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Yearender 2025: बिहार बना डिजिटल अरेस्ट का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट, निशाने पर रहे पढ़े-लिखे लोग

साल 2025 में बिहार में साइबर फ्रॉड की कई घटनाएं हुईं. एक चिकित्सक ने 1.95 करोड़ रुपये गंवा दिए. पढ़ें-लिखे लोग टारगेट पर रहे.

Bihar cyber fraud in 2025
साल 2025 में साइबर फ्रॉड का हब बना बिहार (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 29, 2025 at 11:40 AM IST

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पटना: बिहार सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाला राज्य माना जाता है और गरीब राज्य साइबर अपराधियों के गिरफ्त में आ चुका है. बिहार के कई जिले ऐसे हैं, जहां संगठित रूप में साइबर फ्रॉड कम कर रहे हैं. हर रोज नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं और भोले भाले लोगों से ठगी की जा रही है. एक अनुमान के मुताबिक हर साल 500 करोड़ से अधिक की ठगी बिहार के लोगों से की जाती है.

अंतर्राष्ट्रीय ठगी का केंद्र बनता जा रहा है बिहार: बिहार राज्य साइबर अपराधियों के लिए हब बनता जा रहा है. बिहार के ज्यादातर जिलों में साइबर अपराधियों ने पांव पसार रखा है. पहले झारखंड के जामताड़ा से साइबर अपराध संचालित होते थे, लेकिन अब नालंदा और नवादा जिला साइबर क्राइम का हब बन चुका है.

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नूरसराय और कतरी सराय से अंतरराष्ट्रीय ठगी की घटना को अंजाम दिया जा रहा है. साइबर अपराधी नए-नए तरीकों और योजनाओं को ठगी का माध्यम बना रहे हैं. गरीब और भोली भाली जनता को भी निशाना बनाया जा रहा है. हाल ही में पूर्णिया में अंतर्राष्ट्रीय ठगी का मामला सामने आया था. पुलिस ने मामले का खुलासा भी किया है. पूर्व आईपीएस अमिताभ कुमार दास का कहना है कि साइबर अपराध बिहार में संगठित रूप धारण कर चुका है.

Bihar cyber fraud in 2025
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

"बिहार के ज्यादातर जिलों में साइबर अपराधी सक्रिय हैं और अलग-अलग तरीकों से बैंक के नाम पर या फिर डिजिटल अरेस्ट कर लोगों से पैसे की उगाही कर रहे हैं. सरकार या पुलिस प्रशासन पहले तो मामले को दर्ज करने में आनाकानी करती है. फिर उसके बाद पैसा वापस होने में काफी वक्त लग जाता है."- अमिताभ कुमार दास,पूर्व आईपीएस

Bihar cyber fraud in 2025
पूर्व आईपीएस अमिताभ कुमार दास (ETV Bharat)

साल दर साल बढ़ रहे हैं मामले: पिछले कुछ वर्षों में बिहार में साइबर क्राइम और साइबर ठगी के मामलों में जबरदस्त इजाफा हुआ है. आंकड़ों के लिहाज से अगर देखें तो साल 2022 में कुल मिलाकर 1606 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए गए हैं. साल 2023 में 4450 मामले दर्ज किए गए यानी की आंकड़े में बड़ा उछाल आया और 2.7 गुना अधिक साइबर अपराध का मामला दर्ज किया गया.

साल 2024 में कुल मिलाकर 5,712 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 से और ज़्यादा हैं. साल 2025 में मई महीने तक कुल मिलाकर 3,258 मामले दर्ज हुए थे. 2022 के मुकाबले 2024 में साइबर अपराध के मामले में चार गुना वृद्धि दर्ज किया गया.

Bihar cyber fraud in 2025
ईटीवी भारत GFX (ETV Bharat)

डिजिटल अरेस्ट साइबर अपराधियों का हथकंडा: एक अनुमान के मुताबिक हर साल बिहार में 800 करोड़ से लेकर 1000 करोड़ के बीच साइबर अपराधी ठगी कर बिहार के भोले भाले लोगों को संकट में डाल देते हैं. साइबर अपराधी नए-नए तरीके इजाद कर लेते हैं. कभी बैंक डिटेल्स बात कर डिजिटल अरेस्ट कर लिया जाता है तो कभी सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के नाम पर फोन कर डिजिटल अरेस्ट किया जाता है. डिजिटल अरेस्ट के जरिए भी करोड़ों की ठगी बिहार में की जा चुकी है.

