मिडिल ईस्ट में बढ़ते हमले से उत्तराखंड के कई परिवारों में चिंता, ईरान में मंगलौर के लोगों के फंसने की सूचना
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव का माहौल है. जिससे उत्तराखंड प्रवासियों के परिवार भी चिंतित हैं.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 2, 2026 at 7:03 PM IST
धीरज सजवाण
देहरादून: इस वक्त मिडिल ईस्ट में युद्ध की स्थिति है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल का संयुक्त हमला जारी है. ऐसे इजरायल-ईरान तनाव के बीच बढ़ते हमलों ने हालात को गंभीर बना दिया है, जिससे वहां रह रहे भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ गई है. उत्तराखंड के सैकड़ों प्रवासी भी ओमान, यूएई समेत अन्य देशों में काम कर रहे हैं. जो हालिया ड्रोन और मिसाइल हमलों की गूंज से सहमे हुए हैं.
मिडिल ईस्ट के कई देशों में हालात तनावपूर्ण: बता दें कि इजरायल और अमेरिका की संयुक्त अटैक में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे जा चुके हैं. इधर, लगातार बढ़ते हमलों और उसके जवाब में ईरान की ओर से भी ड्रोन-मिसाइल अटैक हो रहे हैं, जिसके चलते मिडिल ईस्ट के कई देशों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. बहरीन, यूएई, ओमान सहित कई स्थानों पर धमाकों की खबरों ने भारत में बैठे परिवारों की चिंता बढ़ा दी है.
मिडिल ईस्ट के देशों में काम और जॉब करते हैं उत्तराखंड के हजारों लोग: मिडिल ईस्ट के देशों खासकर संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, सऊदी अरब, ओमान और ईरान में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े हैं. इनमें उत्तराखंड के सैकड़ों लोग भी शामिल हैं. लगातार हो रहे हमलों की खबरों के बाद उत्तराखंड में रह रहे उनके परिजन फोन और सोशल मीडिया के जरिए हाल चाल ले रहे हैं.
ओमान के दुकुम में हुआ था ड्रोन अटैक, सरकार की एडवाइजरी जारी: देहरादून के मोहकमपुर माजरी निवासी कैलाश बिष्ट इस समय ओमान के दुकुम शहर में एक शिपिंग कंपनी में कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि रविवार (1 मार्च) सुबह उनके आवास से करीब एक किलोमीटर दूरी पर दो ड्रोन धमाके हुए. बताया जा रहा है कि हमला ओमान ड्राइडॉक कंपनी परिसर के पास हुआ.
"बीती रोज हुए धमाके के बाद फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. किसी तरह का सीधा खतरा नहीं है. पोर्ट से एडवाइजरी जारी की गई है. सभी कर्मचारियों को काम पर लौटने की अनुमति दी गई है. मेरे साथ उत्तराखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के नागरिक भी रह रहे हैं. सरकार पूरी तरह से सपोर्ट कर रही है. हम लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं."
- कैलाश बिष्ट, प्रवासी उत्तराखंडी -
अफवाहें फैलाने या अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करने की सलाह: कैलाश बिष्ट ने बताया कि ओमान सरकार ने नागरिकों और प्रवासियों से अपील की है कि वे पूरी जिम्मेदारी व सतर्कता बरतें. सैन्य और सुरक्षा गतिविधियों से जुड़ी किसी भी तस्वीर, वीडियो या जानकारी को साझा करने से बचने को कहा गया है. अफवाहें फैलाने या अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करने की सलाह दी गई है.

भारत सरकार सतर्क, जारी की एडवाइजरी: दिल्ली में उत्तराखंड सरकार के स्थानीय आयुक्त अजय मिश्रा ने जानकारी दी कि भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट में स्थित भारतीय दूतावासों के संपर्क में रहने की एडवाइजरी जारी की है. भारतीय नागरिकों के लिए एक लिंक भी साझा किया गया है, जिसमें वे अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं. ताकि, आपात स्थिति में दूतावास सीधे संपर्क कर सकें.
बताया जा रहा है कि उत्तराखंड सरकार ने भी सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मिडिल ईस्ट में रह रहे प्रदेश के नागरिकों का डेटा तैयार किया जाए. स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस को भी इस संबंध में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं. ताकि, जरूरत पड़ने पर समन्वित कार्रवाई की जा सके.
सीएम धामी ने कही ये बात: उधर, विभिन्न देश में काम या नौकरी पेशा आदि करने गए प्रवासी उत्तराखंडियों को लेकर धामी सरकार ने चिंता जताई है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि 'प्रवासी उत्तराखंडियों को युद्ध प्रभावित देशों से निकालने के लिए विदेश मंत्रालय से लगातार संपर्क किया जा रहा है.'

