हिमाचल विधानसभा में वंदे मातरम और जन-गण-मन पर घमासान, सत्ता पक्ष और विपक्ष की जोरदार नारेबाजी, सदन स्थगित
हिमाचल विधानसभा मानसून सेशन के पहले ही दिन सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राष्ट्रीय गीत व राष्ट्रगान को लेकर घमासान हो गया.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : August 21, 2026 at 1:44 PM IST
शिमला: हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन के पहले ही दिन सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान को लेकर घमासान हो गया. सदन में दोनों पक्षों ने जोरदार नारेबाजी की और हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने महज 12 मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही शनिवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी. दरअसल, हिमाचल विधानसभा के नियमों में सदन के सेशन के आरंभ में राष्ट्रगान (जन-गण-मन...) गाने का चलन है. सदन में स्पीकर के आते ही राष्ट्रगान आरंभ हुआ. जैसे ही राष्ट्रगान संपन्न हुआ, विपक्ष की तरफ से BJP विधायक विपिन सिंह परमार उठे और उन्होंने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को भी गाए जाने को लेकर बात रखी. स्पीकर ने कहा कि पहले शोक उद्गार होने दें फिर इस पर विचार किया जाएगा.
बता दें कि सदन के पहले दिन की कार्यवाही में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मौजूद नहीं थे. खैर, स्पीकर के ये कहने पर ही भाजपा सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी. वहीं, सत्ता पक्ष ने भी नारे लगाने शुरू कर दिए. सत्ता पक्ष ने राष्ट्रगान के अपमान का आरोप विपक्ष पर जड़ा और सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सदन के बाहर आकर नारेबाजी की. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने खुद सदन के बाहर कांग्रेस सदस्यों के साथ राष्ट्रगान के अपमान को लेकर विपक्ष के खिलाफ नारे लगाए.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने कहा कि मुझे बड़ा दुख होता है कि भाजपा के जो विधायक हैं, उन्होंने राष्ट्रगान का अपमान किया है. उन्होंने कहा कि, "जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष ने सभी को राष्ट्रगान गाने के लिए कहा, उससे पहले ही भाजपा के विधायकों ने अपना हाथ खड़ा कर दिया कि हमें सबसे पहले राष्ट्रीय गीत के बारे में बताया जाए. विधानसभा की यह परंपरा रही है कि राष्ट्रगान बड़े ही सम्मान के साथ गाया जाता है और राष्ट्रीय गीत भी उसी सम्मान के साथ गाया जाता है. मुझे आज पहली बार दुख हुआ कि जो पार्टी राष्ट्रगान का अपमान कर सकती है, जो पार्टी राष्ट्रगान का विरोध कर सकती है, उसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा. हम प्रदेश में हर जगह जाएंगे और जनता को बताएंगे कि यह वही भाजपा है जो राष्ट्रगान का विरोध कर रही है. हमें राष्ट्रीय गीत से कोई आपत्ति नहीं है. विधानसभा अध्यक्ष ने साफ कहा कि सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से होती है, लेकिन भाजपा ने इसका अपमान किया है. अगर भाजपा सम्मान के साथ राष्ट्रगान गाती और फिर कहती कि आप राष्ट्रीय गीत भी गा दें, तो इसमें किसी को क्या आपत्ति होती? हम राष्ट्रगान के बाद राष्ट्रीय गीत जरूर गाते, लेकिन आज भाजपा ने जो राष्ट्रगान का अपमान किया है, उन्हें इस बात पर शर्म आनी चाहिए और इसके लिए जनता से माफी मांगनी चाहिए."

