वर्ल्ड कप विजेता क्रिकेटर पश्चिम बंगाल वोटर लिस्ट से OUT, जानें ऋचा घोष के साथ ऐसा क्यों हुआ?
पश्चिम बंगाल में नई मतदाता सूची जारी होते ही राजनीतिक घमासान मचा है. बशीरहाट में टीएमसी ने विरोध प्रदर्शन किया.


Published : March 1, 2026 at 8:00 PM IST
|Updated : March 2, 2026 at 3:52 PM IST
सिलीगुड़ी: पश्चिम बंगाल में हाल ही में जारी की गई अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. बंगाल की शान और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष का नाम मतदाता सूची में 'अंडर एडजुडिकेशन' (विचाराधीन) श्रेणी में डाल दिया गया है. जिसका मतलब है कि फिलहाल उनका नाम फाइनल लिस्ट से बाहर है.
क्या है पूरा मामला?
ऋचा घोष सिलीगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 19 की निवासी हैं. वे हाल ही में पश्चिम बंगाल पुलिस में डीएसपी के रूप में शामिल हुई हैं. चूंकि ऋचा वर्तमान में बेंगलुरु में ट्रेनिंग ले रही हैं, इसलिए वे मतदाता सूची के विशेष संशोधन (SIR) प्रक्रिया के दौरान व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकीं. ऋचा के साथ-साथ उनकी बहन सोमश्री घोष का नाम भी इसी श्रेणी में रखा गया है. उनके पिता मानवेन्द्र घोष ने कहा कि उन्होंने सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए थे, फिर भी बेटियों के नाम लिस्ट में नहीं आए.
The farce of @BJP4India and @ECISVEEP's Silent Invisible Rigging reaches new lows of absurdity.
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) March 1, 2026
A World Cup-winning star like Richa Ghosh, Bengal's pride, India's hero, the wicketkeeper-batter who donned the blue jersey and brought glory to the nation, has now been placed “under… pic.twitter.com/jVi4P80gtE
सोशल मीडिया पर TMC का तीखा हमला
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसे चुनाव आयोग और भाजपा की धांधली करार दिया है. पार्टी ने 'X' पर पोस्ट कर कहा- "जो खिलाड़ी देश के लिए गौरव लाई, उसे अपने ही देश में लोकतांत्रिक अधिकार के लिए अपमानित होना पड़ रहा है." TMC का आरोप है कि यह बंगाल की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी साजिश है. सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई है और पार्टी सोमवार को चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाएगी.
टीएमसी कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन
पश्चिम बंगाल के हसनाबाद में मतदाता सूची से नाम काटे जाने के विरोध में शनिवार रात TMC कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर बशीरहाट-हसनाबाद मार्ग जाम किया और शुभेंदु अधिकारी का पुतला फूंका. TMC ने भाजपा और चुनाव आयोग पर अल्पसंख्यक बहुल बूथों से, विशेषकर शाहपुर के बूथ नंबर 111 से लगभग 400 नाम हटाने की साजिश का आरोप लगाया है.
अकेले बशीरहाट सबडिवीजन से फ़ाइनल वोटर लिस्ट से 16,125 नाम हटा दिए गए. बशीरहाट नॉर्थ और साउथ विधानसभा सीटों को मिलाकर यह संख्या 4,500 से थोड़ी ज़्यादा है. स्थानीय सूत्रों ने बताया कि बशीरहाट साउथ विधानसभा सीट के तहत सहापुर के बूथ नंबर 111 में 1,065 लोगों में से 400 को फ़ाइनल लिस्ट में 'हटा दिया गया' दिखाया गया.
शाहपुर में बूथ नंबर 111 के TMC प्रेसिडेंट शाहजहां मोरल ने कहा, "इस बूथ से करीब 400 माइनॉरिटी वोटर्स के नाम फाइनल वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं. हालांकि, इसी बूथ से 120 हिंदू वोटर्स के नाम शामिल किए गए हैं. ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि यह माइनॉरिटी-डॉलर वाला बूथ है. यह BJP की सोची-समझी साज़िश है. हम इसके विरोध में सड़कों पर उतरे हैं."
बीजेपी का पलटवार
BJP के बशीरहाट डिस्ट्रिक्ट यूथ विंग के प्रेसिडेंट पलाश सरकार ने कहा, "तृणमूल SIR का कितना भी विरोध करने या विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर जाए, गैर-कानूनी वोटर्स के नाम फ़ाइनल लिस्ट में नहीं होंगे. गैर-कानूनी वोटर्स के नाम लिस्ट से बाहर होने से तृणमूल बहुत नाराज़ है, क्योंकि वे रूलिंग पार्टी का वोट बैंक हैं."
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