हैं कि बिजनेस कैसे काम करते हैं, काम कैसे किए जाते हैं और प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए किन कौशल की जरूरत होती है.
एआई के प्रभाव को लेकर व्यावसायिक समुदाय बंटा हुआ है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के एक सर्वे के मुताबिक, दुनिया भर में आधे से अधिक बिजनेस एग्जीक्यूटिव को लगता है कि यह टेक्नोलॉजी मौजूदा नौकरियों को खत्म कर देगी, जबकि 24 प्रतिशत बिजनेस एग्जीक्यूटिव ने कहा कि AI नई नौकरियां पैदा करेगा. लगभग 45 प्रतिशत ने AI के संभावित प्रभाव के तौर पर प्रॉफिट मार्जिन में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया; बहुत कम लोगों को उम्मीद है कि इससे सैलरी बढ़ेगी.
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दुनिया भर में 10,000 से अधिक एग्जीक्यूटिव के वार्षिक सर्वेक्षण के मुताबिक, लगभग 54 प्रतिशत उत्तरदाताओं को उम्मीद है कि AI मौजूदा नौकरियों को खत्म कर देगा, और 24% ने कहा कि AI नई नौकरियों के सृजन में मदद करेगा. सर्वेक्षण में शामिल 10 में से चार से अधिक एग्जीक्यूटिव को उम्मीद है कि AI से बिजनेस में प्रॉफिट मार्जिन बढ़ेगा, और सिर्फ कुछ ही कम ने कहा कि AI से सामान और सर्विस की सुलभता (37%) और वहनीयता (30%) बढ़ेगी. खास बात यह है कि सिर्फ 12% को उम्मीद है कि AI का सैलरी पर अच्छा असर पड़ेगा, जबकि 24% का अनुमान है कि इंडस्ट्री में एकाग्रता बढ़ेगी.
सिर्फ AI के प्रभाव को देखते हुए, लिंक्डइन का अनुमान है कि 2024 और 2025 के बीच AI साक्षरता कौशल की मांग 70% बढ़ गई है.
2030 में नौकरियों के लिए चार भविष्य
परिदृश्य 1- अत्यधिक प्रभावी प्रगति: Al में तेज गति से सफलता और बड़े पैमाने पर वर्कफोर्स की तैयारी एक Al-केंद्रित अर्थव्यस्था को आगे बढ़ा रही है. कई नौकरियां Al-नेटिव इकोसिस्टम की देखरेख की ओर शिफ्ट हो रही हैं. सामाजिक सुरक्षा जाल और गवर्नेंस फ्रेमवर्क को बनाए रखने में मुश्किल हो रही है.
बड़े पैमाने पर AI की तैयारी लोगों को 'एजेंटिक लीप' का फायदा उठाने, AI-आधारित अर्थव्यवस्था के हिसाब से ढलने और कुछ हद तक विस्थापन को रोकने में मदद करती है. कई नौकरियां खत्म हो गई हैं, लेकिन नए काम उभर रहे हैं और तेजी से बढ़ रहे हैं, कुछ हद तक इंसान काबिल मशीनों के पोर्टफोलियो को निर्देशित कर रहे हैं और एजेंट ऑर्केस्ट्रेटर बन रहे हैं. सामाजिक सुरक्षा जाल, नैतिकता और गवर्नेंस फ्रेमवर्क बदलाव की रफ्तार और पैमाने के साथ तालमेल बिठाने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं.
परिदृश्य 2- विस्थापन का युग: AI बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है, और वर्कफोर्स को समायोजित करने की क्षमता से भी आगे निकल रहा है. मशीनों के जरिये कार्यों को स्वचालित किया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर वर्कर बेरोजगार हो रहे हैं और उतार-चढ़ाव और सिस्टमिक रिस्क बढ़ रहे हैं.