हिमाचल विधानसभा में वंदे मातरम पर घमासान
वहीं, भाजपा ने भी राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के पक्ष में नारेबाजी की. पूरे गतिरोध पर स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि, "हिमाचल विधानसभा में सदन की कार्यवाही पहले से तय रिवायतों के साथ चलती है. रिवायत ये है कि स्पीकर पहले सभी सदस्यों का स्वागत करते हैं और फिर सदन के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जाती है. सदस्यों का स्वागत करने के बाद यहां सदन और लोकसभा में भी राष्ट्रगान की रिवायत है. विधानसभा की ये रिवायत है कि यहां पहले जन-गण-मन होता है और सेशन के अंत में वंदे मातरम गाया जाता है. लोकसभा में यही हुआ है और यही हम हर बार करते हैं. इसमें क्या विरोधाभास है. राष्ट्रगीत को लेकर विपक्ष के सदस्य नए नियम थोड़े ही बनाएंगे. ये सदन नियमों, संविधान एवं आम सहमति से चलता है."
क्या बोले हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष?
हिमाचल विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि, उस समय विपक्ष नेता रहित था और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सदन में मौजूद नहीं थे. उन्होंने सभी से आग्रह किया कि शोक उद्गार होने के बाद विपक्ष को सुना जाएगा. विपक्ष ने इसे सुना नहीं. स्पीकर ने कहा कि सदन के भीतर क्या होगा, इसे वे अपने विवेक से तय करेंगे. कुलदीप पठानिया ने कहा, "मानसून सत्र के पहले दिन जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष की ओर से हंगामा शुरू कर दिया गया. विपक्ष के विधायक अपनी आपत्तियों को लेकर नारेबाजी करते रहे, जिसके चलते सदन की सामान्य कार्यवाही प्रभावित हुई. स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी."
भाजपा के वरिष्ठ सदस्य एवं विधायक विपिन सिंह परमार ने आरोप लगाया कि, "सदन की कार्यवाई शुरू होने के बाद राष्ट्र गान के बाद राष्ट्र गीत गाने का आग्रह विधानसभा अध्यक्ष से किया गया लेकिन अध्यक्ष ने इसकी अनुमति नही दी. कांग्रेस ने राष्ट्रीय गीत का अपमान किया है केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रगीत को संवैधानिक रूप देते हुए एक्ट लोकसभा में पास हुआ है. कांग्रेस अपने नेताओं को खुश करने के लिए राष्ट्रीय भावनाओं का अपमान करते रहे हैं. आज यही देखने को मिला है."
विपिन सिंह परमार ने कहा कि, यह कांग्रेस की कोई जनसभा या सीडब्ल्यूसी की बैठक नहीं थी. कांग्रेस कुछ लोगों को खुश करने के लिए राष्ट्रगीत का अपमान कर रहे हैं, जिसे भाजपा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी.

'CWC के फैसले पर चलेगी पार्टी'
वहीं, सीएम सुक्खू ने कहा कि, "कांग्रेस वर्किंग कमेटी के भीतर वंदे मातरम गीत को लेकर जो फैसला हुआ है, पार्टी उसी का अनुसरण करेगी. भाजपा गुटों में बंटी हुई है. भाजपा ने राष्ट्रगान का अपमान करके बहुत बड़ा अपराध किया है. इस तरह हिमाचल में संभवत: पहली बार किसी सेशन के पहले ही दिन शुरू के 12 मिनटे में ही सदन अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया."
मानसून सत्र में 10 बैठकें
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र आज (शुक्रवार, 21 अगस्त) से शुरू हुआ है. 3 सितंबर तक चलने वाले इस मानसून सत्र में कुल 10 बैठकें होंगी. सदन में विधायकों की ओर से 1036 सवाल भेजे गए हैं. इनमें 787 तारांकित और 249 अतारांकित प्रश्न हैं. विशेष बात यह है कि सभी प्रश्न ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हुए हैं और सभी सवाल संबंधित विभागों को जवाब के लिए भेज दिए गए हैं. नियम 62 के तहत 13, नियम 63 के तहत 2, नियम 101 के तहत 5 और नियम 130 के तहत 15 सूचनाएं विधानसभा सचिवालय को मिली हैं.
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