उत्तराखंड के दो पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी सड़क हादसे में घायल, लखनऊ के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती
उत्तराखंड के दो जाने-माने खिलाड़ी उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सड़क हादसे में घायल हो गए. दोनों खिलाड़ियों को काफी चोटें आईं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 20, 2026 at 8:56 PM IST
|Updated : February 20, 2026 at 9:07 PM IST
लखनऊ: उत्तराखंड के दो पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मनोज सरकार व मनदीप कौर यूपी में सड़क हादसे का शिकार हो गए. सड़क हादसे में दोनों खिलाड़ी घायल हो गए थे. फिलहाल दोनों का उपचार राजधानी लखनऊ के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती में चल रहा है.
मैक्स हॉस्पिटल के चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉक्टर सिद्धार्थ ने बताया कि दोनों खिलाड़ियों को एक्सीडेंट में अंदरूनी चोटी आई है. दोनों की हालत स्थिर है. राहत की बात यह है कि दोनों खिलाड़ियों को कोई गंभीर चोट नहीं है. दोनों खिलाड़ी खतरे से बाहर है.
जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी मनोज सरकार और मनदीप कौर लखनऊ प्रैक्टिस के लिए आ रहे थे. इस दौरान यूपी के हरदोई जिले में संडीला के पास उनकी कार के सामने नील गाय आ गई. इस वजह से ड्राइवर का कार से नियंत्रण खो गया और कार सीधे नील गाय से टकरा गई.
इस दौरान कार में ड्राइवर सीट के बगल में बैठे अर्जुन अवार्ड मनोज सरकार चोटिल हो गए. वहीं कार के पीछे बैठी मनदीप कौर को भी चोट आई हैं. घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों के सहयोग से दोनों खिलाड़ियों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें राजधानी लखनऊ के मैक्स अस्पताल लाया गया. मैक्स हॉस्पिटल में दोनों को शुरुआत में आईसीयू में रखा गया है. डॉक्टर के अनुसार उनकी हालत खतरे से बाहर है.
मनोज सरकार को 2018 में मिला था अर्जुन अवार्ड: मनोज सरकार को वर्ष 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अर्जुन अवार्ड से नवजा था. 12 जनवरी 1990 को मनोज सरकार का जन्म उत्तराखंड के रुद्रपुर में हुआ था. गलत चिकित्सा उपचार के कारण उनके पैर प्रभावित हो गए थे. बचपन में तेज बुखार के इलाज के दौरान गलत इलाज हुआ, जिसके चलते वह पोस्ट पोलियो पैरालिसिस के स्थिति से प्रभावित हो गए.
इतना ही नहीं मनोज सरकार का शुरुआती जीवन काफी कठिनाइयो भर रहा. परिवार गरीबी से जूझ रहा था जिसका सामना इन्हें भी करना पड़ा, लेकिन इनका बैडमिंटन प्रेम नहीं छूटा. शुरुआती दौर में उनके पास बैडमिंटन लेने के पैसे तक नहीं होते थे, लेकिन संसाधनों के अभाव में भी इन्होंने अपना जुनून नहीं छोड़ा. जुनून के दम पर इन्होंने का उपलब्धियां हासिल की इसके बाद सरकार ने अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया.
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