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रामोजी एक्सीलेंस अवार्ड: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन बोले- गलत सूचना के युग में मीडिया सच्चाई से अवगत कराए

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि रामोजी उत्कृष्टता पुरस्कारों की शुरुआत श्री रामोजी राव की उल्लेखनीय विरासत के लिए एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है.

RAMOJI EXCELLENCE AWARDS
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन रामोजी उत्कृष्टता पुरस्कार के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : November 17, 2025 at 9:38 AM IST

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हैदराबाद: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रविवार को रामोजी समूह के संस्थापक स्व. श्री रामोजी राव की 89वीं जयंती के अवसर पर रामोजी फिल्म सिटी में आयोजित एक भव्य समारोह में रामोजी उत्कृष्टता पुरस्कार के उद्घाटन संस्करण का शुभारंभ करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.

मुख्य भाषण देते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने इस बात पर जोर दिया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), गलत सूचना और सूचना ओवरलोड के युग में दर्शकों तक सच्चाई पहुंचाने में मीडिया को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी. उन्होंने कहा कि श्री रामोजी राव ने टीम भावना के मूल्यों को विकसित किया है, जो उनके परिवार और उनके द्वारा स्थापित प्रत्येक संस्थान का आधार है.

उपराष्ट्रपति ने कहा, 'रामोजी राव एक महान व्यक्तित्व हैं, एक ऐसे व्यक्ति जिन्होंने हम में से अधिकांश लोगों की तरह एक सुदूर गांव से अपना करियर शुरू किया. उन्होंने एक साम्राज्य का निर्माण किया है.' उन्होंने कहा, 'रामोजी राव ने विचारों को संस्थाओं में और सपनों को स्थायी वास्तविकता में परिवर्तित किया.

वह न केवल मीडिया और संचार के क्षेत्र में अग्रणी थे, बल्कि एक राष्ट्र निर्माता भी थे, जो समाज को बचाने के लिए सूचना, रचनात्मकता और उद्यम की शक्ति में विश्वास करते थे. उनके कार्यों ने भारतीय पत्रकारिता, मनोरंजन और उद्यमिता के परिदृश्य को नई परिभाषा दी. सत्य और उत्कृष्टता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी.'

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन के अनुसार रामोजी उत्कृष्टता पुरस्कार की शुरूआत श्री रामोजी राव की उल्लेखनीय विरासत के लिए एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है. उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि इन पुरस्कारों के माध्यम से हम उत्कृष्टता के प्रतीक दूसरों को प्रेरित करने वाले और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित करने की समान भावना और प्रतिबद्धता देखते हैं. उन्होंने कहा, 'जब तक आप किसी को प्रेरित नहीं करते सफलता आपकी नहीं है. रामोजी राव ने समाज का ध्यान रखा और यही समाज की असली सफलता की कहानी है.

उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का हवाला देते हुए याद दिलाया कि किस प्रकार रामोजी राव ने तेलुगु राज्यों (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) की सीमाओं से परे समाज में योगदान दिया है. उपराष्ट्रपति ने बताया कि कैसे एक उद्यम उच्च उद्देश्यों की पूर्ति कर सकता है, रोजगार सृजन कर सकता है, प्रतिभाओं को पोषित कर सकता है और लाखों लोगों को सशक्त बना सकता है. उन्होंने आगे कहा कि संस्थाएँ केवल पूँजी और बुनियादी ढाँचे से नहीं, बल्कि मूल्यों, समर्पण और उत्कृष्टता से निर्मित होती है.

उन्होंने जोर देकर कहा कि देश एक नए वैश्विक युग में अग्रणी भूमिका में खड़ा है, जो तकनीक और युवा ऊर्जा की संयुक्त शक्ति के साथ एक ज्ञान-संचालित, नवाचार-प्रधान राष्ट्र के रूप में उभर रहा है. उन्होंने कहा, 'भारत परिवर्तन की एक शक्तिशाली कहानी लिख रहा है.'

तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मुझे बताया कि कैसे कोई फिल्म सिटी में एक स्क्रिप्ट लेकर आता है और उसका पहला प्रिंट लेकर वापस लौटता है. इसका मतलब है कि (श्री) रामोजी (राव) ने इस संस्थान को बनाने में कितनी मेहनत की होगी, उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया.

उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक लोकतंत्र की नींव हैं. उन्होंने कहा कि अधिक पारदर्शिता से बेहतर शासन सुनिश्चित होगा, जो नागरिकों के लिए अधिक लाभकारी होगा. राधाकृष्णन ने मीडिया से आग्रह किया कि वे अपने समाचार और सूचना के स्रोत के माध्यम से प्रामाणिकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करें.

उपराष्ट्रपति ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि गलत सूचना कितनी तेजी से फैलती है और उन्होंने सभी से समाज की बेहतरी के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, 'देश जब विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ रहा है, तो मीडिया घरानों का मुख्य आधार सत्य, वस्तुनिष्ठता और निष्पक्षता होनी चाहिए.' राधाकृष्णन ने मीडिया घरानों से राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनने की अपील की और नवाचार, स्टार्टअप और महिला सशक्तिकरण की कहानियों को उजागर किया.

उपराष्ट्रपति ने कहा, 'आज, विज्ञान, विशेषकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में हुई प्रगति के कारण, वास्तविक और नकली समाचारों में अंतर करना कठिन होता जा रहा है. मीडिया की भूमिका अब अधिक जिम्मेदार है. हमें निर्दोष दर्शकों की रक्षा करनी होगी और उन्हें सच्चाई से अवगत कराना होगा.'

राधाकृष्णन के अनुसार देश को नशामुक्त बनाने में मीडिया की भी बड़ी भूमिका है. उन्होंने चेतावनी दी कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक नशे की लत व्याप्त है. उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, 'हम सभी को इसके खिलाफ लड़ना होगा. हमें नशे के खिलाफ जागरूकता फैलानी होगी. मैं यही आंदोलन शुरू करने की सोच रहा हूँ. मैं सोच रहा हूँ कि यह एक जन-जन का क्षण होना चाहिए. इसमें सभी को भाग लेना चाहिए, चाहे उनकी भाषा, जाति, धर्म या राजनीतिक संबद्धता कुछ भी हो.'

राधाकृष्णन ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी की इस टिप्पणी का भी स्वागत किया कि उन्हें तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की उसी तरह मदद करनी चाहिए जैसे पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने की थी. उपराष्ट्रपति को विश्वास था कि वे दोनों राज्यों के बीच के विवाद सुलझाएंगे, क्योंकि ये विवाद परिवार में भाई-बहनों के बीच के विवादों जैसे थे. उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और रेवंत रेड्डी को 'गुरु और शिष्य' भी बताया.

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