ETV Bharat / business

8वां वेतन आयोग: कब तक रिपोर्ट देगा कमीशन? कितनी बढ़ सकती है कर्मचारियों की सैलरी? जानें

हाल ही में केंद्र ने 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रिफ्रेंस की घोषणा की है. इसके साथ ही कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं.

8th Pay Commission
8वां वेतन आयोग (सांकेतिक तस्वीर Getty Images)
author img

By ETV Bharat Hindi Team

Published : November 10, 2025 at 7:23 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को राहत देते हुए हाल ही में 8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रिफ्रेंस (ToR) की घोषणा की है. इसके साथ ही कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि जल्द ही उनके वेतन, भत्तों और पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है. आयोग को अपनी सिफारिशें सरकार को 18 महीनों के अंदर यानी अप्रैल 2027 तक सौंपनी होंगी.

उसके बाद इस रिपोर्ट पर लेबर और फाइनेंस मिनिस्ट्री अप्रूवल मांगा जाएगा. इसके बाद इसे कैबिनेट से अप्रूव किया जाएगा और फिर यह लागू होगा. ऐसे में 8वें वेतन आयोग के साल 2027 की दिवाली तक लागू होने की उम्मीद है. हालांकि, 8वां वेतन आयोग कब से लागू माना जाएगा ये सरकार पर निर्भर करता है.

8वां वेतन आयोग समिति में तीन सदस्यों होंगे. पूर्व जस्टिस रंजन देसाई इसकी अध्यक्ष होंगी. प्रोफेसर पुलक घोष पार्ट-टाइम सदस्य होंगे और पंकज जैन को सदस्य-सचिव नियुक्त किया गया है. आयोग को अपनी सिफारिशें सरकार को 18 महीनों के भीतर सौंपनी होंगी. हालांकि, अगर कमीशन चाहे तो बीच-बीच में भी अपनी अंतरिम रिपोर्ट सरकार को दे सकती है.

क्या करेगी समिति?
टर्म ऑफ रिफ्रेंस में कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, डीए, बोनस, ग्रेच्युटी और परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) की समीक्षा करना है. इसके अलावा सरकार पर ज्यादा बोझ न पड़े इसके लिए यह समानता और फाइनेंशियल बैलेंस बनाए रखना का भी काम करेगी, साथ ही यह देश की आर्थिक स्थिति और वित्तीय अनुशासन की सिफारिश भी करेगी. इसके समिति पब्लिक सेक्टर और प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के सैलरी स्ट्रक्चर से भी तुलना करेगा.

कब तक रिपोर्ट देगा आयोग?
नोटिफिकेशन के अनुसार आयोग को अपने गठन की तारीख से 18 महीनों के अंदर रिपोर्ट सौंपनी होगी रिपोर्ट सौंपने के बाद सरकार उसकी समीक्षा करेगी और मंजूरी के बाद नए सैलरी स्ट्रक्चर पर लागू करेगी.

कितनी बढ़ सकती है कर्मचारियों की सैलरी?
8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ोतरी होगी. यह वही सवाल हो जिसका जवाब हर केंद्रीय कर्मचारी जानना चाहता है. बता दें कि वित्तीय संस्थानों कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज और एम्बिट कैपिटल के अनुमानों के मुताबिक केंद्रीय कर्मियों की सैलरी में बढ़ोतरी के लिए 1.8 से 2.46 के बीच फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल हो सकता है.

अगर फिटमेंट फैक्टर 1.8 तय होता है, तो लेवल-1 कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18,000 से बढ़कर 32,400 रुपये हो जाएगी. वहीं, अगर 2.15 फिटमेंट फैक्टर यूज किया जाता है तो मिनिमम सैलरी 18 हजार से 38700 रुपये पहुंच सकती है, जबकि 2.46 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर मिनिमम सैलरी 44280 पहुंची की उम्मीद है.

यह भी पढ़ें- जस्टिस रंजना देसाई को चुना गया 8वां वेतन आयोग का अध्यक्ष, क्या होगा कमीशन का अगला कदम?