बंगाल वोटर लिस्ट अपडेट: लाखों दस्तावेजों का सत्यापन अब भी बाकी, क्या बढ़ेगी फाइनल लिस्ट की तारीख?
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' की प्रक्रिया को राजनीतिक हलकों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.


Published : February 20, 2026 at 7:42 PM IST
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) 28 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी. हालांकि, अभी भी काफी काम बाकी है, जिसके कारण तय तारीख तक राज्य के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' की अंतिम सूची जारी होने पर कुछ संदेह बना हुआ है. इससे पहले, अंतिम सूची जारी करने की तारीख दो बार बदली जा चुकी है. अंत में इसे 28 फरवरी तय किया गया था.
शनिवार दस्तावेजों के निपटारे का आखिरी दिन है. माना जा रहा है कि यदि इस समय-सीमा को आगे बढ़ाया गया, तो अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख पर भी इसका असर पड़ सकता है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पश्चिम बंगाल में इस पुनरीक्षण की समय-सीमा बढ़ाई गई थी. दस्तावेजों के सत्यापन का काम 21 फरवरी तक पूरा करना अनिवार्य होगा. अभी भी कई जिलों में काफी काम बाकी है.
बता दें कि अगले कुछ महीनों में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के इस 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) की प्रक्रिया को राजनीतिक हलकों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अनुसार, अब तक लगभग 4 लाख 45 हजार 970 मतदाताओं को 'अपात्र' पाया गया है. इनमें वे लोग शामिल हैं जिन्होंने फॉर्म के साथ दस्तावेज जमा नहीं किए या जिनके दस्तावेज स्वीकार्य नहीं थे. इसके अलावा, यह भी सामने आया है कि नोटिस मिलने के बावजूद करीब 5 लाख लोग सुनवाई के लिए नहीं पहुंचे.
वहीं, 58 लाख लोगों के नाम पहले ही हटाए जा चुके थे. यदि इन सभी आंकड़ों को जोड़ दिया जाए, तो यह स्पष्ट है कि अंतिम मतदाता सूची से लगभग 69 लाख लोगों के नाम कटने जा रहे हैं.
यह पाया गया कि 4 लाख 66 हजार 323 लोगों के फॉर्म अभी भी सत्यापन के लिए लंबित हैं. अन्य 30 लाख फॉर्म दोबारा जांच के लिए भेजे गए हैं. इसके अतिरिक्त, 20 लाख अन्य मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन अभी भी बाकी है, क्योंकि चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक चुनाव पंजीकरण अधिकारी (AERO) इन फॉर्मों पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं ले पाए हैं. दस्तावेजों की जांच के लिए 1 लाख और मतदाताओं की जानकारी राज्य के बाहर भेजी गई है.
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि 28 फरवरी तक अंतिम सूची तैयार नहीं होती है, तो राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को समय विस्तार (extension) के लिए दिल्ली स्थित राष्ट्रीय चुनाव आयोग में आवेदन करना होगा.
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