वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बेटे अग्निवेश के निधन पर दुख जताया
अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का 49 साल की उम्र में अमेरिका में कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया.

Published : January 8, 2026 at 8:59 AM IST
नई दिल्ली: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बुधवार को अपने बेटे अग्निवेश अग्रवाल के दुखद निधन की घोषणा की. उनका 49 साल की उम्र में अमेरिका में कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया. अग्रवाल ने उस दिन को अपनी जिंदगी का 'सबसे बुरा' दिन बताया और कहा कि उनका बेटा स्कीइंग एक्सीडेंट के बाद ठीक हो रहा था, लेकिन अचानक मेडिकल दिक्कत ने उनकी जान ले ली.
सोशल मीडिया एक्स पर एक इमोशनल पोस्ट में अग्रवाल ने कहा कि अग्निवेश का न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है और माना जा रहा है कि वह खतरे से बाहर हैं. उन्होंने लिखा, 'हमें लगा कि सबसे बुरा समय बीत चुका है. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और अचानक कार्डियक अरेस्ट ने हमारे बेटे को हमसे छीन लिया. एक माता-पिता का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता, जिन्हें अपने बच्चे को अलविदा कहना पड़ता है. एक बेटा अपने पिता से पहले नहीं जाता. इस नुकसान ने हमें इस तरह तोड़ दिया है कि हम अभी भी इसे समझने की कोशिश कर रहे हैं.'
Today is the darkest day of my life.
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) January 7, 2026
My beloved son, Agnivesh, left us far too soon. He was just 49 years old, healthy, full of life, and dreams. Following a skiing accident in the US, he was recovering well in Mount Sinai Hospital, New York. We believed the worst was behind us.… pic.twitter.com/hDQEDNI262
आज मेरी जिंदगी का सबसे बुरा दिन है. मेरा प्यारा बेटा, अग्निवेश, हमें बहुत जल्दी छोड़कर चला गया. वह सिर्फ 49 साल का था, हेल्दी, जिंदगी और सपनों से भरा हुआ. अमेरिका में स्कीइंग एक्सीडेंट के बाद वह न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल में ठीक हो रहा था. हमें लगा कि सबसे बुरा समय बीत चुका है.
अपने बेटे के सफर को याद करते हुए अग्रवाल ने कहा कि अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था. वह एक जाने-माने बिजनेस लीडर और दयालु इंसान बने. उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से पढ़ाई की और बाद में फुजैरा गोल्ड की स्थापना की. इसके बाद वे वेदांता ग्रुप की खास कंपनियों में से एक हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन बने.
अग्रवाल ने कहा, 'अग्निवेश में बहुत कुछ था- एक खिलाड़ी, एक संगीतकार, एक नेता... फिर भी, सभी खिताबों और उपलब्धियों से परे वह सरल, मिलनसार और बहुत ही अच्छे इंसान थे.' उन्होंने कहा कि वह न केवल उनके बेटे थे, बल्कि उनके 'दोस्त', 'गर्व' और 'दुनिया' थे.
अपनी पत्नी किरण के साथ दुख जताते हुए अग्रवाल ने कहा कि इस नुकसान से परिवार टूट गया है. उन्होंने कहा कि अपने दुख में उन्हें इस बात से सुकून मिला कि वेदांता में काम करने वाले हजारों युवा भी उनके बच्चों जैसे थे. उद्योगपति ने आत्मनिर्भर भारत बनाने में अपने बेटे के विश्वास को भी दोहराया, अग्निवेश के हवाले से कहा कि देश में किसी चीज की कमी नहीं है और इसे कभी पीछे नहीं रहना चाहिए.
उन्होंने आगे लिखा, 'हमारा एक ही सपना था कि कोई भी बच्चा भूखा न सोए, कोई भी बच्चा पढ़ाई से दूर न रहे, हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो और हर युवा भारतीय के पास काम हो. मैंने अग्नि से वादा किया था कि हम जो भी कमाएंगे उसका 75फीसदी से ज्यादा समाज को वापस देंगे.' उन्होंने कहा, 'मैं आज अपना वादा दोहराता हूं और और भी सादा जीवन जीने का संकल्प लेता हूं.' उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे की विरासत उन लोगों के जरिए जिंदा रहेगी जिनसे उनका संपर्क हुआ है.
अग्रवाल ने दोस्तों साथ काम करने वालों और शुभचिंतकों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि हालांकि उन्हें नहीं पता कि अपने बेटे के बिना आगे का रास्ता कैसे तय किया जाए, लेकिन वे अग्निवेश की रोशनी और विजन को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे. अनिल अग्रवाल वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड जो एक नेचुरल रिसोर्सेज कंपनी है के फाउंडर और चेयरमैन हैं. अनिल अग्रवाल फाउंडेशन के हेड भी हैं, जो ग्रुप के समाज-सेवी कामों को देखता है.

