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नेपाल आपदा को लेकर अलर्ट पर उत्तराखंड, हेल्पलाइन नंबर किये जारी

उत्तराखंड ने नागरिकों की सहायता एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए राज्य एवं जनपद स्तर पर 24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं.

NEPAL DISASTER UPDATE
नेपाल आपदा (फोटो सोर्स: ANI)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 27, 2026 at 6:22 PM IST

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Updated : August 27, 2026 at 8:49 PM IST

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देहरादून: नेपाल की भोटेकोशी नदी में बुधवार को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ के कारण कम से कम 332 लोगों की मौत हो गई. नेपाल में आई आपदा में 300 भारतीय नागरिक समेत 750 लापता हैं. अचानक आई बाढ़ ने नेपाल के तीन जिलों में भारी तबाही मचाई है. लोगों, घरों, वाहनों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को इस आपदा में काफी नुकसान हुआ है.

नेपाल के सीमावर्ती जनपद रसुवा एवं नुवाकोट में 26 अगस्त 2026 की सुबह ग्लेशियर पिघलने तथा भूस्खलन (रॉक-आइस एवलांच) के कारण भोटेकोशी एवं त्रिशूली नदी में बाढ़ आ गई. इसके चलते नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में जनजीवन एवं पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होने की जानकारी प्राप्त हुई है.

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड शासन ने देहरादून सहित प्रदेश के नागरिकों की सहायता एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए राज्य एवं जनपद स्तर पर 24×7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. नागरिक इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

नेपाल आपदा को लेकर अलर्ट पर उत्तराखंड (ETV Bharat)

राज्य स्तरीय हेल्पलाइनः 0135-2710334, 0135-2710335, 0135-2664314, 0135-2664315, 0135-2664316, मोबाइल- 8218877005, टोल फ्री- 1070

जनपद देहरादून हेल्पलाइन: 0135-2726066, 0135-2626066, मोबाइल- 7534826066, टोल फ्री- 1077

जिलाधिकारी/अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण देहरादून ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आवश्यक जानकारी अथवा सहायता के लिए निर्धारित हेल्पलाइन नंबरों पर 24×7 संपर्क करें. प्रशासन द्वारा जारी आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करें.

बता दें यह हाल के वर्षों में नेपाल की सबसे घातक आपदाओं में से एक है. मध्य नेपाल में कई कस्बे और गांव तबाह हो गए. जरूरी पुल बह गए और एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं ठप हो गई हैं. बाढ़ ने कई बस्तियों को अपनी चपेट में ले लिया. कुछ इलाकों में आवाजाही बाधित है. जानकारों का कहना है कि इसकी वजह ग्लेशियर से हुआ हिमस्खलन (avalanche) हो सकता है. राहत बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है. भारत की ओर से भी मानवीय सहायता और 37.5 टन आपदा राहत सामग्री भेजी गई है.

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Last Updated : August 27, 2026 at 8:49 PM IST