एक्सटॉर्शन के जरिए हो रही है ठगी: बिहार में साइबर अपराध का नया ट्रेंड भी देखने को मिल रहा है. पहले कम पढ़े लिखे लोग शिकार होते थे, लेकिन अब आईएएस आईपीएस राजनेता और न्यायिक पदाधिकारी भी शिकार हो रहे हैं. साल 2025 में कई ऐसी घटनाएं हुई जिसने प्रशासन को भी सकते में डाल दिया. ठगी की घटना तकरीबन बिहार के तमाम जिलों में दर्ज की गई साइबर अपराधियों के लिए एक्सटॉर्शन भी हथकंडा बन चुका है.

2025 के बड़े मामले: 20 जनवरी 2025 को जमुई में साइबर अपराध का मामला सामने आया. चिकित्सक कैलाश प्रसाद शर्मा को डिजिटल अरेस्ट किया गया और उनसे 15 लाख रुपए की ठगी की गई. चिकित्सक महोदय ने 11 लाख रुपये एक अकाउंट में और चार लाख रुपये दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया था, लेकिन जैसे ही चिकित्सक को शक हुआ तो उन्होंने 1930 नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करायी.

5 फरवरी 2025 को रेलकर्मी विकास कुमार को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट किया. उन्हें 5 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया. सीबीआई ऑफिसर के नाम पर भयादोहन हुआ और उनसे 1 लाख 60000 रुपए की ठगी की गई. 8 अप्रैल को गया जिले के शिक्षक संजीव कुमार से सीबीआई ऑफिसर के नाम पर 40 लाख रुपए की ठगी कर ली गई.

साइबर अपराधी राजनेताओं को भी निशाना बना रहे हैं. 15 अप्रैल को साइबर अपराधियों ने राष्ट्रीय जनता दल के विधान पार्षद मोहम्मद शोएब को 12 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा. विधान पार्षद से ठगी को लेकर कोई आंकड़ा सामने नहीं आया. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझाया गया.

एक करोड़ 95 लाख रुपए की ठगी: 21 मई को हनुमान नगर स्थित चिकित्सक दंपति को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट किया. 12 दिन तक दंपति को डिजिटल अरेस्ट रखा गया और उनसे एक करोड़ 95 लाख रुपए ठग लिए गए.28 जून को साइबर अपराधियों ने छपरा जिले के शिक्षक प्रिंस कुमार को डिजिटल अरेस्ट किया. क्रेडिट कार्ड के मसले पर प्रिंस कुमार को डिजिटल अरेस्ट रखा गया. साइबर अपराधियों ने डेढ़ लाख रुपए शिक्षक से ठग लिए.

गरीबों के साथ की जा रही है ठगी: बिहार गरीबी सूचकांक के मामले में निचले पायदान पर है. वर्तमान मूल्य पर (Current Prices): बिहार में एक व्यक्ति औसतन ₹4,900 से ₹5,800 प्रति माह के बीच कमाता है. सालाना आधार पर बिहार की प्रति व्यक्ति आय वर्तमान में लगभग ₹59,637 (आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 के अनुसार) से लेकर ₹69,321 (2024-25 के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार) तक पहुंच गई है. बावजूद इसके गरीबों को साइबर अपराधी ठग रहे हैं.

Bihar cyber fraud in 2025
साइबर एक्सपर्ट अभिनव (ETV Bharat)

साइबर एक्सपर्ट अभिनव का मानना है कि साइबर अपराध से बचने के लिए लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है. हर रोज नए-नए तरीके साइबर अपराधी ढूंढ लेते हैं. नए तरीकों से लोगों को जागरूक करना होगा. पुलिस के स्तर पर कार्रवाई की जा रही है लेकिन बहुत कुछ और किए जाने की जरूरत है.

"साइबर अपराधी जब पैसे का ट्रांसफर करते हैं, तत्काल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए उसी समय बैंक में पैसे को फ्रीज कर दिया जाए तो साइबर अपराध में कमी आ सकती है. लोगों के पैसे भी वापस लौट सकते हैं."- अभिनव, साइबर एक्सपर्ट

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