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ईडी ने पीएसीएल मामले में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का अब तक का सबसे बड़ा कुर्की आदेश जारी किया

ईडी की यह कार्रवाई 48,000 करोड़ रुपये की पोंजी योजना से जुड़ी है.

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ईडी (IANS)
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By PTI

Published : February 18, 2026 at 8:38 PM IST

2 Min Read
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नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने चंडीगढ़ स्थित पीएसीएल (पर्ल्स ग्रुप) के खिलाफ धन शोधन की जांच के तहत 10,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 247 अचल संपत्तियों पर शिकंजा कसते हुए अब तक का सबसे बड़ा एकल कुर्की आदेश जारी किया है.

इस समूह पर 48,000 करोड़ रुपये की पोंजी योजना को अंजाम देने का आरोप है. संघीय जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थायी रूप से जब्त की गई संपत्तियां पंजाब के एसएएस नगर (मोहाली), रूपनगर और जीरकपुर में स्थित हैं.

कुर्क की गयी 247 संपत्तियों की पहचान निवेशकों के धन से अधिग्रहित संपत्तियों के रूप में की गई है, जो अपराध की आय का हिस्सा हैं। इनका मूल्य 10,021.46 करोड़ रुपये आंका गया है.

ईडी के अधिकारियों ने बताया कि संपत्ति के मूल्य और संख्या के हिसाब से यह संभवतः एजेंसी द्वारा जारी किया गया अब तक का सबसे बड़ा एकल कुर्की आदेश है. उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण सामने आए हैं जब धन शोधन के मामलों में अधिक मूल्य की संपत्तियों को जब्त किया गया है, लेकिन वे आपस में जुड़े हुए मामले हैं, न कि कोई एक मामला.

ईडी की जांच फरवरी 2014 में सीबीआई द्वारा पीएसीएल लिमिटेड, उसके दिवंगत प्रवर्तक निर्मल सिंह भंगू और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए मामले से संबंधित है.

भंगू का निधन अगस्त 2024 में हुआ था. ईडी के अनुसार, पीएसीएल की आरोपी संस्थाओं और व्यक्तियों ने कृषि भूमि की बिक्री और विकास की आड़ में भारत भर के लाखों निवेशकों से धोखाधड़ी करके 48,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाकर एक “अवैध” सामूहिक निवेश योजना का संचालन किया.

ईडी ने 2016 में दर्ज इस मामले में अब तक चार आरोपपत्र दाखिल किए हैं. नए आदेश के साथ, ईडी ने अब तक विदेशों में स्थित कुछ संपत्तियों सहित 17,610 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया है.

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