पश्चिमी सिंहभूम में हाथी का कहर: एक ही रात में 6 की मौत, 6 दिन में 15 से ज्यादा की गई जान
चाईबासा में जंगली हाथी का आतंक. एक ही रात में 6 लोगों को हाथी ने मार डाला.

Published : January 7, 2026 at 2:00 PM IST
चाईबासा: :पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. नोवामुंडी प्रखंड के जेटेया थाना क्षेत्र के बाबरिया गांव और हाटगम्हरिया में हाथी के हमले में दो मासूम बच्चों समेत छह लोगों की जान चली गई है. चाईबासा के डीएफओ आदित्य नारायण ने घटना की पुष्टि की है.
नोवामुंडी में दो मासूम समेत पांच की मौत
डीएफओ के मुताबिक नोवामुंडी के बाबरिया गांव 6 जनवरी की रात हाथी के हमले में एक ही परिवार के 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. मृतकों में पति-पत्नी, उनके दो मासूम बच्चे और दूसरे परिवार का एक सदस्य शामिल है. घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब सभी लोग अपने-अपने घरों में सो रहे थे. तभी अचानक हाथी ने घर पर हमला कर दिया. इस हमले में परिवार का एक बच्चा किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा.
हाटगम्हरिया में एक ग्रामीण की मौत, दो घायल
दूसरी घटना हाटगम्हरिया क्षेत्र की है. यहां हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई जबकि दो घायल हैं. डीएफओ के मुताबिक बार‑बार जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों से घर के बाहर नहीं सोने की अपील की गई थी, इसके बावजूद कई परिवार रात में खुले में सो रहे थे, जिसके कारण यह दर्दनाक घटना हो गई. फिलहाल, वन विभाग की पूरी टीम प्रभावित इलाकों में लगातार भ्रमण कर रही है. ड्रोन और अन्य संसाधनों की मदद से हाथी के मूवमेंट पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी नए गांव में नुकसान होने से पहले अलर्ट जारी किया जा सके.
मदद के लिए वनतारा की टीम से संपर्क
डीएफओ ने बताया कि हाथी बहुत तेजी से अपना लोकेशन बदल रहा है, जिससे उसे लगातार ट्रेस कर पाना वन विभीग की टीमों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल से विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है, जो हाथी को ट्रेंकुलाइज कर काबू में लेने की प्रक्रिया में मदद करेगी. इसके साथ ही वन्यजीव संरक्षण संगठन ‘वनतारा’ की टीम से भी संपर्क किया गया है और उनके आने के बाद आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी
मृतकों की पहचान
बाबरिया गांव में हाथी के हमले में जान गंवाने वालों की पहचान सनातन मेराल, उनकी पत्नी जोंकों कुई, उनके दो मासूम बच्चे और मोगदा लागुरी (दूसरे परिवार का सदस्य) के रूप में हुई है. इस हृदय विदारक घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग दहशत में हैं.
अन्य गांवों में भी हाथी का हमला, दो और मौतें
हाथी का आतंक सिर्फ बाबरिया गांव तक सीमित नहीं रहा. बड़ा पासीया गांव में भी हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई. वहीं लांपाईसाई गांव में एक अन्य व्यक्ति को हाथी ने रौंदकर मार डाला. इन दोनों गांवों में मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है.
वन विभाग और प्रशासन अलर्ट, हाथी की निगरानी जारी
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. हाथी की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है. प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय करने की बात कही है.
कब-कब और कहां-कहां हाथी के हमले से हुई मौतें
1 जनवरी
- टोंटो प्रखंड के बांडीझारी गांव निवासी 35 वर्षीय मंगल सिंह हेंब्रम की मौके पर मौत.
- बिरसिंहहातु गांव के कुचु बासा टोली निवासी 55 वर्षीय उर्दूप बहंदा की भी जान गई.
- सदर प्रखंड के रोरो गांव निवासी 57 वर्षीय विष्णु सुंडी की मौत.
- इसी दौरान मानी कुंटिया और सुखमति बहंदा गंभीर रूप से घायल.
2 जनवरी
- गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सायतवा गांव में 13 वर्षीय रेंगा कयोम की कुचलकर मौत.
- चक्रधरपुर के बाईपी गांव की 10 वर्षीय ढिंगी गागराई गंभीर रूप से घायल.
4 जनवरी
- गोइलकेरा प्रखंड के संतरा वन क्षेत्र, अमराई कितापी गांव में 47 वर्षीय महिला की मौत.
- पति रंजन टोपनो और पुत्र काहिरा टोपनो (10) घायल.
5 जनवरी
- मिस्त्री बेड़ा वन ग्राम में 50 वर्षीय जोंगा लागुरी की मौत.
- पति चंद्रमोहन लागुरी (52) गंभीर रूप से घायल.
6 जनवरी
- गोइलकेरा के सोवा गांव में कुंदरा बाहदा 6 वर्षीय, कोदमा बाहदा 8 माह की सामू बाहदा की मौत.
- 3 वर्षीय जिंगी बाहदा गंभीर रूप से घायल.
- कुईलसूता गांव में 21 वर्षीय जगमोहन सवईया की भी जान गई.
लगातार बढ़ता मानव-हाथी संघर्ष, बड़ा सवाल
लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन और वन विभाग की रणनीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोग हाथी कॉरिडोर में बसे गांवों को सुरक्षित स्थानों पर बसाने, स्थायी निगरानी व्यवस्था और त्वरित अलर्ट सिस्टम की मांग कर रहे हैं.
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