परिदृश्य 3- सह-पायलट अर्थव्यवस्था: धीरे-धीरे AI में तरक्की और AI के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी से फोकस बढ़ाने की तरफ बढ़ रहा है. AI को खतरे के बजाय एक मौके के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इंसानी AI टीमें वैल्यू चेन और बिजनेस मॉडल को नया आकार दे रही हैं.
2020 के दशक में AI के उत्साह की जगह व्यावहारिक एकीकरण ने ले ली है: अधिकांश इंडस्ट्रीज धीरे-धीरे बदलाव देख रही हैं क्योंकि मानव-AI टीमें वैल्यू चेन को नया आकार दे रही हैं. जिन देशों और बिजनेस ने ट्रेनिंग, मोबिलिटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI गवर्नेंस में जल्दी निवेश किया है, उन्होंने नई टेक्नोलॉजी को अपनाने और आगे बढ़ाने के लिए हालात बनाए हैं.
परिदृश्य 4- रुकी हुई प्रगति: AI की लगातार तरक्की से जरूरी स्किल्स की कमी वाले वर्कफोर्स को मदद मिलती है. AI एप्लीकेशन कमजोर बने रहते हैं, और AI से होने वाली खुशहाली की उम्मीद निराशा में बदल जाती है, क्योंकि संरचनात्मक रुकावटें ग्रोथ, मजबूती और समाज की तरक्की को रोक देती हैं.
फायदा उन बिजनेस और जगहों पर ही होता है जहां AI विशेषज्ञता है, जबकि दूसरों को प्रतिस्पर्धा में कमी का सामना करना पड़ता है. लोगों की जगह बदलने से मुख्य रूप से रोजाना के काम प्रभावित होते हैं, जबकि स्किल्ड ट्रेड और हाथ से काम करने वाले कामों का महत्व बढ़ा है. AI से होने वाली खुशहाली की उम्मीद निराशा में बदल जाती है, क्योंकि अपनाने में कमी से असमानता बढ़ती है, अर्थव्यवस्था बंटी हुई है और ग्रोथ सीमित हो जाती है.
भविष्य के लिए रणनीति
- छोटी शुरुआत करें, तेजी से आगे बढ़ें, जो प्रभावी है उसे विस्तार दें
- टेक्नोलॉजी और टैलेंट स्ट्रेटेजी को एक साथ लाएं
- मानव-AI सहयोग और एजेंटिक वर्कफ्लो में निवेश करें
- डेटा गवर्नेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर में इन्वेस्ट करें
- टैलेंट की जरूरतों और फ्यूचर-प्रूफ वैल्यू चेन का अंदाजा लगाए
- संगठनात्मक संस्कृति और उभरती तकनीक में भरोसे को मजबूत करें
- व्यवसाय, टास्क और मार्केट में अलग-अलग प्रभाव के लिए तैयार रहें
- मल्टी-जेनरेशनल वर्कफ्सो डिजाइन करें
- रणनीतिक साझेदारी का फायदा उठाएं
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम का फ्यूचर ऑफ जॉब्स इनिशिएटिव और रीस्किलिंग क्रांति बिजनेस, सरकारों और सिविल सोसाइटी को रणनीति को को-डिजाइन करने, चर्चा करने और बढ़ाने के लिए जगह देता है ताकि:
यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोग और संगठन काम के भविष्य में आगे बढ़ने के लिए तैयार हों
लेबर मार्केट की बदलती मांगों और चुनौतियों का प्रभावी तरीके से जवाब दें
बेहतर एजुकेशन-इंडस्ट्री पाथवे बनाएं और टॉप टैलेंट और जरूरी स्किल तक लगातार पहुंच बनाए रखने में मदद करें
मानव-केंद्रित तकनीक की तैनाती के जरिये प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए सबसे बड़े मौकों की पहचान करें
फ्यूचर-रेडी एजुकेशन सिस्टम बनाने के लिए AI का फायदा उठाएं जो सुगम्यता को बढ़ाते हैं, समानता में सुधार और प्रभावशाली शिक्षण परिणाम प्रदान करना
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