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ईडी रेड पर बंगाल में बवाल! कोलकाता में ममता बनर्जी का विरोध मार्च...दिल्ली में TMC ने खोला मोर्चा

ममता ने ईडी की रेड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने कोलकात में मार्च किया. दूसरी तरफ दिल्ली में टीएमसी सांसदों ने विरोध-प्रदर्शन किया.

ED RAIDS IN WEST BENGAL
ममता बनर्जी का विरोध मार्च, ईडी की छापेमारी के खिलाफ हो रहा विरोध (ANI)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 9, 2026 at 7:26 AM IST

6 Min Read
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में IPAC ऑफिस पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता में विरोध मार्च किया. ममता का यह मार्च ईडी की छापेमारी के खिलाफ है. सीएम ममता टीएमसी के हजारों समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया.

पार्टी के सीनियर नेताओं, मंत्रियों, सांसदों विधायकों और बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ, बनर्जी ने 8B बस स्टैंड इलाके से मार्च शुरू किया. इस दौरान BJP की केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए. उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक बदले के लिए सेंट्रल एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. हाजरा मोड़ की ओर बढ़ रही यह रैली, गुरुवार को ED के सर्च ऑपरेशन के दौरान जैन के लाउडन स्ट्रीट वाले घर पर बनर्जी के नाटकीय दौरे के बाद हुई है.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि एजेंसी तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी डॉक्यूमेंट्स, हार्ड डिस्क और किसी भी फाइनेंशियल जांच से जुड़े नहीं कॉन्फिडेंशियल ऑर्गेनाइजेशनल डेटा को जब्त करने की कोशिश कर रही थी.

दिल्ली में TMC का विरोध प्रदर्शन
बता दें कि, पश्चिम बंगाल में IPAC ऑफिस पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के बाद राजनीति गर्मा गई है. ताजा जानकारी के मुताबिक राजधानी दिल्ली में टीएमसी के 8 सांसदों ने विरोध-प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां से फौरन हटा दिया.

जिन 8 सांसदों ने विरोध किया, उनमें शताब्दी रॉय, डेरेक ओ'ब्रायन, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद समेत कई लोग शामिल थे. पुलिस से इन लोगों की झड़प होने की भी खबर मिली है. वहीं, कोलकाता में सीएम ममता बनर्नी भी कथित कोयला तस्करी घोटाले के सिलसिले में IPAC ऑफिस पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के बाद आज शुक्रवार 9 जनवरी को कोलकाता में विरोध-प्रदर्शन करेंगी. विरोध-प्रदर्शन के दौरान शताब्दी रॉय ने कहा कि उन्होंने कल गुरुवार को ईडी की टीम भेजी और उन्हें चुनाव के समय सब कुछ याद आता है. वे चुनाव के दौरान ईडी, सीबीआई की टीमें सिर्फ जीतने के लिए भेजते हैं, लेकिन वे चुनाव नहीं जीत पाएंगे.

हिरासत में ली गई टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि हमें हिरासत में लेकर पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन लाया गया है. हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऑफिस के बाहर शांति से विरोध-प्रदर्शने कर रहे थे, जिन्होंने बड़ी बेशर्मी से अपनी प्रवर्तन निदेशालय, जबरन वसूली निदेशालय को हमारी पार्टी पर लूटपाट और पॉलिटिकल जासूसी करने और हमारे इलेक्शन डेटा और डॉक्यूमेंट्स चुराने के लिए भेजा. वे हमें, पब्लिक रिप्रेजेंटेटिव्स को, यहां घसीट लाए. ED सिर्फ अपोजिशन के लिए ही क्यों है?. किसी दूसरे अपोजिशन लीडर में इतनी हिम्मत नहीं है जो दीदी (ममता बनर्जी) ने कल गुरुवार को हमारी पार्टी के डॉक्यूमेंट्स बचाने के लिए किया.

बता दें, ईडी (ED) ने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि वे कोलकाता में चल रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान टॉप पॉलिटिकल कंसल्टेंसी ग्रुप I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर में घुसकर दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस समेत 'जरूरी सबूत' अपने साथ ले गईं.

इस संबंध में बयान जारी करते हुए ईडी ने कहा कि उसकी टीम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के आने तक बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के साथ शांतिपूर्ण और प्रोफेशनल तरीके से तलाशी की कार्रवाई कर रही थी. ममता बनर्जी प्रतीक जैन के घर में घुसीं और जरूरी सबूत ले गईं, जिसमें अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस शामिल हैं.

ताजा जानकारी के मुताबिक राजधानी दिल्ली में टीएमसी सांसदों ने विरोध-प्रदर्शन किया. पार्टी सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि उन्होंने कल गुरुवार को ईडी की टीम भेजी और उन्हें चुनाव के समय सब कुछ याद आता है. वे चुनाव के दौरान ईडी, सीबीआई की टीमें सिर्फ जीतने के लिए भेजते हैं, लेकिन वे चुनाव नहीं जीत पाएंगे. इनके साथ-साथ डेरेक ओ'ब्रायन, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद समेत पार्टी सांसदों ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें यहां से हटा दिया.

बता दें, गुरुवार सुबह, ममता बनर्जी एक पब्लिक रोड पर I-PAC ऑफिस गईं और सेंट्रल एजेंसी पर पार्टी से जुड़े डेटा, लैपटॉप, मोबाइल फोन और स्ट्रेटेजिक डॉक्यूमेंट्स को गैर-कानूनी तरीके से जब्त करने का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने रेड के दौरान डेटा ट्रांसफर किया, इसे 'क्राइम' कहा और गृह मंत्री अमित शाह को बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने की चुनौती दी.

ममता बनर्जी ने कहा कि I-PAC कोई प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन नहीं है, बल्कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) की एक ऑथराइज्ड टीम है. उन्होंने दावा किया कि ईडी ने पार्टी के जरूरी डॉक्यूमेंट्स जब्त कर लिए, जिसमें इलेक्टोरल रोल्स के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ा डेटा भी शामिल है, जबकि टीएमसी एक रजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टी है जो रेगुलर इनकम टैक्स जमा करती है. इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुरुवार को टीएमसी सुप्रीमो पर तीखा हमला किया. यह हमला तब हुआ जब वह पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC के कोलकाता ऑफिस गईं. I-PAC पर कथित कोयला घोटाले के सिलसिले में ED ने छापा मारा था.

सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए BJP ने आरोप लगाया कि ईडी (ED) रेड के दौरान बनर्जी के कामों ने 'परेशान करने वाले सवाल' खड़े किए और 'गहरी साजिश' का इशारा दिया. पार्टी ने दावा किया कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री का पार्टी के डॉक्यूमेंट्स और हार्ड डिस्क हासिल करने के लिए जांच वाली जगह पर भागना डैमेज कंट्रोल नहीं था, बल्कि यह सबूत छिपाने की कोशिश थी. बीजेपी ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो कोई मुख्यमंत्री किसी ऑफिशियल जांच साइट से फाइलें लेने के लिए क्यों भागेगा?' साथ ही कहा कि सच्चाई आखिरकार सामने आएगी और बंगाल 'बीजेपी को वोट देगा.'

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