बजट 2026 में डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वित्त मंत्री खोल सकती हैं खजाना
आगामी बजट को लेकर आर्थिक विशेषज्ञों और शुरुआती रिपोर्टों का अनुमान है कि सरकार रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपना सबसे अधिक ध्यान केंद्रित रखेगी.

Published : January 22, 2026 at 4:03 PM IST
नई दिल्ली: केंद्र सरकार का आगामी केंद्रीय बजट 2026 वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए रणनीतिक और पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) आधारित क्षेत्रों पर फोकस करेगा. निवेश मंच स्मॉलकेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बजट में रक्षा क्षेत्र को सबसे बड़ा लाभ मिलने की संभावना है.
रक्षा क्षेत्र सबसे आगे
रिपोर्ट के मुताबिक, सर्वे में शामिल करीब 40 प्रतिशत निवेश प्रबंधकों ने रक्षा क्षेत्र को उच्च बजटीय आवंटन का प्रमुख दावेदार बताया. इसके पीछे आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशीकरण, सैन्य आधुनिकीकरण, रक्षा निर्यात की बढ़ती संभावनाएं और सरकार का निरंतर समर्थन प्रमुख कारण हैं. रक्षा क्षेत्र को दीर्घकालिक रणनीतिक महत्व वाला क्षेत्र माना जा रहा है.
इंफ्रास्ट्रक्चर पर भरोसा बरकरार
करीब 29 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इंफ्रास्ट्रक्चर को दूसरा सबसे बड़ा लाभार्थी क्षेत्र बताया. सड़कों, रेलवे, शहरी विकास और लॉजिस्टिक्स में सरकारी पूंजीगत खर्च से लंबी अवधि में आर्थिक विकास को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है.
मैन्युफैक्चरिंग और पीएलआई का असर
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लगभग 18 प्रतिशत समर्थन मिला. निवेशकों का मानना है कि पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) योजनाओं के चलते इस क्षेत्र को नीति समर्थन मिलता रहेगा, जिससे घरेलू उत्पादन और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.
इक्विटी बाजार को लेकर सकारात्मक नजरिया
रिपोर्ट के अनुसार, निवेश प्रबंधक भारत के मध्यम अवधि के इक्विटी आउटलुक को लेकर आशावादी हैं. 82 प्रतिशत से अधिक का अनुमान है कि FY27 तक निफ्टी 50, 25,000 के स्तर से ऊपर बंद हो सकता है. वहीं, 43 प्रतिशत ने इसे 25,000 से 27,500 के दायरे में रहने का अनुमान जताया है.
महंगाई और बाजार में उतार-चढ़ाव
महंगाई को लेकर उम्मीदें स्थिर बनी हुई हैं. 85 प्रतिशत से अधिक निवेशकों का मानना है कि FY27 में महंगाई दर 4 से 5 प्रतिशत या उससे कम रह सकती है. हालांकि, करीब 80 प्रतिशत प्रबंधकों ने बजट के आसपास अल्पकालिक बाजार उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है, जिसे वे अस्थायी मानते हैं.
कर नीति में सीमित बदलाव की उम्मीद
रिपोर्ट के अनुसार, कर व्यवस्था में बड़े बदलाव की संभावना कम है. कॉरपोरेट टैक्स में कटौती की गुंजाइश सीमित बताई गई है, जबकि सैलरीड वर्ग के लिए लक्षित राहत या सरलीकरण संभव माना जा रहा है. कुल मिलाकर, बजट 2026 में रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कैपेक्स आधारित क्षेत्रों पर जोर, सीमित कर राहत और वित्तीय अनुशासन के साथ संतुलित विकास की तस्वीर उभरती नजर आ रही है.
यह भी पढ़ें- Budget 2026: बिजली संकट से जूझ रहे पावरलूम बुनकर, केंद्रीय 50% सोलर सब्सिडी की मांग

