ट्रम्प की बड़ी डील: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच ऐतिहासिक समझौता, शेवरॉन दोगुना करेगा तेल का उत्पादन
शेवरॉन वेनेजुएला में अपने तेल परिचालन को बढ़ाने के लिए $7 बिलियन निवेश करेगा, जिससे दैनिक क्रूड उत्पादन दोगुना से अधिक हो जाएगा.

Published : September 3, 2026 at 9:47 AM IST
वॉशिंगटन: अमेरिकी तेल क्षेत्र की दिग्गज कंपनी शेवरॉन (Chevron) ने वेनेजुएला में अपने परिचालन का विस्तार करने की आधिकारिक घोषणा की है. यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों को विकसित करने और इसमें अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) की हिस्सेदारी तय करने वाले एक महत्वाकांक्षी समझौते के बाद आया है. वेनेजुएला में मजबूत उपस्थिति रखने वाली एकमात्र प्रमुख अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन ने बुधवार को पुष्टि की कि उसे ओरिनोको बेल्ट में अतिरिक्त क्षेत्र आवंटित किया गया है, जहां वह पहले से काम कर रही है.
$7 बिलियन का निवेश और उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य
शेवरॉन की योजना अगले पांच वर्षों में वेनेजुएला में 7 बिलियन डॉलर (लगभग 58,000 करोड़ रुपये से अधिक) का भारी निवेश करने की है. कंपनी का मुख्य लक्ष्य अपने वर्तमान तेल उत्पादन को दोगुना से अधिक बढ़ाकर लगभग 600,000 बैरल प्रति दिन करना है. शेवरॉन के सीईओ माइक विर्थ ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "वेनेजुएला में शेवरॉन का इतिहास एक सदी से भी पुराना है. हमारे परिचालन का यह विस्तार देश की गहरी संसाधन क्षमता में हमारे मजबूत विश्वास को दर्शाता है."
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार
ओपेक (OPEC) के 2025 के वार्षिक सांख्यिकीय बुलेटिन के अनुसार, वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित कच्चा तेल भंडार है, जो 303 बिलियन बैरल से अधिक है. इस मामले में सऊदी अरब 267 बिलियन बैरल के साथ दूसरे स्थान पर है. हालांकि, लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और खराब बुनियादी ढांचे के कारण वेनेजुएला का दैनिक उत्पादन वर्तमान में केवल 1 मिलियन बैरल के आसपास है, जबकि सऊदी अरब 10 से 11 मिलियन बैरल और अमेरिका लगभग 14 मिलियन बैरल प्रति दिन का उत्पादन करता है.
अमेरिकी ऊर्जा सचिव की उपस्थिति में हुआ समझौता
अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कराकास (वेनेजुएला की राजधानी) में आयोजित एक समारोह में भाग लिया, जहां शेवरॉन और इटली की तेल कंपनी एनी (Eni) सहित कई वैश्विक ऊर्जा कंपनियों ने वेनेजुएला सरकार के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इस अवसर पर क्रिस राइट ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रम्प का वेनेजुएला में मिशन सीधा है—वहां के लोगों के लिए शांति, स्वतंत्रता, अवसर और समृद्धि लाना. आज जो समझौते हुए हैं, वे अरबों डॉलर के निवेश और हजारों नौकरियों का जरिया बनेंगे."
व्हाइट हाउस ने यह भी पुष्टि की है कि ट्रम्प प्रशासन वेनेजुएला के तेल उद्योग में प्रवेश करने के लिए 'नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स' (NABEP) के साथ भी साझेदारी कर रहा है.
विशेषज्ञों की चिंताएं और कानूनी चुनौतियां
इस बड़े समझौते के बावजूद, ऊर्जा विश्लेषक और विशेषज्ञ इसे लेकर थोड़े आशंकित हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि वेनेजुएला के जर्जर हो चुके बुनियादी ढांचे को सुधारने में कई साल और अरबों डॉलर का खर्च आएगा. न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी की विशेषज्ञ एमी जाफे के अनुसार, ओरिनोको क्षेत्र में नई सुविधाएं शुरू करने में ही 2 से 4 साल का समय लग सकता है.
इसके अलावा, इस समझौते की वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं. कैटो इंस्टीट्यूट के उपाध्यक्ष इयान वास्केज़ ने कहा कि वेनेजुएला के संविधान के अनुसार, ऐसे समझौतों को नेशनल असेंबली (संसद) से मंजूरी मिलना अनिवार्य है, जो कि नहीं हुआ है. विपक्ष और विश्लेषकों का मानना है कि यदि भविष्य में वेनेजुएला में कोई अन्य लोकतांत्रिक सरकार आती है, तो वह इस समझौते को चुनौती दे सकती है.
घरेलू तेल की कीमतों पर असर
राष्ट्रपति ट्रम्प का दावा है कि इस समझौते से अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें "काफी कम" हो जाएंगी. वर्तमान में, अमेरिका में नियमित गैसोलीन की औसत कीमत बढ़कर $4.12 प्रति गैलन हो गई है, जो पिछले साल की तुलना में 93 सेंट अधिक है. हालांकि, अन्य अमेरिकी तेल कंपनियां जैसे एक्सॉन मोबिल (Exxon Mobil) अभी भी वेनेजुएला में दोबारा निवेश करने से कतरा रही हैं, क्योंकि 1976 और 2007 में वेनेजुएला सरकार ने विदेशी तेल संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था. फिलहाल, शेवरॉन इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

