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जिनके नाम फाइनल वोटर लिस्ट में नहीं होंगे, वे दोबारा अप्लाई कर सकेंगे: SIR पर बोले बंगाल के CEO

पश्चिम बंगाल में एसआईआर नोटिस की सुनवाई का आखिरी दिन का 14 फरवरी था. करीब 1.5 करोड़ नोटिस की सुनवाई पूरी हो गई है.

valid voters whose names will not in Final Electoral Rolls can apply again West Bengal CEO on SIR
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल (File/ ETV Bharat)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : February 15, 2026 at 3:54 PM IST

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की सुनवाई के आखिरी दिन राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने बड़ा ऐलान किया. उन्होंने शनिवार को कहा कि वोटर लिस्ट में नाम रजिस्टर कराने का काम यहीं खत्म नहीं होता. 28 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश होने के बाद भी नाम रजिस्टर कराने का मौका मिलेगा. सभी वैध मतदाता जिनके नाम अंतिम मतदाता सूची में नहीं हैं, वे फिर से आवेदन कर सकते हैं.

एसआईआर नोटिस की सुनवाई के आखिरी दिन सीईओ अग्रवाल ने कहा कि करीब 1.5 करोड़ नोटिस की सुनवाई का काम पूरा हो गया है. यह काम पिछले दो महीने से चल रहा था. उन्होंने कहा कि इस बार पूरा मामला ERO (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) और AERO पर निर्भर करता है.

एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े EROs और AEROs को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "अब सब कुछ EROs और AEROs पर निर्भर करता है. उनके हाथ में बहुत पावर है. इसलिए उन्हें बिना किसी डर या भेदभाव के अपना काम पूरा करना होगा. अब एक पारदर्शी और निष्पक्ष वोटर लिस्ट तैयार करनी होगी. इसलिए अब जितने भी फॉर्म और सुनवाई नोटिस अपलोड होने बाकी हैं, उन्हें कानून के हिसाब से ठीक से निपटाना होगा."

मनोज कुमार अग्रवाल ने उन लोगों को भरोसा दिलाया जिनका नाम अंतिम मतदाता सूची में नहीं होगा. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य किसी का नाम बाहर करना नहीं है. अगर किसी का नाम बाहर होता है तो संबंधित वोटर को ऑर्डर मिलेगा. उसके बाद उनके पास DEO (जिला निर्वाचन अधिकारी) के पास अपील करने का मौका है. फिर उन्हें CEO के पास अपील करनी होगी. उन्होंने कहा कि जिनके नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं थे, उन्हें फॉर्म-6 भरकर अप्लाई करना होगा. अंतिम मतदाता सूची में नाम न होने का मतलब यह नहीं है कि सब कुछ खत्म हो गया है. तब भी वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा. यानी वैध मतदाता अपना नाम दोबारा रजिस्टर करा सकेंगे.

दूसरी तरफ, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया है कि शनिवार को सुनवाई के आखिरी दिन के अनुमान के मुताबिक, करीब 6 लाख 61 हजार नाम फाइनल लिस्ट से बाहर रह जाएंगे. सुनवाई के नोटिस के बावजूद जो वोटर नहीं आए, उनकी संख्या 4 लाख 98 हजार थी. सुनवाई के डॉक्यूमेंट्स की जांच के बाद, जिन वोटरों के नाम माइक्रो ऑब्जर्वर ने 'अमान्य' बताकर आयोग को भेजे थे, उनकी संख्या - 1 लाख 63 हजार है.

साथ ही, सुनवाई के बाद भी 15 लाख मतदाताओं के डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के लिए लंबित हैं. हालांकि, करीब 50 लाख मतदाताओं के डॉक्यूमेंट्स दोबारा जांच के लिए भेजे गए हैं. वहीं, अब तक 5 लाख 42 हजार 501 फॉर्म-7 जमा किए जा चुके हैं. सभी जिला अधिकारियों को नए माइक्रो ऑब्जर्वर की ट्रेनिंग शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.

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