सोना-चांदी हुआ बेहद सस्ता! कीमतों में आई भारी गिरावट, देखें आज का ताजा भाव
वैश्विक दबाव के कारण घरेलू बाजार में सोना ₹1,54,390 प्रति 10 ग्राम और चांदी टूटकर ₹2,39,350 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई.

Published : August 31, 2026 at 11:29 AM IST
नई दिल्ली: वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और घरेलू स्तर पर मांग में कमी के कारण आज भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. पिछले कुछ दिनों से जारी उतार-चढ़ाव के बाद, आज दोनों कीमती धातुओं के भाव तेजी से नीचे आए हैं. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक नीतियों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) के बयानों का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और प्रमुख हाजिर बाजारों से मिले आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब 2,460 रुपये प्रति 10 ग्राम की भारी कटौती देखी गई है. इस गिरावट के बाद शुद्ध सोना 1,54,390 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है. वहीं, आभूषण बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के दामों में भी आनुपातिक कमी आई है. सोने के साथ-साथ चांदी में भी आज मंदी का माहौल रहा. चांदी की कीमत 2,840 रुपये प्रति किलोग्राम गिरकर 2,39,350 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है.
प्रमुख भारतीय शहरों में आज सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम)
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, देश के विभिन्न प्रमुख शहरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की खुदरा कीमतें इस प्रकार रहीं

क्या है इस गिरावट की मुख्य वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता है. जब भी वैश्विक बाजारों में डॉलर मजबूत होता है, तब सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ता है. हालांकि, स्थानीय सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि यह गिरावट आम ग्राहकों और आगामी त्योहारों के सीजन के लिए खरीदारी करने वालों के लिए एक अच्छा अवसर साबित हो सकती है.
ध्यान रहे कि यह कीमतें बिना टैक्स की हैं. जब ग्राहक खुदरा दुकान से फिजिकल सोना या चांदी खरीदते हैं, तो उन्हें इस बेस प्राइज पर 3% जीएसटी (GST) और ज्वैलर्स का मेकिंग चार्ज (घड़ाई शुल्क) अलग से देना होता है. इस वजह से अलग-अलग शहरों और शोरूम में अंतिम बिल की कीमत में थोड़ा अंतर आ सकता है. बाजार के जानकारों की सलाह है कि कीमतों में आई इस अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों और खरीदारों को फूंक-फूंक कर कदम रखना चाहिए और आने वाले दिनों में बाजार के रुख पर नजर रखनी चाहिए.
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