एल नीनो का खतरा: सरकार ने बढ़ाई तैयारी, मानसून में सुधार के साथ 350.85 लाख हेक्टेयर में हुई खरीफ की बुवाई
सरकार ने एल नीनो से निपटने के लिए तैयारियां बढ़ाईं; मानसून में सुधार के बाद देश में 350.85 लाख हेक्टेयर खरीफ बुवाई पूरी.

Published : July 8, 2026 at 5:07 PM IST
नई दिल्ली: देश में एल नीनो के संभावित खतरों को देखते हुए केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि सरकार मानसून की स्थिति और फसलों की बुवाई पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रही है.
जून महीने में मानसून में 33 प्रतिशत की भारी कमी दर्ज की गई थी, लेकिन जुलाई की शुरुआत के साथ ही स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है. देश के कई हिस्सों में हुई अच्छी बारिश के कारण अब राष्ट्रीय स्तर पर मानसून की कमी घटकर केवल 24 प्रतिशत रह गई है. इसके साथ ही, देश के सूखाग्रस्त या कम बारिश वाले जिलों की संख्या भी 262 से घटकर 178 पर आ गई है. सरकार वर्तमान में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित 13 राज्यों की कड़ी निगरानी कर रही है.
खरीफ बुवाई की स्थिति और फसलों में बदलाव
मौसम में सुधार का सीधा सकारात्मक असर खरीफ फसलों की बुवाई पर देखने को मिल रहा है. देश में अब तक कुल 350.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की बुवाई का काम पूरा कर लिया गया है. हालांकि, मानसून की देरी के कारण यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 91.95 lakh हेक्टेयर कम है. देरी से हुई बारिश का सबसे ज्यादा असर नकदी फसलों, विशेषकर सोयाबीन और कपास की बुवाई पर पड़ा है. किसानों को इस नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने लंबी अवधि और अधिक पानी लेने वाली फसलों के बजाय कम पानी में तैयार होने वाली और कम अवधि की वैकल्पिक फसलों जैसे मक्का, बाजरा और मूंग की खेती करने की सलाह दी है.
जमीनी स्तर पर राहत और वित्तीय मदद
सरकार ने जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाने के लिए जून में 'खेत बचाओ अभियान' चलाया था, जिसके तहत देश भर में 1.24 लाख से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन करके सीधे तौर पर 80 लाख से अधिक किसानों तक जरूरी जानकारियां पहुंचाई गईं. आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अपने राष्ट्रीय बीज भंडार में लगभग 1.75 लाख क्विंटल प्रमाणित बीजों का बफर स्टॉक सुरक्षित रखा है. इसके साथ ही, किसानों को वित्तीय संकट से बचाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) अभियान में भी तेजी लाई गई है, जिसके तहत 30 जून तक प्राप्त हुए 1.14 लाख आवेदनों में से 94,000 से अधिक आवेदनों को तत्काल मंजूरी दे दी गई है.
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