अंतरराष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी सूरज यादव पर ब्लैकमेलिंग और एक्सटॉर्शन के संगीन आरोप, एमपी में केस दर्ज
यूपी सरकार से लक्ष्मण अवॉर्ड विजेता इंटरनेशनल वुशु खिलाड़ी यूपी पुलिस में सिपाही सूरज यादव पर जबलपुर में एक्सटॉर्शन का केस दर्ज हुआ है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 7, 2026 at 11:37 AM IST
|Updated : January 7, 2026 at 11:45 AM IST
वाराणसी: उत्तर प्रदेश पुलिस में खेल कोटे से जॉब कर रहे लक्ष्मण अवॉर्ड प्राप्त वुशु खिलाड़ी सिपाही सूरज यादव पर एक शादीशुदा महिला वुशू कोच के साथ मिलकर ब्लैकमेल और एक्सटॉर्शन करने का गंभीर मामला सामने आया है.
एमपी के जबलपुर न्यायालय के आदेश पर आरोपी सिपाही और महिला कोच के विरुद्ध धारा 384 भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है. गौर करें तो वुशु खेल में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सूरज यादव को न सिर्फ पुलिस विभाग में नौकरी दी, बल्कि प्रतिष्ठित लक्ष्मण अवॉर्ड से भी अलंकृत किया है.
इस बारे में पीड़ित मनोज गुप्ता ने बताया कि परेड कोठी, इंग्लिशिया लाइन, वाराणसी के सिपाही सूरज यादव ने एमपी के जबलपुर की रहने वाली एक शादीशुदा महिला वुशु कोच को कथित तौर पर अपने प्रेम जाल में फंसाकर अनैतिक संबंध बना लिए हैं.
पीड़ित पति का आरोप है कि महिला कोच ने इन अनैतिक संबंधों का विरोध करने पर अपने पति और 25 वर्षीय बेटे को भी घर से बाहर निकाल दिया. जानकारी के मुताबिक महिला का बेटा अंतरराष्ट्रीय स्तर का वुशु खिलाड़ी रहा है. जिसने अपनी मां और सूरज यादव के अनैतिक रिश्तों से हो रही पारिवारिक और सामाजिक शर्मिंदगी के चलते खेल को अलविदा कह दिया.
इस पूरे घटनाक्रम से आहत होकर महिला के पति ने खेलों में नैतिकता और शुचिता बनाए रखने के उद्देश्य से खेल विभाग, भारत सरकार एवं भारतीय वुशु संघ में शिकायत कर दोनों को खेल से प्रतिबंधित करने की मांग की.
पीड़ित पति का ये आरोप है कि इससे नाराज होकर सिपाही सूरज यादव ने महिला कोच के साथ मिलकर पीड़ित पति के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र रचा है. वुशु महिला कोच के पीड़ित पति का आरोप है कि उसे होटल के कमरे में बनाए गए सूरज यादव और उसकी पत्नी के आपत्तिजनक वीडियो की पेन ड्राइव भेजकर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई है. इसके साथ ही उसे पत्नी को तलाक देने के साथ 10 लाख की मांग की गई है.
पीड़ित हसबैंड का आरोप है कि इसके अलावा उसे धमकी देकर पत्नी के नाम मकान करने के लिए कहा गया है. इसके अलावा खेल विभाग व भारतीय वुशु संघ में दी गई शिकायतें वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया. इतना ही नहीं पीड़ित को जान से मारने की धमकी देकर उसे डराया-धमकाया जा रहा है और ब्लैकमेल किया जा रहा है.
मामले में पीड़ित की ओर से एडवोकेट भूपेन्द्र तिवारी द्वारा प्रस्तुत परिवाद पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जबलपुर ने दिनांक 22.12.2025 को प्रकरण क्रमांक UNCR 1581/2025 (मनोज गुप्ता बनाम सूरज यादव व अन्य) में संज्ञान लेते हुए आरोपी सिपाही सूरज यादव एवं पीड़ित की पत्नी के विरुद्ध एक्सटॉर्शन का मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं. न्यायालय ने इसे गंभीर, संगीन और नैतिक अधोपतन की श्रेणी का अपराध माना है.
गौर करें तो पुलिसकर्मी के इस प्रकार के कृत्य को कानून और पुलिस की गरिमा पर सीधा आघात बताया जा रहा है. पीड़ित ने न्यायालयीन आदेश की प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव गृह, यूपी एवं खेल संचालक उत्तर प्रदेश को सौंपते हुए मांग की है कि यह कृत्य UP Police Officers of the Subordinate Ranks (Punishment & Appeal) Rules, 1991 के अंतर्गत तत्काल निलंबन और विभागीय जांच का स्पष्ट आधार है. पीड़ित ने न्याय की गुहार लगाई है.
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