बंगाल में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, परिवर्तन यात्रा को अमित शाह दिखाएंगे हरी झंडी, ममता के लिए बड़ी चुनौती
अमित शाह मूल रूप से 1 मार्च को परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाने वाले थे, लेकिन अब यह 2 मार्च को निर्धारित है.

Published : February 28, 2026 at 7:51 PM IST
|Updated : February 28, 2026 at 8:42 PM IST
अनामिका रत्ना
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. भारतीय जनता पार्टी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को कड़ी टक्कर के लिए अपने तमाम वरिष्ठ नेताओं की एक लंबी लिस्ट तैयार की है.
यह लिस्ट बंगाल के चुनाव में प्रमुख भूमिका निभाएंगे और राज्य के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय होंगे. खासतौर पर इस चुनावी अभियान की शुरुआत 2 मार्च से पार्टी के वरिष्ठ नेता और गृह मंत्री अमित शाह शुरू करने जा रहे हैं,जो बंगाल के दक्षिण परगना के रायदीघि में परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाकर करेंगे.
बीजेपी बंगाल में परिवर्तन यात्रा को एक बड़े आंदोलन के रूप में पेश कर रही है. मतलब साफ है कि पार्टी ममता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए पूरी तरह से तैयारी की घोषणा इस माध्यम से करने जा रही है.
बीजेपी अपनी 'परिवर्तन यात्रा' के दौरान पार्टी के तमाम टॉप लीडर्स को चुनावी मैदान में उतार रही है. इस मेगा प्रचार अभियान में, जिसमें वरिष्ठ नेताओं की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है ताकि केंद्र की योजनाओं का जोर शोर से प्रचार प्रसार किया जा सके.
साथ ही जनता के सामने वो योजनाएं भी बताएं जाएं जिसे केंद्र की सहायता से लागू किया गया है या फिर जिन योजनाओं को पश्चिम बंगाल ने लागू नहीं किया है. चुनाव प्रचार में राज्य के नेताओं के साथ साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की प्रमुख भूमिका होगी. जिसमें कई केंद्रीय नेता भी मोर्चा संभालेंगे.
अमित शाह, राजनाथ सिंह धर्मेंद्र प्रधान, जेपी नड्डा, जैसे वरिष्ठ नेताओं द्वारा झारग्राम, नदिया, दक्षिण 24 परगना और हावड़ा-हुगली में रैलियां संबोधित की जाएंगी. जबकि नदिया जिले के कृष्णानगर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के दिगनगर में एक और बड़ी रैली होगी, जिसे भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा संबोधित करेंगे. उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष भी रहेंगे.
परिवर्तन यात्रा कार्यक्रम के तहत उत्तर बंगाल में भी कूचबिहार दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के रासमेला मठ में एक सार्वजनिक सभा आयोजित की जाएगी. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, शमिक भट्टाचार्य और निशिथ प्रमाणिक सिलीगुड़ी-कूचबिहार क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.
परिवर्तन यात्रा के दौरान बीजेपी के टॉप लीडर्स राज्य के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय रहेंगे. गृह मंत्री अमित शाह मूल रूप से 1 मार्च को दक्षिण 24 परगना के रायदिघी से यात्रा को हरी झंडी दिखाने वाले थे, लेकिन कार्यक्रम में बदलाव आया है और अब यह 2 मार्च को निर्धारित है. अमित शाह यहां पहुंचकर यात्रा का शुभारंभ करेंगे, जनसभाओं को संबोधित करेंगे और पार्टी की रणनीति की समीक्षा भी करेंगे.
यह कदम टीएमसी के गढ़ में बीजेपी की मजबूत उपस्थिति दिखाने का संदेश है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. वे हावड़ा के अमता और संदेशखाली जैसे क्षेत्रों से यात्राओं का उद्घाटन कर सकते हैं. इन सभाओं में स्थानीय मुद्दों पर फोकस किया जाएगा.
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान खड़गपुर के गरबेटा से यात्रा का नेतृत्व करेंगे और विभिन्न जिलों में सभाओं में शामिल होंगे. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन कूच बिहार से उत्तर बंगाल की यात्रा शुरू करेंगे, जबकि जेपी नड्डा नादिया के कृष्णानगर से यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे.
इनके अलावा, शिवराज सिंह चौहान, अन्नपूर्णा देवी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अन्य 100 से अधिक केंद्रीय एवं राज्य स्तर के नेता विभिन्न चरणों में यात्रा का नेतृत्व करेंगे. पार्टी का लक्ष्य है कि ये नेता ग्रासरूट स्तर तक पहुंचकर कार्यकर्ताओं में जोश भरें और जनता से सीधा संवाद करें.
यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली होगी. यह यात्रा 5,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी और विभिन्न चरणों में 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी. इसका समापन कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक भव्य मेगा रैली के साथ किया जाएगा, जहां पीएम मोदी जनता को संबोधित करेंगे.
यह रैली पार्टी कोलकाता में इसलिए कर रही ताकि परेड ग्राउंड से बंगाल की जनता तक ये संदेश पहुंचाया जा सके और बीजेपी के "मिशन बंगाल" को नई ऊर्जा दी जा सके.
सूत्रों की माने तो इस बार बीजेपी चुनाव बाद और रिजल्ट के बाद चाहे कोई भी पार्टी हारे या जीते मगर पिछले चुनाव की पोस्ट रिजल्ट हिंसा को देखते हुए ये मांग भी कर सकती है कि केंद्रीय बलों को रिजल्ट के कुछ दिन बाद तक राज्य में तैनात किया जाए. हालांकि इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकी है.
बीजेपी की यह रणनीति टीएमसी सरकार पर भ्रष्टाचार, तुष्टिकरण, महिलाओं की सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और प्रशासनिक विफलताओं जैसे मुद्दों पर हमला करने की है. वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता से पार्टी को उम्मीद है कि बूथ स्तर पर संगठन मजबूत होगा और 2026 में 'खेला होबे' का नारा साकार होगा.
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