भारत पर 500% टैरिफ का खतरा! ट्रंप प्रशासन ने बिल को हरी झंडी दी
ट्रंप प्रशासन ने भारत, चीन और ब्राजील पर 500% टैरिफ लगाने वाला बिल पेश किया, संसद में पारित होने पर निर्यात प्रभावित होगा.

Published : January 8, 2026 at 1:24 PM IST
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर आक्रामक रुख अपनाया है. वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद अब ट्रंप भारत, ब्राजील और चीन पर टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रहे हैं. प्रशासन ने इन तीन देशों पर 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने वाला बिल पेश कर लिया है.
टैरिफ की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में अमेरिका ने भारत पर निर्यातित कुछ वस्तुओं पर 50 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है. नए बिल के पारित होने के बाद यह टैरिफ बढ़कर 500 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा. इससे तीनों देशों के अमेरिकी निर्यात पर भारी असर पड़ने की संभावना है.
रूस से तेल खरीद को लेकर प्रावधान
अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम ने बताया कि यह बिल रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक का हिस्सा है. इस विधेयक के तहत रूस से सस्ते कच्चे तेल की खरीद पर भारत, चीन और ब्राजील को दंडित करने के लिए उच्च टैरिफ लगाया जाएगा.
लिंडसे के अनुसार, "रूस से कम कीमतों पर तेल खरीदकर ये देश पुतिन की युद्ध मशीन को ईंधन दे रहे हैं. अमेरिका ने इन्हें दंडित करने के लिए यह बिल प्रस्तावित किया है.
After a very productive meeting today with President Trump on a variety of issues, he greenlit the bipartisan Russia sanctions bill that I have been working on for months with Senator Blumenthal and many others.
— Lindsey Graham (@LindseyGrahamSC) January 7, 2026
This will be well-timed, as Ukraine is making concessions for peace…
लिंडसे ने किया सोशल मीडिया पर पोस्ट
लिंडसे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कई अहम बैठकों के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले इस बिल को मंजूरी दे दी है. उन्होंने बताया कि यह विधेयक उन देशों को दंडित करने के लिए है जो रूस से तेल खरीद रहे हैं. उनका कहना है कि इसका भारत, चीन और ब्राजील पर तगड़ा असर पड़ सकता है.
बिल का संसद में पेश होना
हालांकि ट्रंप प्रशासन ने बिल को मंजूरी दे दी है, लेकिन इसे अभी अमेरिकी संसद में पारित होना बाकी है. अगले हफ्ते में इस विधेयक पर मतदान होने की संभावना है. यदि संसद इसे पारित करती है, तो अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों पर तीनों देशों को भारी आर्थिक दबाव झेलना पड़ सकता है.
संभावित असर
विशेषज्ञों का कहना है कि 500 प्रतिशत टैरिफ लागू होने पर तीनों देशों के अमेरिकी निर्यात पर लागत में भारी वृद्धि होगी. इससे व्यापार घाटा बढ़ सकता है और कई उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
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