ETV Bharat / bharat

'मणिपुर में एक लोकप्रिय सरकार में शामिल होने के लिए तैयार', पर कुकी जो MLA ने दोहराई ये मांग?

हाओकिप ने कहा कि अगर सरकार लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग करके केंद्र शासित प्रदेश बना सकती है,

we-are-ready-to-join-a-popular-government-in-manipur-says-kuki-zo-mla
मणिपुर की तस्वीर (फाइल फोटो) (AFP)
author img

By ETV Bharat Hindi Team

Published : January 7, 2026 at 8:46 PM IST

5 Min Read
Choose ETV Bharat

गौतम देबरॉय

नई दिल्ली: मणिपुर में कुकी जो समुदाय के सबसे सीनियर विधायक पाओलिएनलाल हाओकिप ने कहा कि, वे मणिपुर में एक लोकप्रिय सरकार में शामिल होने के लिए तैयार हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि, यह तभी मुमकिन होगा जब नई सरकार एक अलग प्रशासन या एक केंद्रशासित प्रदेश की उनकी मांग को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का वादा करे.

बुधवार को ईटीवी भारत से बातचीत में हाओकिप ने कहा कि केंद्र सरकार को राज्य के कुकी जो समुदाय की मांग पर ईमानदारी से गौर करना चाहिए. हाओकिप ने कहा कि, एक अलग प्रशासन या एक केंद्रशासित प्रदेश आज के समय की मांग है.

उन्होंने कहा कि, अगर सरकार सच में मणिपुर में सबको साथ लेकर विकास चाहती है तो कुकी जो समुदाय के लिए एक अलग प्रशासन होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने हमेशा कुकी जो समुदाय को धोखा दिया है. चुराचांदपुर जिले के सैकोट विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक हाओकिप ने कहा कि कुकी जो समुदाय के बाकी सभी 9 विधायकों की भावना एक जैसी है.

भाजपा विधायक ने कहा कि, सरकार बनना बहुसंख्यक समुदाय (मैतेई) के रवैये और केंद्र की मर्जी पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि, अगर केंद्र राजनीतिक बातचीत कर रहा है और सच में अपने लोगों के लिए राजनीतिक समझौता चाहता है, तो सरकार बनने की गुंजाइश है. उन्होंने कहा कि, अगर लोकप्रिय सरकार समयबद्ध तरीके से बातचीत से राजनीतिक समझौता के लिए राजी होती है, तो वे सरकार में हिस्सा लेने के लिए तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि मणिपुर में नई सरकार को कुकी जो समुदाय के लिए बातचीत से हुए राजनीतिक समझौता का समर्थन करना चाहिए. हाओकिप ने कहा, "हम किसी भी ऐसी नई सरकार का हिस्सा नहीं होंगे जो बातचीत से हुए राजनीतिक समझौता का सपोर्ट नहीं करती." हाओकिप ने कहा कि कुकी जो के सभी विधायक अगले कुछ दिनों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने और अपना पक्ष रखने के लिए नई दिल्ली जा सकते हैं.

हाओकिप ने आगे यह भी कहा कि, अगर सरकार लद्दाख को जम्मू और कश्मीर से अलग करके केंद्रशासित प्रदेश बना सकती है, तो सरकार मणिपुर में ऐसा स्टैंड क्यों नहीं ले सकती." 3 मई, 2023 को मणिपुर में हिंसा शुरू होने के कुछ दिनों बाद, 10 मौजूदा विधायक (कुकी-जो समुदाय से) जिनमें भाजपा के सात और तीन अन्य शामिल थे, ने एक बयान जारी कर अलग प्रशासन की मांग की थी.

पहले भी अलग प्रशासन के लिए मणिपुर विधानसभा के अंदर और बाहर मांग उठाने वाले विधायकों में हाओखोलेट किपगेन, किमनियो हाओकिप हंगशिंग, एलएम खाउते, नगुरसंगलुर सनाटे, लेटपाओ हाओकिप, लेटजामांग हाओकिप, चिनलुंथांग, नेमचा किपगेन, पाओलिएनलाल हाओकिप और वुंगजागिन वाल्टे शामिल हैं.

मणिपुर के कुकी जो आदिवासी नेताओं की संस्था कुकी जो काउंसिल ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा हालात और सबकी एक राय को देखते हुए, कुकी जो लोग अब मैतेई समुदाय के साथ नहीं रह सकते. काउंसिल ने कहा कि 30 दिसंबर को हुई इसकी गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में, भारत के संविधान के तहत एक केंद्र शासित प्रदेश के रूप में एक अलग प्रशासन की राजनीतिक मांग को फिर से दोहराया गया है.

हाओकिप ने कहा कि, यह उनके लोगों की भावना है और इसे सरकार को समझना चाहिए. इसलिए, सरकार के कोई भी सरकार बनाने की पहल करने से पहले एक राजनीतिक समझौता जरूरी है.

यह ध्यान देने वाली बात है कि जब से कुकी और मैतेई के बीच हिंसा शुरू हुई है, केंद्र सरकार राज्य के सभी समुदायों को एक साथ आने और अपने मसलों को बातचीत से सुलझाने के लिए मनाने की कोशिश कर रही है. हालांकि, केंद्र ने कुकी जो समुदाय की मांग पर कोई स्टैंड नहीं लिया है, लेकिन वह समुदाय के नेताओं से लगातार बात करने की कोशिश कर रहा है.

दिसंबर में गृह मंत्रालय के साथ हुई अपनी पिछली बैठक में, सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन्स (SoO) फ्रेमवर्क के तहत कुकी-जो ग्रुप के प्रतिनिधियों, यानी कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (KNO) और यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (UPF) ने भी दोहराया कि मौजूदा राज्य एडमिनिस्ट्रेटिव फ्रेमवर्क के तहत फिर से जुड़ना अब मुमकिन नहीं है, और सामान्य हालात, शांति और स्थिरता के लिए अलग राजनीतिक समाधान ही एकमात्र सही रास्ता है.

मणिपुर वर्तमान में राष्ट्रपति शासन के अधीन है, जो पिछले साल 13 फरवरी को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद लागू किया गया था. राष्ट्रपति शासन का वर्तमान चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा.

ये भी पढ़ें: मणिपुर में उग्रवादी हमला, दो घायल, अमित शाह ने हाल ही में की थी सुरक्षा की समीक्षा