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अमेरिकी कोर्ट से क्लीन चिट के बाद अडानी के शेयरों में तूफानी तेजी, अडानी ग्रीन 5% चढ़ा

अमेरिकी कोर्ट से आपराधिक आरोप हटने के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में 5% तक की भारी तेजी दर्ज की गई है.

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गौतम अडानी (ani)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : May 19, 2026 at 1:57 PM IST

3 Min Read
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नई दिल्ली: अमेरिकी न्याय विभाग (DoJ) द्वारा गौतम अडानी और सागर अडानी पर लगे सभी आपराधिक आरोपों को पूरी तरह वापस लेने के फैसले के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी उछाल दर्ज किया गया. पिछले 19 महीनों से कानूनी अनिश्चितता का सामना कर रहे ग्रुप के लिए यह खबर एक बड़े बूस्टर के रूप में सामने आई है, जिससे निवेशकों का भरोसा दोबारा लौट आया है.

प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन और इंट्राडे बढ़त
अदालत द्वारा आपराधिक मामला 'विथ प्रिज्युडिस' (हमेशा के लिए) बंद किए जाने की खबर मिलते ही ग्रुप की सभी 10 लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली

  • अडानी ग्रीन एनर्जी: इस कानूनी राहत से सबसे ज्यादा फायदा ग्रीन एनर्जी सेक्टर को हुआ, जिसके शेयर इंट्राडे में 5.38% तक उछलकर ₹1,442 पर पहुंच गए.
  • NDTV: मीडिया विंग के शेयरों ने ग्रुप में सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए 7.34% की उच्चतम बढ़त दर्ज की.
  • अडानी टोटल गैस: कंपनी के शेयरों में निवेशकों ने आक्रामक खरीदारी की, जिससे यह 4.23% की मजबूती के साथ ₹635.80 पर आ गया.
  • अडानी एंटरप्राइजेज: ग्रुप की इस फ्लैगशिप कंपनी के शेयरों में 3.12% का उछाल देखा गया और यह ₹2,774 के स्तर को छू गया.
  • अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस: इसके शेयर भी 3.00% की बढ़त के साथ ₹1,362 पर कारोबार करते नजर आए.
  • अडानी पावर और अडानी पोर्ट्स: दोनों ही प्रमुख शेयरों में क्रमशः 2.48% और 1.00% की ठोस रिकवरी दर्ज की गई.

क्यों आई शेयरों में यह तूफानी तेजी?
शेयरों में इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिका में चल रहे सभी बड़े विवादों का एक साथ सुलझ जाना है. आपराधिक मामले खारिज होने के अलावा, अडानी ग्रुप ने अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के सिविल केस को $18 मिलियन और ट्रेजरी विभाग (OFAC) के प्रतिबंधों से जुड़े सिविल दावों को $275 मिलियन का भुगतान कर पूरी तरह सेटल कर लिया है. इन समझौतों में ग्रुप ने किसी भी प्रकार की गलती या दोष को स्वीकार नहीं किया है.

निवेशकों के लिए आगे क्या हैं मायने?
इस क्लीन चिट के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों के लिए सबसे बड़ा रोड़ा हट गया है. अब ग्रुप के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट मार्केट और वैश्विक बैंकों से दोबारा कम ब्याज पर विदेशी फंडिंग जुटाना बेहद आसान हो जाएगा. इसके अलावा, अमेरिका में $10 बिलियन का निवेश करने की ग्रुप की योजना को अब रफ्तार मिलेगी, जिससे आने वाले दिनों में इन शेयरों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है.

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