दुबई में रह रहे प्रवासी भी चिंतित, फ्रॉड से बचने की सलाह: दुबई में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडी गिरीश पंत इन दिनों उत्तराखंड आए हुए हैं जबकि, उनका परिवार दुबई में है. उन्होंने बताया कि हालिया हमलों की खबरों के बाद परिवार की चिंता बढ़ी हुई है. जबकि, संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने नागरिकों के लिए खास एडवाइजरी जारी की है.
यूएई सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में नागरिकों को फर्जी कॉल और अनऑथराइज्ड नंबर से सावधान रहने को कहा गया है. मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर ने स्पष्ट किया है कि संदिग्ध नंबरों से आने वाली कॉल या लिंक इलेक्ट्रॉनिक फ्रॉड का हिस्सा हो सकते हैं. लोगों से व्यक्तिगत जानकारी, क्यूआईडी नंबर या वेरिफिकेशन कोड साझा न करने की अपील की गई है.
"दुबई में तकरीबन 40 लाख भारतीय रहते हैं, जिसमें से तकरीबन 8 हजार लोग प्रवासी उत्तराखंडी होंगे. हाल में हुए हमलों के चलते किसी के कहीं पर फंसे होने की सूचना तो नहीं है, लेकिन यूएई सरकार की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है कि जो भी व्यक्ति जहां पर मौजूद है, वो वहीं पर रहे. घरों से बाहर न निकलें."
- गिरीश पंत, प्रवासी उत्तराखंडी, दुबई -
"इसके अलावा जो लोग ट्रैवल वीजा पर दुबई घूमने आए हैं या फिर जो होटल में मौजूद हैं, वो फिलहाल यात्रा अवॉयड करें और यदि किसी का वीजा एक्सपायर होता है या फिर होटल में बिल बढ़ता है तो उसे यूएई सरकार वहन करेगी या फिर उस पर छूट देगी."
- गिरीश पंत, प्रवासी उत्तराखंडी, दुबई -
इसी तरह से सऊदी अरब में भी तकरीबन 27 लाख भारतीय हैं, जिसमें से बड़ी संख्या में उत्तराखंड के लोग भी मौजूद हैं और वहां पर भी इसी तरह से सरकार की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है. गिरीश पंत ने बताया कि ईरान ने दुबई, ओमान, कतर, सऊदी समेत 6 से 7 देशों में अमेरिकन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है और उन्हीं जगहों पर हमले हुए हैं. फिलहाल, अभी किसी प्रवासी उत्तराखंडी के घायल होने की सूचना नहीं है.
In view of the ongoing regional developments, all citizens and residents are urged to exercise the highest level of responsibility and vigilance. The public must strictly refrain from sharing any images, videos, or information related to military and security sites or movements,… pic.twitter.com/ZyKYXjuHBL
— التوجيه المعنوي (@MG_MOD_OMAN) March 1, 2026
ईरान में फंसे मंगलौर के नागरिक, विधायक काजी ने लिखा पत्र: मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने एक पत्र उत्तराखंड सरकार और मुख्य सचिव को भेजा है. जिसमें उन्होंने बताया है कि ईरान में मंगलौर के लोग भी फंसे हुए हैं. ऐसे में उन्होंने मंगलौर के लोगों के साथ ही उत्तराखंड के अन्य नागरिकों की सुरक्षित भारत वापसी की मांग की है.
ईरान में फंसे उत्तराखंड के नागरिकों की सुरक्षित वापसी हेतु पत्र प्रेषित
— Qazi Nizamuddin (@qazinizamuddin) March 2, 2026
मुख्य सचिव, उत्तराखंड सरकार को पत्र लिखकर ईरान में फंसे मंगलौर, जनपद हरिद्वार के लोगों सहित उत्तराखंड के नागरिकों की शीघ्र एवं सुरक्षित भारत वापसी की मांग की है।
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह अत्यंत… pic.twitter.com/MMMNmhd2f2
दुबई में हवाई सेवा प्रभावित होने से नहीं लौट पा रहा रामनगर का परिवार: ईरान के जवाबी हमले के बाद दुबई में हवाई सेवा प्रभावित हुई है. जिसके चलते रामनगर के रहने वाले नितिन अग्रवाल अपने परिवार के साथ दुबई में ही रुके हुए हैं. वो वापस नहीं आ पा रहे हैं. नितिन अग्रवाल ने अपने भाई नमित अग्रवाल को वाट्सएप कॉल पर बताया कि वह सुरक्षित हैं, लेकिन एयरसेवा बंद होने के कारण अभी वापस नहीं आ पा रहे हैं.

उत्तराखंड में बढ़ी बेचैनी: मिडिल ईस्ट में गूंज रहे धमाकों की आवाज भले हजारों किलोमीटर दूर हो, लेकिन उसकी चिंता उत्तराखंड के घर-घर में महसूस की जा रही है. प्रदेश के सैकड़ों परिवार इस समय अपने परिजनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं. फिलहाल, हालात पर भारत सरकार और संबंधित देशों की सरकारें नजर बनाए हुए हैं. प्रवासी भारतीयों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें.
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