कनाडा से कैलाश यात्रा की मन्नत पूरी, तिब्बत सीमा पर इमिग्रेशन से आपदा में लापता हुईं बैंकर स्वाति
बिटिया को विदिशा में नाना नानी को सौंप कनेडियन बैंकर स्वाति गईं कैलाश मानसरोवर यात्रा पर. चीन-तिब्बत सीमा पर बाढ़ में हुईं लापता, विदिशा में परिजन की थमी सांसें. रवि कुमार की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 28, 2026 at 3:00 PM IST
|Updated : August 28, 2026 at 4:42 PM IST
विदिशा: पवित्र कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गईं भारतीय मूल की श्रद्धालु स्वाति बागरेचा के साथ हादसा हो गया. अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद से युवती लापता हैं. बताया जा रहा है स्वाति वर्तमान में कनाडा के टोरंटो में रहती है. सद्गुरु फाउंडेशन के माध्यम से इस धार्मिक यात्रा पर गई थी. घटना के बाद से उनके परिवार में गहरी चिंता का माहौल है और परिजन लगातार सरकार तथा अंतर्राष्ट्रीय दूतावासों से उनकी सुरक्षित वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं.
कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गई थी युवती
स्वाति बागरेचा 8 अगस्त को अन्य श्रद्धालुओं के दल के साथ कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकली थी. दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने के बाद, जब उनका दल वापस लौट रहा था, तब चीन-तिब्बत सीमा पर स्थित इमिग्रेशन कार्यालय के पास उन्हें प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा. सुबह लगभग 9 बजे अचानक आई तेज बाढ़ और भूस्खलन के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और इसी दौरान स्वाति अपने दल से बिछड़ गईं.
स्वाति के पिता डॉ. प्रशांत बागरेचा ने स्थिति की गंभीरता बताते हुए कहा कि, ''आपदा आने से पहले तक स्वाति परिवार के साथ व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क में थी. उन्होंने यात्रा के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन बाढ़ आने के तुरंत बाद से उनका फोन बंद हो गया और तब से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है.''
Scary flash floods in Nepal, originating from Tibet. 105 Indian tourists missing as per early reports. Bihar govt needs to be on high alert.
— Shining Star (@ShineHamesha) August 26, 2026
Prayers for Nepal.🙏 pic.twitter.com/YZ6yzf0efN
बाढ़ आने के बाद लापता हुई युवती
डॉ. प्रशांत बागरेचा ने बताया, ''स्वाति सद्गुरु फाउंडेशन के थ्रू कैलाश मानसरोवर गई थीं. यात्रा समाप्त कर जब वे चीन-तिब्बत बॉर्डर पर इमिग्रेशन ऑफिस के पास थीं, तभी सुबह 9 बजे के आसपास अचानक बाढ़ आ गई. उसके बाद से वह लापता हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिला है. हमने उच्च अधिकारियों और दूतावासों से संपर्क किया है.''
#WATCH | Nepal: Visuals from the flood-affected Nuwakot district in Nepal.
— ANI (@ANI) August 26, 2026
The swollen Bhotekoshi River tore through Nuwakot, leading to homes being swept away, families being separated, and many people still missing. pic.twitter.com/oQ2MJpnxsP
कनेडियन बैंकर स्वाति की मासूम बेटी कर रही घर पर इंतजार
दुनिया भर में नेपाल-तिब्बत बार्डर का एक वीडियो काफी वायरल है. CCTV में रिकॉर्ड यह वीडियो बेहद खौफनाक है और आपदा की विभिषिका बिना शब्दों के ही बयां कर देता है. X-पोस्ट पर वायरल इसी जगह से आखिरी बार स्वाति बागरेचा ने अपनी प्यारी बीटिया और विदिशा में रह रहे मां-बाप से वीडियो कॉल पर बातचीत की थी. घर में अब भी परिजन और कनेडियन बैंकर की छोटी सी मासूम बच्ची अपनी मां का इंतजार कर रही है.

परिवार ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
बेटी की सलामती और खोजबीन के लिए डॉ. बागरेचा ने शासन-प्रशासन और वरिष्ठ नेताओं से मदद मांगी है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रियंक कानूनगो से उनकी बातचीत हुई है, जिन्होंने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है. इसके साथ ही नेपाल स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy) और कनाडा दूतावास (Canadian Embassy) के अधिकारियों से भी लगातार संपर्क साधा जा रहा है ताकि कूटनीतिक स्तर पर रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन को तेज किया जा सके.

कनाडा में नौकरी करती है स्वाति
बताया जा रहा है कि स्वाति कनाडा में स्थायी रूप से निवास करती थी. उनके पास कनाडा की नागरिकता थी. वे वहां TD बैंक में कार्यरत थी. स्वाति शादीशुदा है और उसकी एक बेटी भी है. जो वर्तमान में विदिशा में ही परिजनों के साथ मौजूद है. स्वाति हाल ही में 6 अगस्त को भारत आई थी.

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स्वाति की धार्मिक यात्राओं में अटूट श्रद्धा
स्वाति की आध्यात्मिक और धार्मिक यात्राओं में अटूट श्रद्धा थी. इसी उद्देश्य से वे फाउंडेशन (सद्गुरु) के तत्वावधान में कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गई थीं. इस यात्रा दल में वे अकेली (बिना परिवार) शामिल हुई थीं. उनके साथ कुल 77 लोगों का समूह था. इस जत्थे में मुख्य रूप से भारतीय मूल के वे प्रवासी (NRIs) शामिल थे, जो अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे विभिन्न देशों से आए थे.

स्वाति की परिवार से आखिरी बातचीत
स्वाति से परिजनों का अंतिम संपर्क परसों सुबह करीब 4:30 बजे व्हाट्सएप मैसेज के जरिए हुआ था. अपने आख़िरी संदेश में उन्होंने जानकारी दी थी कि वे चीन (तिब्बत) सीमा स्थित कैलाश मानसरोवर क्षेत्र से आगे के लिए निकल रही हैं.

क्या है मानसरोवर की वर्तमान स्थिति
घटनास्थल चाइनीज-तिब्बत बॉर्डर और नेपाल सीमा के पास का दुर्गम इलाका होने के कारण रास्ते पूरी तरह बंद हैं, जिस वजह से परिवार का कोई भी सदस्य व्यक्तिगत रूप से दिल्ली या नेपाल नहीं जा रहा है. हालांकि, परिजनों की ओर से कूटनीतिक और शासकीय स्तर पर लगातार प्रयास जारी हैं. वे भारतीय दूतावास कैनेडियन दूतावास तथा केंद्रीय कृषि मंत्री एवं विदिशा से सांसद शिवराज सिंह चौहान के माध्यम से लगातार संपर्क बनाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं और स्वाति की सुरक्षित खोजबीन के लिए प्रयासरत हैं.

