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यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आई सिंगापुर की महिला श्रद्धालु की मौत, अब तक 16 लोगों की जा चुकी जान

यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर एक और श्रद्धालु की गई जान, इस बार सिंगापुर निवासी महिला श्रद्धालु ने तोड़ा दम

Yamunotri Dham
यमुनोत्री धाम (फोटो सोर्स- Information Department)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 3, 2026 at 10:17 PM IST

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उत्तरकाशी: विश्व प्रसिद्ध चारधाम में शुमार यमुनोत्री धाम यात्रा के दौरान एक और श्रद्धालु की मौत हो गई है. इसके साथ ही इस साल यमुनोत्री धाम मार्ग पर विभिन्न कारणों से जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 16 हो गई है. श्रद्धालु की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है.

सिंगापुर निवासी महिला की गई जान: जानकारी के मुताबिक, बुधवार यानी 3 जून को देर शाम सिंगापुर निवासी महिला श्रद्धालु आर. मालावती (उम्र 62 वर्ष) की यात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई. उन्हें अचेत अवस्था में तत्काल स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया.

स्वास्थ्य केंद्र जानकीचट्टी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अखिल राणा ने महिला श्रद्धालु की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम चुकी थीं. घटना की सूचना तत्काल पुलिस चौकी जानकीचट्टी को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है. साथ ही महिला के परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है.

मेडिकल जांच कराने के बाद ही यात्रा करें: उत्तराखंड चारधाम यात्रा के दौरान लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या के बीच स्वास्थ्य संबंधी मामलों में भी इजाफा देखा जा रहा है. विशेष रूप से वृद्ध और पहले से बीमार श्रद्धालुओं को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार यात्रियों से स्वास्थ्य परीक्षण कराने और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही यात्रा करने की अपील कर रहे हैं.

यमुनोत्री धाम की यात्रा में अब तक 16 श्रद्धालुओं की मौत: गौर हो कि यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने यानी 19 अप्रैल से लेकर अब तक 16 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और यात्रियों की सतर्कता को लेकर चिंता बढ़ गई है. प्रशासन का कहना है कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ ही संवेदनशील स्थलों पर मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है. ताकि, किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके.

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